ग्रामीण इलाकों में पारंपरिक होली गीतों की धूम, ढोलक-झाल पर थिरके लोग
बांका एक संवाददाता प्रखंड क्षेत्र के ग्रामीण इलाकों में इन दिनों होली का रंग पूरी तरह चढ़ने लगा है। गांवों में समाज के दर्जनों ग्रामीण एक जगह जुटकर

बांका, एक संवाददाता। प्रखंड क्षेत्र के ग्रामीण इलाकों में इन दिनों होली का रंग पूरी तरह चढ़ने लगा है। गांवों में समाज के दर्जनों ग्रामीण एक जगह जुटकर पारंपरिक होली गीतों का आनंद ले रहे हैं। शाम ढलते ही चौपाल और मंदिर प्रांगण में लोगों की भीड़ लग जाती है, जहां ढोलक और झाल की थाप पर फगुआ गाया जाता है। बुजुर्गों से लेकर युवाओं तक सभी पूरे उत्साह के साथ नाचते-गाते नजर आते हैं। ग्रामीण बताते हैं कि यह परंपरा वर्षों से चली आ रही है, जो आपसी भाईचारे और सामाजिक एकता को मजबूत करती है। होली गीतों में राधा-कृष्ण की लीलाओं के साथ-साथ सामाजिक संदेश भी पिरोए जाते हैं।
महिलाएं भी समूह बनाकर फगुआ गाती हैं। रंगों के इस त्योहार से पहले गांवों में सांस्कृतिक माहौल पूरी तरह जीवंत हो उठा है, जिससे पूरे क्षेत्र में उत्सव जैसा वातावरण बना हुआ है।
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