
निजी विद्यालयों में आरटीई के तहत होगा बच्चों का नामांकन
पेज तीन की लीडपेज तीन की लीड हिन्दुस्तान विशेष 286 निजी विद्यालय जिले में हैं रजिस्टर्ड नामांकन के लिए ज्ञानदीप पोर्टल पर 31 जनवरी तक
बांका, निज प्रतिनिधि। जिले में अलाभकारी समूह और कमजोर वर्ग की श्रेणी में आने वाले बच्चे भी प्राइवेट स्कूलों में शिक्षा ग्रहण कर सकते हैं। इसके लिए सरकार की ओर से शिक्षा का अधिकार (आरटीई) अधिनियम 2009 के तहत रजिस्टर्ड निजी स्कूलों में 25 फीसदी सीटों पर अलाभकारी समूह व कमजोर वर्ग के बच्चों का नि:शुल्क नामांकन लेने और उसे पढाने का प्रावधान लागू किया गया है। इसको लेकर शिक्षा विभाग की ओर से क्षेत्र के निजी स्कूलों का निबंधन कर उसकी इंट्री यू डाईस पोर्टल पर की गई है। इन स्कूलों को यूडाईस कोड भी जारी किये गये हैं। जिसके माध्यम से रजिस्टर्ड निजी स्कूलों को सरकार की योजना का लाभ दिया जा रहा है।
जिले में निबंधित निजी स्कूलों की संख्या 286 है। जो शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 के दायरे में आते हैं। अब नए शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए रजिस्टर्ड निजी स्कूलों में आरटीई के तहत पहली कक्षा में नामांकन की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। आरटीई के तहत अभिभावक जिले के रजिस्टर्ड निजी स्कूलों में के एडमिशन के लिए 31 जनवरी तक ज्ञानदीप पोर्टल के माध्यम से अपने बच्चों का ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन करा सकते हैं। रजिस्टर्ड बच्चों के सत्यापन के बाद स्कूल का आवंटन 6 फरवरी को किया जायेगा। वहीं, सत्यापन होने पर अभिभावक अपने बच्चों का नामांकन 7 से 21 फरवरी तक क्षेत्र के रजिस्टर्ड निजी स्कूलों में करा सकते हैं। रजिस्टर्ड प्राइवेट स्कूलों में एमडमिशन के लिए वैसे बच्चे रजिस्ट्रेशन करा सकते हैं, जो अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अत्यंत पिछडा वर्ग व अल्पसंख्य समूह से आते हें। कक्षा एक में नामांकन के लिए बच्चे की उम्र एक अप्रैल 2026 तक छह साल होना जरूरी है। इस मानक का पालन करने वाले बच्चों का नामांकन शिक्षा का अधिकार अधिनियम के तहत रजिस्टर्ड निजी स्कूलों में लिया जायेगा। जिले के 286 रजिस्टर्ड निजी स्कूलों में 55 हजार से अधिक बच्चे शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। इन स्कूलों में शिक्षा का अधिकार अधिनियम के तहत 25 फीसदी सीटों पर अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अत्यंत पिछडा वर्ग व अल्पसंख्य समूह के बच्चों का नामांकन पहली कक्षा में लिया जाना है। इसके लिए सरकार की ओर से ज्ञापदीप पोर्टल को खोल दिया गया है। जिससे ज्ञानदीप पोर्टल के जरिये अलाभकारी समूह व कमजोर वर्ग के अभिभावक अपने बच्चों का रजिस्ट्रेशन करा सकें। कहते हैं अधिकारी जिले में 286 रजिस्टर्ड निजी स्कूल हैं। जहां 55 हजार से अधिक बच्चे पढ रहे हैं। इन स्कूलों को किसी भी परिस्थिति में आरटीई का पालन करते हुए 25 फीसदी सीटों पर अलाभकारी समूह व कमजोर वर्ग के बच्चों का नामांकन लेना है। इसके लिए ज्ञापदीप पोर्टल खोल दिए गए हैं। जिसके माध्यम से बच्चों का रिजस्ट्रेशन किया जायेगा। वहीं, आरटीई के तहत नामांकन नहीं लेने वाले निजी स्कूलों का यूडाईस कोड रद्द करते हुए उसे सरकार की योजनाओं से वंचित कर दिया जाएगा। राज कुमार राजू, डीपीओ, एसएसए, बांका।

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