Banka News: हिंदी दिवस पर मंदार प्रगति सेवा फाउंडेशन का वार्षिक समारोह आयोजित
Banka News: शिक्षा के साथ संस्कार और कौशल को बढ़ावा देने पर जोर, मेधावी छात्र व शिक्षक हुए सम्मानितशिक्षा के साथ संस्कार और कौशल को बढ़ावा देने पर जोर, मेधावी छात

Banka News: कटोरिया (बांका), निज प्रतिनिधि। हिंदी दिवस के अवसर पर मंदार प्रगति सेवा फाउंडेशन का वार्षिक समारोह सोमवार को कटोरिया हाई स्कूल मैदान में उत्साह और गरिमापूर्ण माहौल में आयोजित किया गया। समारोह में शिक्षा, स्वास्थ्य, सामाजिक जागरूकता एवं युवाओं के विकास को लेकर विस्तार से चर्चा की गई। कार्यक्रम में विभिन्न क्षेत्रों में बेहतर कार्य करने वाले लोगों और विद्यार्थियों को सम्मानित कर उनका उत्साह बढ़ाया गया। समारोह में विशिष्ट अतिथि के रूप में समाजसेवी गोल्डन दास उपस्थित रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता पूर्व उपप्रमुख बालेश्वर दास ने की। मौके पर जनप्रतिनिधि, समाजसेवी, शिक्षक, अभिभावक, छात्र-छात्राओं सहित बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौजूद थे।
विद्यार्थियों की प्रतियोगिता
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों के लिए दो वर्गों में शैक्षणिक टेस्ट प्रतियोगिता आयोजित की गई। कक्षा पांच से आठ तथा कक्षा नौ से 12वीं तक के विद्यार्थियों ने प्रतियोगिता में उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया। बेहतर प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। फाउंडेशन की ओर से शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले शिक्षकों तथा सामाजिक क्षेत्र में बेहतर कार्य करने वाले लोगों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।
शिक्षा का महत्व
इस दौरान वक्ताओं ने कहा कि बच्चों को केवल किताबी ज्ञान तक सीमित रखने के बजाय उन्हें संस्कार, अनुशासन और व्यावहारिक कौशल से जोड़ना जरूरी है। समारोह को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि किसी भी समाज के विकास की मजबूत नींव शिक्षा है। आर्थिक रूप से कमजोर और जरूरतमंद बच्चों को बेहतर शैक्षणिक अवसर उपलब्ध कराना समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। फाउंडेशन ने शिक्षा को गांव-गांव तक पहुंचाने तथा बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए निरंतर प्रयास करने का संकल्प दोहराया। कार्यक्रम को सफल बनाने में शिक्षाविद् भीष्म नारायण, विजय आनंद, पैक्स अध्यक्ष फकरे आलम, बजरंगी भारती, मुन्ना कुमार, तारा टुनटुन दास, संजय भारती, अरविंद कुमार, सहीम उद्दीन, मीर अख्तर, पंकज कुमार आदि का सराहनीय भूमिका रही。


