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वारसावाद दुर्गा मंदिर में 1998 से हो रही शारदीय नवरात्र

वारसावाद दुर्गा मंदिर में 1998 से हो रही शारदीय नवरात्र

संक्षेप:

शंभूगंज (बांका) एक संवाददाता शंभूगंज (बांका) एक संवाददाता शंभूगंज के वारसावाद दुर्गा मंदिर में 1998 से धूमधाम से हो रही है पूजा अर्चना। शारदीय नवरात्

Sep 14, 2025 03:46 am ISTNewswrap हिन्दुस्तान, बांका
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शंभूगंज (बांका), एक संवाददाता। शंभूगंज के वारसावाद दुर्गा मंदिर में 1998 से धूमधाम से हो रही है पूजा अर्चना। शारदीय नवरात्र में दुर्गा सप्तशती पाठ से माहौल भक्तिमय बना रहता है। इस दौरान गांव के बुजुर्गो से लेकर छोटे - छोटे बच्चों में एकता और खुशी की लहर दौड़ पड़ती है। मंदिर प्रबंधन समिति के अध्यक्ष भूषण यादव ने बताया कि गांव के सभी लोगों के सहयोग से दुर्गा मंदिर में पूजा-पाठ का खर्च किया जाता है। बताया कि इसके पूर्व ग्रामीणों को मां दुर्गा का दर्शन करने दूर जाना पड़ता था। गांव में शक्ति की देवी की स्थापना के लिए ग्रामीणों ने आपस में निर्णय लिया।

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इसके बाद विगत 28 वर्षों से श्रीश्री 108 दुर्गा मंदिर वारसावाद आस्था का केंद्र बिंदु बना हुआ है। मंदिर के सचिव चंदन कुमार, कोषाध्यक्ष दिवाकर यादव सहित अन्य लोगों ने बताया कि ग्रामीणों द्वारा आपस में चंदा इकट्ठा कर मंदिर का भव्य निर्माण कार्य पूरा हुआ। शारदीय नवरात्र में प्रत्येक वर्ष मां दुर्गे की प्रतिमा स्थापित कर हर्षोल्लास पूर्वक पूजा अर्चना की जा रही है। मंदिर के पूजारी दिवाकर यादव द्वारा सालों भर प्रतिदिन नियम निष्ठा से मां की भक्ति आराधना की जाती है। वहीं मंदिर परिसर की साफ-सफाई का पूरा ध्यान रखा जाता है। मंदिर के पंडित ज्योतिष झा ने बताया कि मां की महिमा अपरम्पार है। मां की चौखट पर सच्चे दिलों से मांगी गई हर मुरादें पूरी होती है। पंडित द्वारा दुर्गा सप्तशती पाठ से गांव के अलावा अड़ोस-पड़ोस के गांवों में भक्ति की बयार बहती है। मंदिर प्रबंधन समिति के सदस्य पप्पू यादव, लालू यादव सहित ग्रामीण रघुनंदन प्रसाद सिंह, बाल्मिकी यादव, अशोक कुमार सिंह, जितेंद्र यादव अन्य लोगों ने बताया कि गांव में दुर्गा मंदिर की स्थापना के बाद ग्रामीणों के बीच आपस में सुख-शांति बनी हुई है। एक सप्ताह के बाद दुर्गा पूजा प्रारंभ हो जाएगा। इस खुशी में गांव के छोटे-छोटे बच्चों द्वारा खुशी का इजहार किया जा रहा है।