बांका के पांच थानों में ढाई करोड़ की लागत से बन रही है दो मंजिला मॉडल महिला बैरक
पेज तीन की लीडपेज तीन की लीड अच्छी खबर बांका में महिला पुलिसकर्मियों के लिए आधुनिक बैरकों का निर्माण कार्य तेज, अगले 120 दिनों में

बांका, निज संवाददाता। बांका जिले में महिला पुलिसकर्मियों को सुरक्षित, सम्मानजनक और सुविधाजनक आवास उपलब्ध कराने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए बिहार पुलिस भवन निर्माण निगम (बीपीबीसीसी) द्वारा महिला बैरकों के निर्माण का कार्य तेजी से कराया जा रहा है। बांका जिले के धोरैया, अमरपुर, कटोरिया, चांदन और फुल्लीडुमर थाना परिसरों में 20-20 बेड की क्षमता वाले जी 1 (दो मंजिला) मॉडल महिला बैरकों का निर्माण कार्य प्रगति पर है। इन बैरकों का निर्माण कार्य स्वीकृति के बाद अलग अलग संवेदकों के माध्यम से कराया जा रहा है। प्रत्येक भवन की अनुमानित लागत लगभग 50 लाख रुपये है। जिले में कुल पांच स्थानों पर निर्माणाधीन ये भवन अगले 120 दिनों यानी करीब चार महीनों में बनकर रेडी टू हैंडओवर हो जाएंगे, जिसके बाद महिला पुलिसकर्मी इनका उपयोग कर सकेंगी।
नवनिर्मित बैरकों में महिला पुलिसकर्मियों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए आधुनिक सुविधाएं दी जा रही हैं। इनमें रहने के कमरे, डाइनिंग एरिया, एक सामूहिक किचन, चार स्नानागार और शौचालय की व्यवस्था है।बीपीबीसीसी के एसडीओ शशि शेखर ने बताया कि सभी निर्माण स्थलों पर सामग्री की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है तथा समय पर सीपेज ट्रीटमेंट और ढलाई की पॉन्डिंग अनिवार्य रूप से कराई जा रही है। निगम के अधिकारी नियमित रूप से निर्माण कार्यों का निरीक्षण भी कर रहे हैं। मालूम होकि बांका जिले के कई थानों में अब तक महिला बैरक के अभाव में महिला और पुरुष पुलिसकर्मियों को एक ही भवन में रहना पड़ता है । कई जगहों पर जगह की कमी के कारण पुलिसकर्मियों को निजी डेरा लेकर रहना मजबूरी बन गई थी, जो न तो पूरी तरह सुरक्षित थी और न ही सम्मानजनक। खासकर ग्रामीण इलाकों में महिला पुलिसकर्मियों की तैनाती प्रभावी होने के बावजूद आवासीय सुविधाओं की कमी एक बड़ी चुनौती रही है। जिसको ध्यान में रखते हुए बैरकों के निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और प्रगति की निगरानी भागलपुर प्रमंडल के डीआईजी और बांका के एसपी द्वारा समय-समय पर की जा रही है।जिला पुलिस प्रशासन का मानना है कि इन बैरकों के बन जाने से न केवल महिला पुलिसकर्मियों की समस्याएं दूर होंगी, बल्कि जिले में महिला पुलिस के सशक्तिकरण के साथ ही कानून-व्यवस्था को और प्रभावी ढंग से लागू करने में भी मदद मिलेगी। कहते हैं अधिकारी महिला पुलिसकर्मियों की सुरक्षा, सम्मान और कार्यक्षमता हमारे लिए सर्वोच्च प्राथमिकता है। अलग और सुविधायुक्त महिला बैरक के निर्माण से उन्हें बेहतर कार्य वातावरण मिलेगा। यह पहल महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक ठोस कदम है और इससे पुलिसिंग व्यवस्था भी और मजबूत होगी। उपेंद्रनाथ वर्मा, पुलिस अधीक्षक, बांका

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