Banka News: सावन से पहले बिजली व्यवस्था दुरुस्त करने में जुटा विभाग, पर्याप्त स्टॉक के बावजूद फॉल्ट से बढ़ती है परेशानी
Banka News: बांका, निज संवाददाता।बांका, निज संवाददाता। सावन माह और श्रावणी मेले की तैयारियों के बीच बिजली विभाग जिले में निर्बाध विद्युत आपूर्ति बनाए रखने के लिए विशेष

Banka News: बांका, निज संवाददाता। सावन माह और श्रावणी मेले की तैयारियों के बीच बिजली विभाग जिले में निर्बाध विद्युत आपूर्ति बनाए रखने के लिए विशेष रणनीति पर काम कर रहा है। वर्तमान में बांका जिले के शहरी क्षेत्रों में औसतन 20 से 22 घंटे तथा ग्रामीण इलाकों में 18 से 20 घंटे बिजली की आपूर्ति की जा रही है। विभाग का दावा है कि जिले को ग्रिड से आवश्यकता के अनुरूप पर्याप्त बिजली मिल रही है और आपूर्ति की कोई कमी नहीं है। इसके बावजूद बारिश, आंधी और तकनीकी फॉल्ट के दौरान कई क्षेत्रों में बिजली बाधित होने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। बाराहाट, बौंसी, बांका, ककवारा समेत जिले के विभिन्न फीडरों से जुड़े उपभोक्ताओं का कहना है कि सामान्य दिनों में बिजली व्यवस्था संतोषजनक रहती है, लेकिन खराब मौसम में फॉल्ट आने पर कई बार बिजली बहाल होने में अपेक्षा से अधिक समय लग जाता है। खासकर ग्रामीण इलाकों में तार टूटने, पेड़ गिरने अथवा लाइन में तकनीकी खराबी आने पर आपूर्ति प्रभावित होती है। हालांकि विभागीय टीम फॉल्ट मिलते ही मौके पर पहुंचकर मरम्मत कार्य शुरू कर देती है。
मरम्मत कार्य और सामग्री की उपलब्धता
बिजली विभाग के अनुसार बांका और अमरपुर दोनों विद्युत प्रमंडलों में मरम्मत कार्य के लिए आवश्यक सामग्री का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है। पोल, विद्युत तार, डिस्क, पीआरसी, अर्थिंग केबल सहित अन्य जरूरी उपकरण स्टोर में उपलब्ध हैं। विभागीय कर्मियों का कहना है कि कभी-कभी फ्यूज उड़ने जैसी स्थिति में पीआरसी की तत्काल आवश्यकता पड़ती है, लेकिन ऐसी स्थिति में भी संबंधित कनीय अभियंता अथवा स्टोर से सामग्री शीघ्र उपलब्ध करा दी जाती है, जिससे मरम्मत कार्य प्रभावित नहीं होता। ग्रामीण क्षेत्रों में ट्रांसफार्मर खराब होने या जल जाने की स्थिति से निपटने के लिए अलग से टीम गठित है। विभागीय मानक के अनुसार ग्रामीण क्षेत्रों में 24 घंटे और शहरी क्षेत्रों में 12 घंटे के भीतर खराब ट्रांफार्मर बदलने का लक्ष्य निर्धारित है। इसके बावजूद कुछ उपभोक्ताओं का आरोप है कि कई स्थानों पर शिकायत के बाद भी ट्रांसफार्मर बदलने में विलंब होता है, जिससे लोगों को लंबे समय तक बिजली संकट झेलना पड़ता है। उपभोक्ताओं की एक और बड़ी शिकायत बिजली कंपनी के कॉल सेंटर को लेकर है। उनका कहना है कि बिजली बाधित होने पर शिकायत दर्ज कराने के लिए कई बार बार-बार फोन करना पड़ता है। कई मामलों में कॉल रिसीव नहीं होती और जवाब मिलने पर भी संतोषजनक जानकारी नहीं दी जाती। इससे लोगों की परेशानी और बढ़ जाती है। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि लंबे समय तक बिजली बाधित रहने की अधिकांश घटनाएं स्थानीय वितरण व्यवस्था की बजाय ट्रांसमिशन अथवा ग्रिड स्तर पर आने वाले तकनीकी फॉल्ट के कारण होती हैं। ऐसे मामलों में संबंधित एजेंसियों के सहयोग से जल्द से जल्द आपूर्ति सामान्य कराने का प्रयास किया जाता है।
विशेष तैयारी
आगामी सावन माह और श्रावणी मेले के दौरान श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए बिजली विभाग ने विशेष तैयारी शुरू कर दी है। प्रमुख मंदिरों, मेला मार्गों और संवेदनशील स्थलों पर निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए अतिरिक्त निगरानी, त्वरित मरम्मत दल और आवश्यक सामग्री की उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है, ताकि 24 घंटे निर्बाध विद्युत आपूर्ति बनाए रखी जा सके।
कोट:
जिले को आवश्यकता के अनुरूप पर्याप्त बिजली मिल रही है और दोनों प्रमंडलों में मरम्मत के लिए जरूरी सामग्री का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है। उन्होंने कहा, "कहीं भी फॉल्ट की सूचना मिलते ही टीम को तत्काल भेजा जाता है। ट्रांसफार्मर बदलने और लाइन मरम्मत के लिए निर्धारित समय-सीमा का पालन कराया जा रहा है। सावन और श्रावणी मेले को देखते हुए विशेष व्यवस्था की जा रही है, ताकि श्रद्धालुओं और आम उपभोक्ताओं को निर्बाध बिजली आपूर्ति मिल सके।"
कुमार सौरभ, कार्यपालक अभियंता, बांका विद्युत प्रमंडल


