विभागीय उदासीनता का दंश झेल रहा तेलिया पंचायत का नव सृजित प्राथमिक विद्यालय महुआडीह
विद्यालय गेट के समीप टूटे पुलिया के कारण देश के भविष्य को है गड्ढे में गिरने का डरउपयोग विद्यालय के पुराने भवन का जर्जर होने के चलते विद्यालय प्रबं

बांका, नगर प्रतिनिधि जिले के तेलिया पंचायत स्थित नवसृजित प्राथमिक विद्यालय महुआडीह इन दिनों विभागीय उदासीनता का दंश लगातार झेलता आ रहा है। वर्ष 2010 से संचालित इस विद्यालय में पढ़ने वाले बच्चों को मूलभूत सुविधाओं के अभाव में कठिन परिस्थितियों में शिक्षा ग्रहण करनी पड़ रही है। विद्यालय के मुख्य गेट के समीप बनी पुलिया पिछले चार वर्षों से टूटी हुई है, जिससे बच्चों और अभिभावकों में हमेशा दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। जबकि बरसात के दिनों में स्थिति और भी भयावह हो जाती है। स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि, कई बार विभागीय अधिकारियों एवं जनप्रतिनिधियों को इसकी जानकारी दी गई, लेकिन अब तक कोई ठोस पहल नहीं हुई। वहीं विद्यालय में चारदीवारी नहीं होने के कारण परिसर पूरी तरह असुरक्षित बना हुआ है।
विद्यालय की समस्याएँ
ग्रामीणों के अनुसार शाम होते ही असामाजिक तत्व विद्यालय परिसर में प्रवेश कर जाते हैं, जिससे विद्यालय की संपत्ति को नुकसान पहुंचने का खतरा हमेशा बना रहता है। साथ ही पंचायत चुनाव के दौरान इस विद्यालय को मतदान केंद्र के रूप में भी उपयोग किया जाता है, बावजूद इसके सुरक्षा और आधारभूत संरचना को लेकर प्रशासन गंभीर नजर नहीं आता दिख रहा है। करीब 9 कट्ठा जमीन में बने इस विद्यालय में महुआडीह एवं सुरकोल गांव के लगभग 110 बच्चों का नामांकन है। विद्यालय में पांच कक्षाओं का संचालन मात्र तीन शिक्षकों के भरोसे किया जा रहा है। शिक्षकों की कमी के कारण कई बार एक साथ दो-दो कक्षाएं चलानी पड़ती हैं। इससे बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। जबकि विद्यालय का पुराना भवन भी जर्जर अवस्था में पहुंच चुका है। छत और दीवारों में दरारें आने के कारण विद्यालय प्रशासन बच्चों को वहां बैठाकर पढ़ाने से कतराता है। सुरक्षा की दृष्टि से कई कक्षाओं का संचालन वैकल्पिक व्यवस्था के तहत किया जा रहा है। अभिभावकों का कहना है कि, बच्चों की जान जोखिम में डालकर पढ़ाई कराना मजबूरी बन चुकी है। इधर कई ग्रामीणों ने जिला प्रशासन एवं शिक्षा विभाग से विद्यालय की टूटी पुलिया की मरम्मत, चारदीवारी निर्माण, अतिरिक्त शिक्षकों की नियुक्ति तथा नए भवन निर्माण की मांग की है। उनका कहना है कि, यदि समय रहते आवश्यक कदम नहीं उठाए गए तो किसी दिन बड़ा हादसा हो सकता है।
क्या कहते हैं जिम्मेदार?
नवसृजित प्राथमिक विद्यालय महुआडीह की समस्याओं की जानकारी प्राप्त हुई है। साथ ही विद्यालय प्रशासन को आवश्यक प्रस्ताव विभाग को भेजने का निर्देश दिया गया है। विद्यालय भवन, टूटी पुलिया एवं चारदीवारी से संबंधित मामले की जांच कराई जाएगी। बच्चों की सुरक्षा और बेहतर शैक्षणिक वातावरण सुनिश्चित करने हेतु शीघ्र आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
देवनारायण पंडित ,जिला शिक्षा पदाधिकारी, बांका
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