Hindi NewsBihar NewsBanka NewsDevotees Enthusiastically Celebrate Kali Puja with Preparations and Cultural Events
काली पूजा की तैयारी पूरी, आज रात माता का खुलेगा पट

काली पूजा की तैयारी पूरी, आज रात माता का खुलेगा पट

संक्षेप: जिलेभर में श्रद्धा का माहौल, मंदिरों में विशेष सजावट व सुरक्षा के कड़े इंतज़ाम जिलेभर में श्रद्धा का माहौल, मंदिरों में विशेष सजावट व सुरक्षा के कड़

Mon, 20 Oct 2025 01:37 AMNewswrap हिन्दुस्तान, बांका
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बांका, नगर प्रतिनिधि-: आज रात काली माता की पूजा पूरे श्रद्धा और भक्ति भाव के साथ की जाएगी। काली पूजन के इस पावन अवसर पर भक्तों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है। शहर के प्रमुख मंदिरों में व्यापक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं, वहीं श्रद्धालु अपने घरों में भी मां काली की आराधना के लिए भक्ति-भाव से जुटे हैं।काली पूजा विशेष रूप से बंगाली समुदाय में, दीपावली की रात को की जाती है, यह पूजा देवी के रौद्र रूप की साधना का प्रतीक मानी जाती है, जिसमें बुराई पर अच्छाई की विजय, और शक्ति की आराधना की जाती है।

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मंदिरों में भव्य सजावट और विशेष अनुष्ठान शहर के प्रमुख काली मंदिरों को फूलों, रंग-बिरंगी रोशनी, और दीपों से सजाया गया है। पुजारियों द्वारा कलश स्थापना, मां की मूर्ति का विशेष श्रृंगार और रात्रि जागरण की तैयारियां भी पूरी हो चुकी हैं। आज जिले के मंदिरों में विशेष रूप से तांत्रिक रीति-रिवाज से पूजा-पाठ का आयोजन होगा। जबकि आज रात 12 बजे विशेष तंत्रोक्त विधि से मां काली की पूजा की जाएगी। इसके तहत मां को गुड़हल के फूल, नींबू, काले तिल, और खास भोग अर्पित किए जाएंगे। रात्रि को साधना का समय माना जाता है, इसलिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु तंत्र-साधना व ध्यान में लीन रहेंगे। घरों में भी पूजा की धूम मां काली की उपासना सिर्फ मंदिरों तक सीमित नहीं है। शहर के कई श्रद्धालु अपने घरों में भी मां काली की पूजा की तैयारियों में लगे हुए हैं। घरों में विशेष साफ-सफाई, अलकापुरी श्रृंगार, पूजा थाल सजाना, मंत्र जाप और दीप प्रज्वलन जैसे कार्य दिन भर चलते रहेंगे। इससे घर में सकारात्मक ऊर्जा आती है और हर संकट से रक्षा होती है। आज रात हम परिवार के सभी सदस्य मिलकर मां को लाल फूल, नारियल, काले तिल और मीठा भोग अर्पित करेंगे। प्रशासन ने किए सुरक्षा के पुख्ता इंतज़ाम जहां एक ओर धार्मिक उत्सव की धूम है, वहीं प्रशासन भी सतर्क नजर आ रहा है। शहर के भीड़भाड़ वाले मंदिरों के बाहर सुरक्षा बल तैनात कर दिए गए हैं। सीसीटीवी कैमरों की जांच लगातार की जा रही है। ताकि किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके।ज्ञात हो कि, काली पूजा के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु एकत्रित होते हैं, इसलिए पूजा के समय विशेष सुरक्षा व्यवस्था आवश्यक है। जबकि फायर ब्रिगेड और एंबुलेंस की टीमों को भी स्टैंडबाय में रखा गया है। धार्मिक आयोजनों के साथ-साथ सांस्कृतिक कार्यक्रम भी कई स्थानों पर काली पूजा के साथ सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी आयोजन किया गया है। भक्ति संगीत, काली कथा, नृत्य नाटिका और भव्य आरती के ज़रिए श्रद्धालु पूरे दिन और रात मां के भक्ति में लीन रहेंगे। काली पूजा का महत्व मां काली को शक्ति की देवी माना जाता है। वे बुराई का नाश करने वाली, काल का नियंत्रण करने वाली और साधकों को भयमुक्त करने वाली देवी हैं। काली पूजा विशेष रूप से उन लोगों के लिए महत्वपूर्ण मानी जाती है जो तंत्र साधना, आत्मिक जागरण और जीवन में उन्नति के इच्छुक होते हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, मां काली की पूजा रात्रि में की जाती है क्योंकि यही समय तामसिक शक्तियों के जाग्रत होने का होता है, और मां उन पर नियंत्रण रखती हैं। इसलिए यह पूजा न केवल भक्ति भाव से की जाती है, बल्कि सुरक्षा, शक्ति और आत्मशुद्धि की भावना से भी जुड़ी होती है। आज की रात न केवल पूजा की रात है, बल्कि शक्ति, भक्ति और साधना की पराकाष्ठा की रात भी है। भक्तों का उत्साह, मंदिरों की सजावट, मंत्रों की गूंज और मां काली की महिमा से आज का वातावरण अलौकिक और दिव्य बना हुआ है।श्रद्धालुओं को मां काली की कृपा से जीवन में सुख, शांति और सफलता प्राप्त हो यही सभी की कामना है।