
निर्वाचन व्यय के लिए प्रत्याशियों को खोलना होगा अलग बैंक खाता
संक्षेप: पेज तीन की लीडपेज तीन की लीड चुनाव में अभ्यर्थियों की व्यय सीमा 40 लाख रूपये की गई है निर्धारित 10 हजार से अधिक नगद राशि नहीं कर स
बांका, निज प्रतिनिधि। आदर्श आचार संहिता के दायरे में विधानसभा चुनाव संपन्न कराने के लिए अभ्यर्थी व्यय लेखा अनुश्रवण कोषांग के तहत व्यय प्रेक्षक के अलावे 5 सहायक व्यय प्रेक्षक व 5 लेखा दल का गठन किया गया है। यहां पांचों विधानसभा क्षेत्र के लिए एक-एक सहायक व्यय प्रेक्षक एवं एक-एक लेखा दल तैनात किए गए हैं। भारत निर्वाचन आयोग की ओर से समय-समय पर जारी दिशा-निर्देश के तहत आदर्श आचार संहिता को पारदर्शी व निष्पक्ष तरीके से अनुपालन को लेकर अभ्यर्थी को निर्वाचन व्यय के लिए अलग बैंक खाता खोलना अनिवार्य होगा। इस खाते से ही सभी लेन-देन किए जाएंगे।

जिससे व्यय की निगरानी सरल और पारदर्शी हो सके। चुनाव में अभ्यर्थियों की व्यय सीमा 40 लाख रूपये निर्धारित की गई है। प्रत्येक प्रत्याशी को निर्वाचन अभियान में अधिकतम 40 लाख रूपये तक ही व्यय करने की अनुमति होगी। इस सीमा से अधिक व्यय करने पर निर्वाचन आयोग की ओर से कार्रवाई की जाएगी। वहीं, प्रत्याशी चुनाव के समस्त व्यय समर्पित खाते से ही निर्वाचन खाते में जमा करेंगे। उसके बाद प्रत्याशी को यह सुनिश्चित करना होगा कि सभी धनराशि पहले ही उस खाते में व्यय किया गया है। इसे अलावे अन्य किसी खाते या नगद राशि से व्यय करना प्रतिबंधित होगा। निर्वाचन अवधि में किसी प्रत्याशी की ओर से कुल नगद व्यय दस हजार से अधिक नहीं किया जा सकेगा। चुनाव में सभी प्रमुख खर्चे डिजिटल माध्यम या बैंकिंग प्रणाली से ही की जाएगी। राजनीतिक दान की नगद सीमा दो हजार तक ही समिति है। किसी भी प्रत्याशी को दो हजार से अधिक की नगद राशि राजनीतिक दान के रूप में प्राप्त नहीं करनी होगी। दो हजार से अधिक के दान केवल बैंकिंग चैनल के माध्यम से स्वीकार किए जा सकेंगे। चुनाव में अभ्यर्थी को स्वयं या प्राधिकृत व्यक्ति से व्यय प्रेक्षक के समक्ष कम से कम तीन बार खर्च का ब्योरा पेश करना होगा। इसके लिए अभ्यर्थियों को निर्वाचन आयोग के चुनाव व्यय से संबंधित अनुदेशों की जानकारी दी जा रही है। जिससे चुनाव व्यय से संबंधित अनुदेशों का सही से पालन किया जा सके।

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