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1 दिसंबर, 2020|2:13|IST

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चार बच्चियों की मौत से सदमे में घोषपुर गांव

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पूरे गांव में नहीं जला किसी के घर चूल्हा

शंंभूगंज (बांका) एक संवाददाता

प्रखंड क्षेत्र के कामतपुर पंचायत स्थित घोषपुर गांव में मंगलवार की सुबह दर्दनाक घटना हुई। जिसमें गांव के वार्ड संख्या चार की तीन एवं वार्ड संख्या पांच की एक बच्ची यानी चार बच्चियों की मंगिया बांध में नहाने के दौरान डूबने से मौत हो गई। घटना के बाद गांव में कोहराम मच गया और किसी के घर चूल्हा नहीं जले। भाई बहन का लोक पर्व करमा धरमा के उपलक्ष्य में गांव से पांच दर्जन से अधिक बच्चियां नहाय खाय को मंगिया बांध में नहाने गई थीं। जहां नहाने के दौरान करीब 20 बच्चियां बांध के गहरे पानी में डूब गई। गनिमत रही कि अधिकांश बच्चियों को डूबने से बचा लिया गया। लेकिन चार बच्चियों को जब तक ग्रामीणों ने गहरे पानी से निकालने का काम किया तब तक उक्त चारों बच्चियों ने दम तोड़ दिया था। मृतक में नेहा कुमारी, सबिता कुमारी, ताप्ती कुमारी एवं निलू कुमारी शामिल हैं। सभी बच्चियां गांव के मध्य विद्यालय घोषपुर की छात्रा थी। घटना के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। मंगलवार को इस पारंपरिक पर्व पर सभी व्रती बच्चियां अपने भाई की सलामती के लिए स्नान करने गईं थीं। जिसमें भाई ने बहन को गहरे पानी से निकालने के बाद भी नहीं बचा सकने का दंश झेल रहे हैं। वहीं चार हंसते खिलखिलाते परिवार में घटना से गांव में हाहाकार मच गया है। इस हृदय बिदारक घटना की सूचना पर एसडीपीओ डीसी श्रीवास्तव, अंचलाधिकारी अशोक कुमार सिंह एवं थानाध्यक्ष उमेश प्रसाद गांव पहुंचकर मृतक के परिजनों को इस मुसीबत की घड़ी में धैर्य से काम लेने की सांत्वना दी। तत्पश्चात शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए बांका भेज दिया गया। वहीं शंंभूगंज सीओ अशोक कुमार सिंह ने आपदा प्रबंधन विभाग से मिलने वाली सहायता राशि के लिए विभाग को सूचित कर दिया है। मंगलवार को आज मुख्य पूजनोत्सव में गांव के लोग गमगीन हैं।फोटो- 21,22,23पेज वन के लिए गई हैएक-दूसरे को बचाने में डूब गईं चारोंलोगों ने बताया कि मंगलवार सुबह बड़ी संख्या में बच्चियां नहाय खाय को लेकर गांव से करीब दो सौ मीटर दूर स्नान करने मंगिया बांध गई थीं। नहाने के दौरान पहले ताप्ती व एवं सविता गहरे पानी में चली गई। सहेली को डूबते देख नेहा व नीलू भी कूद गई। बाद में अन्य बच्चियां भी बचाने के लिए आगे बढ़ीं लेकिन सभी डूबने लगीं। यह देख अन्य सहेलियों ने चिल्लाना शुरू कर दिया। आवाज सुन बहियार में काम कर रहे किसान दौड़कर पहुंचे और डूब रही अन्नू कुमारी, मौसम कुमारी, साक्षी कुमारी, सोनाली कुमारी सहित एक दर्जन बच्चियों को बाहर निकाला। बाद में जब चारों बच्चियों को अचेतावस्था में बाहर निकाला तो चारों दम तोड़ चुकीं थीं। घटना के बाद पूरे गांव में सन्नाटा छा गया। भाई-बहन का लोक पर्व करमा-धरमा की खुशियां गम में तब्दील हो गईं।

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  • Web Title:Ghoshpur village shocked by the death of four girls