
89 हजार हेक्टेयर भूमि में होगी रबी फसल की खेती
संक्षेप: इसे भी तीन की लीड बना सकते हैंइसे भी तीन की लीड बना सकते हैं कृषि विभाग ने बिहान एप के जरिये तय किया रबी फसल की खेती का लक्ष्य रबी सीजन में 1
बांका। निज प्रतिनिधि। जिले में खरीफ मौसम में हुई मानसून की अच्छी बारिश ने यहां रबी फसल की खेती के लिए भी जमीन तैयार कर दिया है। हालांकि, मोंथा चक्रवात की वजह से हुई बेमौसम बारिश ने फिलहाल धान की कटाई के साथ ही रबी फसल की बुवाई का भी रास्ता रोक दिया है। खेतों में जरूरत से अधिक नमी होने की वजह से रबी फसलों की बुवाई संभवन नहीं हो पा रही है। लेकिन मौसम का मिजाज बदलने और धूप निकलने से रबी फसल की बुवाई में तेजी आएगी। इसबार यहां खरीफ के साथ ही रबी फसल की भी अच्छी पैदावार होने की उम्मीद है।

जिसको देखते हुए कृषि विभाग ने बिहान एप के जरिये जिले में 89 हजार हेक्टेयर भूमि में रबी फसलों की खेती का लक्ष्य तय किया है। जिसे पूरा करने के लिए चयनित किसानों को अनुदानित दर पर रबी फसलों के बीजों का भी वितरण किया जाएगा। वहीं, रबी फसल की खेती के लिए जिले में पर्याप्त मात्रा में उर्वरक भी उपलब्ध हैं। जिससे किसानों को यहां रबी की खेती के लिए खाद-बीज की किल्लत नहीं होगी। जिले में बडे पैमाने पर गेहूं, चना, मसूर, मक्का व राई-सरसों की खेती होती है। इस रबी मौसम में यहां 17 तरह के फसलों की खेती का लक्ष्य रखा गया है। इसमें मुख्य फसल के तौर पर 53 हजार हेक्टेयर भूमि में गेहूं, 12 हजार हेक्टेयर भूमि में चना, 9 हजार 988 हेक्टेयर भूमि में मसूर, 5 हजार 531 हेक्टेयर भूमि में राई-सरसों, 4 हजार 308 हेक्टेयर भूमि में मक्का, 1 हजार 67 हेक्टेयर भूमि में खेसारी, 925 हेक्टेयर भूमि में मटर, 859 हेक्टेयर भूमि में तीसी एवं 1 हजार 70 हेक्टेयर भूमि में अन्य दलहनी फसलों की खेती होगी। इसको लेकर क्षेत्र के किसान धनकटनी की तैयारी में जुट गए हैं, जो खेतों की नमी कम होने का इंतजार कर रहे हैं। खेतों की नमी कम होते ही यहां रबी फसल की बुवाई शुरू हो जाएगी। इसको लेकर कृषि विभाग की ओर से चयनित किसानों के बीच अनुदानित दर पर रबी फसलों के बीजों का वितरण करने के लिए प्रखंडों को बीज उपलब्ध करा दिए गए हैं। व्यावसायिक फसलों का भी होगा प्रत्यक्षण इस रबी मौसम में यहां पारंपरिक फसलों की खेती के साथ ही व्यावसायिक फसलों का भी प्रत्यक्षण किया जाएगा। व्यावसायिक फसलों का प्रत्यक्षण सफल होने पर आने वाले दिनों में इसकी खेती का रकवा बढाया जायेगा। जिससे किसान पारंपरिक फसलों की खेती के साथ ही व्यावसायिक फसलों की खेती कर अपनी आमदनी बढा सकें। इस बार कृषि विभाग की ओर से व्यावसायिक फसलों की खेती का भी लक्ष्य तय कर दिया गया है। इस बार यहां 466 हेक्टेयर में बार्ली, 12 हेक्टेयर में ओट, 1 हेक्टेयर में बोरो पैडी एवं 1.2 हेक्टेयर भूमि में राजमा की खेती होगी। इसके अलावे यहां 61 हेक्टेयर भूमि में गन्ना, 31 हेक्टेयर भूमि में उडद एवं 13 हेक्टेयर भूमि में सूर्यमुखी की खेती होगी। कोट... जिले में इसबार 89 हजार हेक्टेयर भूमि में रबी फसल की खेती का लक्ष्य तय किया गया है। इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए क्षेत्र के चयनित किसानों को अनुदानित दर पर रबी फसल के बीज उपलब्ध कराए जाएंगे। इसके लिए जिले को आवंटित किए गए रबी फसलों के बीज प्रखंडों को उप आवंटित कर दिए गए हैं। जिससे किसानों के बीच समय पर बीज का वितरण किया जा सके। त्रिपुरारी शर्मा, डीएओ, बांका।

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