बांका सदर अस्पताल बनेगा विशिष्ट चिकित्सा केंद्र

Jan 16, 2026 01:17 am ISTNewswrap हिन्दुस्तान, बांका
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हिन्दुस्तान विशेषहिन्दुस्तान विशेष सात निश्चय पार्ट- 3 कार्यक्रम के तहत की जा रही पहल सदर अस्पताल को किया गया है टीटी (ट्रॉमा ट्रीटमेंट) नोटिफाइड गंभी

बांका सदर अस्पताल बनेगा विशिष्ट चिकित्सा केंद्र

बांका, निज प्रतिनिधि। बिहार सरकार की महत्वाकांक्षी योजना सात निश्चय-3 (2025-2030) के तहत सूबे में स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ करने की दिशा में बडा कदम उठाया गया है। इसके पहले फेज में बांका सहित राज्य के 11 जिला अस्पतालों को विशिष्ट चिकित्सा केंद्र (सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल) के रूप में विकसित एवं क्रियाशील किया जाएगा। इसके लिए बांका सदर अस्पताल को सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल में अपग्रेड किया गया है। जिससे लोगों को बेहतर और विशिष्ट चिकित्सा सेवाएं मिल सके। यह योजना सरकार के सात निश्चय पार्ट 3 कार्यक्रम का हिस्सा है। इसको लेकर राज्य स्वास्थ्य समिति बिहार ने सिविल सर्जन-स सदस्य सचिव एवं जिला प्रबंधक को पत्र के जरिये आवश्यक निर्देश जारी किए हैं।

जिसमें कि चयनित स्वास्थ्य संस्थानों में प्रसूति शल्य कक्ष की उपलब्धता, आवश्यक उपकरण, संसाधन एवं आधारभूत संरचना की विस्तृत जानकारी निर्धारित चेकलिस्ट के माध्यम से मांगी गई है। राज्य स्वास्थ्य समिति ने स्पष्ट किया है कि संबंधित जिला अस्पतालों में सीएस स्वयं भौतिक निरीक्षण कर प्रसूति शल्य कक्ष में उपलब्ध उपकरणों, सामग्री एवं संसाधनों का वितरण तैयार करें। यह विवरण संस्था-वार चेकलिस्ट में भरकर हस्ताक्षर एवं मुहर के साथ ई-मेल के माध्यम से राज्य स्वास्थ्य समिति को भेजना होगा। राज्य सरकार ने टीटी (ट्रॉमा ट्रीटमेंट) अधिसूचित जिला अस्पतालों की सूची जारी की है। जिसमें बांका के अलावे बेगूसराय, भोजपुर, पूर्वी चंपारण, सिवान, सीतामढी, वैशाली, अररिया, मुजफ्फरपुर, नालंदा और सहरसा के जिला अस्पतालों को टीटी नोटिफाइड किया गया है। इन अस्पतालों में गंभीर दुर्घटना व आपातकालीन मरीजों के त्वरित और बेहतर स्वास्थ्य की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। वहीं, इन अस्पतालों में एंडोक्रिनोलॉजिस्ट, न्यूरो फिजिशियन, कार्डियोलॉजिस्ट, यूरोलॉजिस्ट और नेफ्रोलॉजिस्ट जैसे विशेषज्ञ डॉक्टरों की भी तैनाती की जाएगी। यहां उन्न्त जांच और इलाज की सुविधाओं के साथ किडनी और मस्तिष्क से जुडी बीमारियों का इलाज, प्लास्टिक सर्जरी व कैंसर स्क्रीनिंग भी होगी। इसके लिए विशेषज्ञ चिकित्सकों के साथ ही फर्मासिस्टों, नर्सिंग स्टाफ और तकनीशियनों सहित अन्य कर्मचारियों की संख्या बढाई जाएगी। इससे जिला स्तर पर ही लोगों को गुणवत्तापूर्ण इलाज की सुविधा मिलने के साथ ही पीएमसीएच और एनएमसीएच जैसे बडे अस्पतालों पर मरीजों का दबाव भी कम होगा। मातृ ऑपरेशन थिएटर के लिए जरूरी उपकरणों में मल्टी पेरा मॉनिटर, रेडिएंट वार, ऑटो क्लेव इलेक्ट्रिकल (40-50 लीटर क्षमता), इलेक्ट्रो कॉटरी व डायथर्मी मशीन, इलेक्ट्रिकल सक्शन मशीन, मॉनिटर ट्रॉली, इंस्टूमेंट ट्रॉली, एलईडी स्पॉट लाइट, डिफिब्रिलेटर, इन्फ्यूजन पंप, सिरिंज पंप, सीटीजी मॉनिट, क्रैश कार्ट, ऑपरेशन टेबल, फुट स्टेप, स्ट्रेचर, एनेस्थीसिया वर्कस्टेश, ओटी लाईट, सीलिंग डबल डोम, लैरिंगोस्कोप, बाउल स्टेरिलाइजर, वॉशर डिसइन्फेक्टर, ब्लड वार्मर, ग्लूकोमीटर, हिस्टेरोस्कोपी यूनिट, वैयूम एक्सट्रैक्टर, ऑक्सीजन कंसन्ट्रेटर, स्टैथोस्कोप, थर्मामीटर, मेयो स्टेंड, सर्जिकल ट्रॉली, इक्विपमेंट ट्रॉली व आईवी स्टैंड लगाए जाएंगे। कहते हैं अधिकारी बांका सदर अस्पताल को सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल के रूप में विकसित और क्रियाशील किया जायेगा। इसके लिए राज्य सरकार ने सदर अस्पताल को टीटी (ट्रॉमा ट्रीटमेंट) नोटिफाइड किया है। जिससे लोगों को बेहतर और विशिष्ट चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराई जा सके। इसको लेकर राज्य स्वास्थ्य समिति के निर्देशों का पालन करते हुए उनके द्वारा मांगी गई रिपोर्ट उपलब्ध कराये जाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। डॉ जितेंद्र कुमार, सीएस, बांका।

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