
जिले में मतदान प्रतिशत ने तोडा 24 साल का रिकार्ड
संक्षेप: पेज तीन की लीडपेज तीन की लीड मतदान के बाद हार-जीत के लगाए जा रहे कयास बूथों के रूझानों पर टिकी सियासी निगाहें बांका। निज प्रतिनिधि।
बांका, निज प्रतिनिधि। बांका जिले में मंगलवार को हुए बिहार विधानसभा चुनाव ने पिछले सभी चुनावों के मतदान प्रतिशत का रिकार्ड तोड दिया है। क्षेत्र के मतदाताओं ने खुलकर मतदान किया है। जिससे इस चुनाव में सबसे अधिक 70.78 प्रतिशत मतदान हुए हैं। जो बिहार के मतदान प्रतिशत से भी अधिक है। यहां अब तक 21 बार विधानसभा के चुनाव हुए हैं। जिसमें चार उप चुनाव भी शामिल हैं। यहां सबसे अधिक 1998 में 66.35 प्रतिशत मतदान हुए थे। जो रिकार्ड इस विधानसभा चुनाव में टूट गए। यहां बढे मतदान प्रतिशत को कोई बदलाव की झलक बता रहा है, तो कोई इसे विकास की लहर बता रहा है।

वहीं, चुनाव के समाप्त होने के बाद सभी विधानसभा क्षेत्र का माहौल बदल गया है। सुबह से ही मतदाताओं में जोश और उत्साह देखने को मिला था, लेकिन जैसे ही मतदान की प्रक्रिया खत्म हुई, लोगों की दिलचस्पी नतीजों की ओर मुड गई है। मतदाता परिणाम को लेकर अटकलबाजियां लगाने लगे हैं, तो प्रत्याशी और उनके समर्थक बूथ वार वोटों के गणित में उलझे हैं। हर किसी के चेहरे पर उत्सुकता साफ झलक रही है कि कौन प्रत्याशी बाजी मारेगा और किसे हार का सामना करना पडेगा। वहीं, मतदान समाप्त होते ही प्रत्याशियों के समर्थकों ने बूथवार वोटिंग प्रतिशत और रूझानों का विश्लेषण शुरू कर दिया है। किसी के पास अपने निजी सूत्रों से जुटाई गई जानकारी है, तो कोई स्थानीय लोगों से प्राप्त वोटों के आंकडे के आधार पर निष्कर्ष निकाल रहे हैं। समर्थक अपने प्रत्याशी की जीत को लेकर आत्मविश्वा से भरे हुए हैं और बूथवार आंकडे ताते हुए कह रहे हैं कि इस बार जीत निश्चित है। दूसरे खेमें में भी उतनी ही सक्रियता है। वहां भी यह आकलन चल रहा है कि कौन से बूथ पर बढत मिलेगी और कहां नुकसान हुआ है। इसी बीच राजनीतिक विश्लेषक भी मैदान में उतर आए हैं और उन्होंने भी मतदान प्रतिशत, जातीय समीकरणों और पिछले चुनावों के परिणामों की तुलना कर संभावित रूझानों पर चर्चा शुरू कर दी है। वोटों की गिनती 14 नवंबर को होनी है। मतदान और मतगणना के बीच महज दो दिनों का अंतर प्रत्याशियों के दिलों की धडकन को बढा दिया है। चुनाव परिणाम के इंतजार के साथ अब अनुमान का दौर चलेगा। रात बढने के साथ ही पूरे क्षेत्र में सन्नाटा भी गहराने लगा है। लेकिन राजनीतिक हलकों में चुनाव चर्चाओं का दौर जारी है। अब सबकी निगाहें मतगणना के दिन पर टिकी है, जब यह साफ होगा कि जनता ने किस पर भरोसा जताया है और किसे नकारा है। दो दशक के चुनावों का मतदान प्रतिशत 2025 70.78 2020 56.00 2019 54.48 2015 58.02 2009 49.04 2004 58.82 1999 59.77 1998 66.35 1996 60.84 1991 50.44

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