वैक्सीन लेने के तीन दिनों बाद पांच माह के मासूम बच्चे की मौत, मृत बच्चे के साथ परिजन पहुंचे अस्पताल।
रजौन थाना क्षेत्र के बखड्डा गांव के मासूम को मिर्जापुर आंगनबाड़ी में बुधवार को पड़ा था दूसरा डोज।रजौन थाना क्षेत्र के बखड्डा गांव के मासूम को मिर्जापु

रजौन(बांका)। निज संवाददाता स्वास्थ्य केंद्रों में नियमित टीकाकरण कार्य के रख-रखाव पर एक बार फिर सवालिया निशान खड़ा हो गया है। इसी बुधवार को मिर्जापुर आंगनबाड़ी केंद्र में मिर्जापुर निवासी मनमोहन हरिजन का 5 माह का मासूम नाती को वैक्सीन का दूसरा डोज पड़ा था। शनिवार को उसकी मौत होने के बाद परिजनों ने वैक्सीन के पारदर्शिता पर ही सवालिया निशान उठाते हुए रजौन सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर मासूम बच्चे के शव के साथ ही पहुंच गए। कुछ देर के लिए माहौल गरम भी हो गया। बचे के पिता बखड्डा निवासी पवन कुमार दास एवं रिंकू कुमारी का रो रोकर बुरा हाल भी था।
इधर प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ ब्रजेश कुमार ने पहल कर माहौल को शांत कराया। बताया जा रहा है कि 5 माह के मासूम को 11 फरवरी को मिर्जापुर आंगनबाड़ी केंद्र में जांघ में टिका पड़ा था, जिसके बाद बुखार हुआ था। बुखार होने के बाद उसे हॉस्पिटल से ही मिला बुखार का डोज भी दिया गया था, लेकिन शनिवार की सुबह बच्चे ने दम तोड़ दिया। इसके पूर्व फुल्लीडुमर में भी वैक्सीन लेने के बाद एक मासूम की मौत होने के आरोप में हंगामा हो चुकी है। कोट: मृत बच्चे को लेकर परिजन स्वास्थ्य केंद्र आए थे, लेकिन वैक्सीन के डोज से मौत को जोड़ना पूरी तरह गलत है, इसी वैक्सीन के फाइल से अन्य बच्चों को भी वैक्सीन पड़ा है, और सभी स्वस्थ्य है। इस बच्चे को पूर्व में भी पहला डोज पड़ा था। वेक्सिनेशन में पूरी पारदर्शिता बरती जा रही है। वैक्सीन से मौत होने की बात निराधार है। डॉ ब्रजेश कुमार प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी, रजौन
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