डीएम, एसपी से लेकर प्रखंडों तक पदाधिकारियों ने सुनी लोगों की समस्या
डीएम, एसपी से लेकर प्रखंडों तक पदाधिकारियों ने सुनी लोगों की समस्याडीएम, एसपी से लेकर प्रखंडों तक पदाधिकारियों ने सुनी लोगों की समस्या पांच जगह पांच र

बांका, नगर प्रतिनिधि। बिहार सरकार के सात निश्चय-3 के अंतर्गत सातवें निश्चय “सबका सम्मान-जीवन आसान (ईजी ऑफ लिविंग)” के उद्देश्यों के अनुरूप प्रशासनिक व्यवस्था को अधिक सुदृढ़, संवेदनशील एवं जवाबदेह बनाए जाने के क्रम में जिला प्रशासन, बाँका द्वारा सोमवार से पूरे जिले के सभी सरकारी कार्यालयों में यह व्यवस्था लागू कर दी गई है। इस पहल का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि जिले के आम नागरिकों को सरकारी कार्यालयों से संबंधित कार्यों के निष्पादन में किसी प्रकार की कठिनाई अथवा असुविधा का सामना न करना पड़े। डीएम के निर्देश पर सभी सरकारी कार्यालयों में संबंधित पदाधिकारियों ने आए हुए लोगों की समस्याओं को सुना तथा उसके निदान के लिए आश्वासन दिया।
हांलाकि प्रथम दिन होने के कारण कुछ कार्यालयों में लोग जानकारी के अभाव में पहुंच नहीं पाए जिसकारण वैसे कार्यालय सुना पड़ा रहा। हिन्दुस्तान टीम ने जिले के पांच कार्यालयों का जायजा लिया। जिले में आमजन की समस्याओं के त्वरित समाधान के उद्देश्य से सोमवार को जिलाधिकारी द्वारा जनसंवाद कार्यक्रम की शुरुआत की गई। यह कार्यक्रम प्रत्येक सोमवारीय समीक्षा बैठक के उपरांत करीब 12 बजे से आयोजित किया गया, जिसमें जिले के विभिन्न प्रखंडों से आए लोगों ने अपनी समस्याएं सीधे जिलाधिकारी के समक्ष रखीं। यह व्यवस्था मुख्यमंत्री सात निश्चय-3 के अंतर्गत “सबका सम्मान, जीवन आसान” अभियान के तहत सोमवार से लागू की गई है। जनसंवाद कार्यक्रम के दौरान शिक्षा, स्वास्थ्य, राजस्व, सामाजिक सुरक्षा, सड़क, आवास एवं राशन से जुड़ी समस्याएं प्रमुख रूप से सामने आईं। जिलाधिकारी ने एक-एक कर सभी फरियादियों की बात ध्यानपूर्वक सुनी और संबंधित विभागीय अधिकारियों को कई मामलों में मौके पर ही आवश्यक निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने कहा कि जनसंवाद कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य आम लोगों को अपनी बात कहने के लिए सरल और सम्मानजनक मंच उपलब्ध कराना है। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्राप्त शिकायतों का समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निष्पादन सुनिश्चित किया जाएगा। लंबित मामलों की नियमित समीक्षा भी की जाएगी ताकि लोगों को बार-बार कार्यालयों का चक्कर न लगाना पड़े। वहीं जनसंवाद कार्यक्रम से आमजन में सकारात्मक संदेश गया है और लोगों ने प्रशासन की इस पहल का स्वागत किया है। जिले में इस व्यवस्था के लागू होने से प्रशासन और जनता के बीच संवाद और विश्वास और अधिक मजबूत होने की उम्मीद है। यह कार्यक्रम हर सोमवार व शुक्रवार को पंचायत से लेकर जिला मुख्यालय तक के सभी सरकारी कार्यालय में आयोजित किया जाएगा। मुख्यमंत्री सात निश्चय-3 के अंतर्गत “सबका सम्मान, जीवन आसान” अभियान के तहत सोमवार से जनसंवाद कार्यक्रम की शुरुआत की गई। इसी क्रम में जिला मुख्यालय पर आयोजित जनसंवाद कार्यक्रम में पुलिस अधीक्षक उपेन्द्रनाथ वर्मा ने दिनभर आमजनों की समस्याएं गंभीरता से सुनीं और त्वरित समाधान का आश्वासन दिया। जनसंवाद के दौरान भूमि विवाद, घरेलू हिंसा, साइबर अपराध, सड़क सुरक्षा, अवैध शराब बिक्री, थाना स्तर पर लंबित मामलों और पुलिस व्यवहार से जुड़ी शिकायतें सामने आईं। इस दौरान पुलिस अधीक्षक ने प्रत्येक फरियादी की बात ध्यानपूर्वक सुनी और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। जबकि कई मामलों में उनके द्वारा मौके पर ही संबंधित थाना प्रभारी को कार्रवाई के आदेश दिए गए। पुलिस अधीक्षक ने कहा कि मुख्यमंत्री सात निश्चय-3 का उद्देश्य शासन और आम जनता के बीच विश्वास को मजबूत करना है। “सबका सम्मान, जीवन आसान” के तहत पुलिस प्रशासन पारदर्शिता, संवेदनशीलता और जवाबदेही के साथ कार्य कर रहा है। उन्होंने आमजन से अपील की कि वे अपनी समस्याओं को बिना संकोच साझा करें और कानून व्यवस्था बनाए रखने में पुलिस का सहयोग करें। कार्यक्रम के अंत में लोगों ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि जनसंवाद से उनकी समस्याओं को सीधे अधिकारियों तक पहुंचाने का अवसर मिला है, जिससे न्याय की उम्मीद बढ़ी।
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