Banka will be the center of blue revolution Minister - नीली क्रांति का केंद्र बनेगा बांका : मंत्री DA Image
15 दिसंबर, 2019|2:51|IST

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

नीली क्रांति का केंद्र बनेगा बांका : मंत्री

default image

पर्यावरण संरक्षण के लिए 27 हजार पौधे लगाएगा मत्स्य विभाग 234 करोड़ से बिहार में मिलेगा मछली पालन को बढ़ावा

बांका। निज प्रतिनिधि

बिहार को मछली उत्पादन के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने के लिए नीली क्रांति योजना की शुरुआत की गई है। इसके लिए सरकार ने 234 करोड़ की राशि मजूर की है। जिससे बांका जिला भी नीली क्रांति का केंद्र बनेगा। जिले को मत्स्य उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए मुख्यमंत्री मत्स्य विकास परियोजना एवं एससी-एसटी विपणन योजना सहित अन्य योजनाओं को धरातल पर उतारा जा रहा है। मंगलवार को अपने एक दौरे पर बांका पहुंचे कृषि सह पशु एवं मत्स्य संसाधन मंत्री डॉ. प्रेम कुमार ने बताया कि आधुनिक व वैज्ञानिक मत्स्य पालन को बढ़ावा देने के लिए जिले के 160 मत्स्य पालकों को अनुदान पर राज्य के अंदर एवं राज्य के बाहर तकनीकी प्रशिक्षण के लिए भेजा जा रहा है। जबकि नए साल में राज्य के दीपनारायण सिंह सहकारी प्रशिक्षण संस्थान पटना भेजे जाएंगे। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री मत्स्य विकास परियोजना के तहत 50 फीसदी अनुदान पर मत्स्य पालन के लिए 16.4 हेक्टेयर जल क्षेत्र के लिए करीब 25 लाख की राशि स्वीकृत की गई है। इसके तहत मत्स्य पालकों को एक हेक्टेयर के लिए अनुदान पर प्रति एकड़ एक लाख 50 हजार की राशि अनुदान पर उपलब्ध कराई जाएगी। उन्नत बीज उत्पादन योजना के तहत निजी एवं सरकारी क्षेत्र में मत्स्य बीज उत्पादन के लिए 12 लाभुकों का चयन किया गया है। इसके लिए तीन हेक्टेयर जमीन चिह्न की गई है। जहां मछली का बीज तैयार करने के लिए लाभुकों को प्रति डिसमिल 58 हजार की राशि दी जाएगी। मत्स्य पालन के साथ मुर्गी पालन की तकनीक होगी विकसित जिले में मत्स्य पालन के साथ ही मुर्गी पालन की तकनीक विकसित की जाएगी। इसके लिए सरकार ने न्यूनतम एक एकड़ तालाब पर एक हजार वर्ग फीट के दायरे में मुर्गी पालन के लिए 50 फीसदी अनुदान पर एक यूनिट के लिए एक हेक्टेयर पर करीब आठ लाख की राशि दी जाएगी। जिसमें पहली किस्त के तौर पर शेड निर्माण के लिए करीब चार लाख की राशि का भुगतान किया जाएगा। एससी-एसटी के लिए मत्स्य विपणन योजनाएससी-एसटी वर्ग को मछली की बिक्री के लिए 50-50 हजार के तीन मोपेड सह आईस बॉक्स, 2.80-2.80 लाख की राशि से तीन थ्री व्हीलन और 4.80-4.80 लाख की राशि से दो फोर व्हीलर वाहन उपलब्ध कराए जाएंगे। जिससे वे क्षेत्र के बाजारों में अपने मछली की बिक्री कर आत्मनिर्भर बन सकें। अति पिछड़ा वर्ग के लिए शुरू की गई मुख्यमंत्री मत्स्य विकास योजनामत्स्य पालकों के उत्थान के लिए सरकार ने मुख्यमंत्री मत्स्य विकास योजना की शुरुआत की गई है। इसके तहत दो हेक्टेयर में तालाब निर्माण के लिए दो हेक्टेयर के लिए प्रति हेक्टेयर सात लाख, ट्यूबवेल एवं पंप सेट के लिए तीन लाभुकों को 75-75 लाख की राशि उपलब्ध कराई जाएगी। जल-जीवन हरियाली अभियान से लौटेगा जल स्त्रोतों का अस्तित्वमंत्री ने कहा कि जलवायु परिवर्तन से उत्पन्न हो रही ग्लोबल वार्मिंग की समस्या से निपटने के लिए सरकार ने जल-जीवन हरियाली अभियान की शुरूआत की है। इसके तहत मत्स्य विभाग की ओर से जिले में 507 पोखर, 272 बांध, तीन जलाशय एवं 57 जोर का जीर्णोद्धार किया जाएगा। जिससे वे अपने पुराने अस्तित्व में वापस लौट सकें। इसके अलावा पर्यावरण संरक्षण के लिए क्षेत्र में तालाबों के पास खाली पड़ी जमीन पर 27 हजार पौधे लगाए जाने का भी लक्ष्य रखा गया है।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:Banka will be the center of blue revolution Minister