
बांका सदर अस्पताल में कैंसर मरीजों को बड़ी राहत, शुरू हुआ डे केयर सेंटर
पेज तीन की लीडपेज तीन की लीड जल्द मिलेगी मुफ्त कीमोथेरेपी की सुविधा बांका, निज संवाददाता। बांका जिले के कैंसर से पीड़ित मरीजों के
बांका, निज संवाददाता। बांका जिले के कैंसर से पीड़ित मरीजों के लिए राहत भरी खबर है। बांका सदर अस्पताल के कैंसर केंद्र में सुविधाओं का लगातार विस्तार किया जा रहा है, जिससे अब मरीजों को इलाज के लिए बाहर के बड़े शहरों की दौड़ नहीं लगानी पड़ेगी। हाल ही में सदर अस्पताल के नए ओपीडी भवन के दूसरे तल पर कैंसर डे केयर सेंटर की शुरुआत कर दी गई है। फिलहाल डे केयर सेंटर में आधा दर्जन कर्मियों की तैनाती की गई है। गैर संचारी रोग पदाधिकारी डॉ. विजय कुमार ने बताया कि जल्द ही स्टाफ की संख्या और बढ़ेगी। वर्तमान में कई कर्मी प्रशिक्षण में हैं, जिनके ट्रेनिंग पूरी करते ही यहां योगदान देने की संभावना है।
सदर अस्पताल के कैंसर विभाग की दो टीम रोजाना मरीजों की स्क्रीनिंग कर रही हैं। स्क्रीनिंग के दौरान ओरल, सर्वाइकल और ब्रेस्ट कैंसर के लक्षण पाए जाने पर मरीजों की बायोप्सी जांच की जा रही है। पहले जहां केवल ओरल और सर्वाइकल कैंसर की बायोप्सी होती थी, वहीं अब स्तन कैंसर की बायोप्सी जांच भी शुरू हो चुकी है। सबसे अहम बात यह है कि जिस बायोप्सी जांच के लिए निजी अस्पतालों या पैथोलॉजी सेंटरों में 15 से 20 हजार रुपये तक खर्च करने पड़ते थे, वही जांच अब सदर अस्पताल में महज 550 रुपये में सरकारी अनुदानित दर पर उपलब्ध है। इससे गरीब और मध्यमवर्गीय मरीजों को बड़ी राहत मिल रही है। ब्रेस्ट कैंसर की बायोप्सी की सुविधा शुरू होने से अब मरीजों को भागलपुर या मुजफ्फरपुर नहीं जाना पड़ रहा है। डे केयर सेंटर में उन मरीजों को भी राहत दी जा रही है, जो कैंसर की अंतिम अवस्था में पहुंच चुके हैं। कैंसर विशेषज्ञ डॉ. रागिनी कुमारी ने बताया कि ऐसे मरीजों को यहां पैलियेटिव ट्रीटमेंट दिया जाता है, जिसमें दर्द, थकान, सांस फूलना, उल्टी, कब्ज जैसी परेशानियों से राहत दिलाने के लिए दवाइयां दी जाती हैं। साथ ही मरीजों को मानसिक और भावनात्मक संबल देने के लिए काउंसिलिंग की सुविधा भी उपलब्ध कराई जा रही है। वहीं सिविल सर्जन डॉ. जितेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि होमी भाभा कैंसर एंड रिसर्च सेंटर के सहयोग से सदर अस्पताल के डे केयर सेंटर में जल्द ही मुफ्त कीमोथेरेपी की सुविधा शुरू की जाएगी। इसकी तैयारी अंतिम चरण में है और अगले 45 से 60 दिनों के भीतर यह सेवा शुरू होने की संभावना है।उन्होंने बताया कि बाहर निजी अस्पतालों में कीमोथेरेपी के एक चक्र पर 40 से 60 हजार रुपये या उससे अधिक खर्च आता है, जबकि एक मरीज को इलाज के दौरान कम से कम 4 से 6 चक्र कीमोथेरेपी करानी पड़ती है। ऐसे में सदर अस्पताल में यह सुविधा निःशुल्क मिलने से कैंसर मरीजों को आर्थिक बोझ से बड़ी राहत मिलेगी और कोई भी मरीज पैसे के अभाव में इलाज से वंचित नहीं रहेगा।कुल मिलाकर, बांका सदर अस्पताल में कैंसर उपचार सुविधाओं का विस्तार जिले के स्वास्थ्य क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है।

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