
चुनाव कार्य के बीच धान खरीद की तैयारी सहकारिता विभाग के लिए चुनौती
संक्षेप: पेज तीन की लीडपेज तीन की लीड बांका। निज प्रतिनिधि। जिले में 11 नवंबर को दूसरे व अंतिम चरण में विधानसभा चुनाव होना है। जिसकी तैयारी
बांका। निज प्रतिनिधि। जिले में 11 नवंबर को दूसरे व अंतिम चरण में विधानसभा चुनाव होना है। जिसकी तैयारी को जिला प्रशासन फाइनल टच देने में लगा है। इसके लिए यहां 48 विभागों के कर्मी व पदाधिकारियों को चुनाव कार्य में लगाया गया है। यहां 14 नवंबर को मतगणना होना है। इसकी ठिक बाद 15 नवंबर से एमएसपी पर किसानों से धान की खरीद की जानी है। जो 15 फरवरी तक चलेगा। इसको लेकर जिले में किसानों के रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया जारी है। अब तक क्षेत्र के किसान सहकारी समितियों के जरिये एमएसपी पर अपने धान बेचने के लिए 2666 किसानों ने विभाग की वेबसाईट पर ऑनलाइन आवेदन किया है।

इसके साथ ही एमएसपी पर धान खरीद के लिए सहकारी समितियों का पंजीकरण की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। सहकारिता विभाग ने सहकारी समितियों से मापतौल का लाइसेंस नवीकरण कराए जाने व गनी बैग की व्यवस्था करने सहित सभी तरह के इंतजाम समय से पूरे कर लेने के निर्देश जारी किए हैं। वहीं, जिला सहकारिता पदाधिकारी से इस वर्ष समय से धान खरीद सुनिश्चित करने को कहा गया है। इस वित्तीय वर्ष 2025-26 में उत्तर बिहार के जिलों में एक नवंबर और दक्षिण बिहार के जिलों में 15 नवंबर से धान खरीद शुरू होगी। ऐसे में बांका जिले में 15 नवंबर से एमएसपी पर किसानों से धान खरीद किए जाएंगे। इस बार धान की एमएसपी 2340 से बढाकर 2369 रूपये प्रति क्विंटल कर दिया गया है। धान खरीद के लिए जल्द ही खाद्य आपूर्ति विभाग की ओर से आदेश जारी कर दिया जायेगा। जिले में पिछले वित्तीय वर्ष 2024-25 में 175 सहकारी समितियों के जरिये 18 हजार 111 किसानों से एमएसपी पर 1 लाख 59 हजार मिट्रिक टन धान की खरीद की गई थी। कृषि विभाग से मांगा गया है धान के उत्पादन का अनुमानित आंकडा सरकारिता विभाग ने कृषि विभाग से इस साल होने वाले धान के उत्पादन का अनुमानित आंकडा मांगा है। जिसके आधार पर ही खाद्य आपूर्ति विभाग किसानों से न्यूनतम समर्थन मूल्य पर धान खरीद का लक्ष्य तय करेगा। पिछले साल यहां 4.5 लाख मिट्रिक टन से अधिक धान का उत्पादन हुआ था। इस बार भी समय-समय पर मानसून की अच्छी बारिश होने से धान के उत्पादन का आंकडा 4.5 एमटी के पार होने की संभावना है। जिससे एमएसपी पर धान खरीद के लक्ष्य भी बढाए जा सकते हैं। अभी खेतों में है नमी जिले में अक्टूबर माह में सामान्य से अधिक बारिश हुई है। जिससे अभी खेतों में नमी बरकरार है। जिस वजह से धान की कटनी में देरी होने की संभावना है। ये स्थिति सूबे के सभी इलाकों में है। ऐसे में धान की कटनी में विलंब होने से धान खरीद में भी देरी हो सकती है। हालांकि, अक्टूबर में हुई अच्छी बारिश ने रबी फसल की बुआई के लिए जमीन तैयार कर दिया है। जो रबी फसल की बुआई और उसके उत्पादन में कारगर साबित होगा। कोट... जिले में चुनाव की तैयारी के साथ ही धान खरीद की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। किसान सहकारी समितियों के जरिये एमएसपी पर अपने धान बेचने के लिए विभाग की वेबसाईट पर ऑनलाइन आवेदन कर रहे हैं। जिससे उसका पंजीकरण कर एमएसपी पर उनके धान की खरीद की जा सके। वहीं, कृषि विभाग से जिले में उत्पादन होने वाले धान का अनुमानित आंकडा मांगा गया है। जिसके आधार पर खाद्य आपूर्ति विभाग की ओर से एमएसपी पर धान खरीद का लक्ष्य तय किया जाएगा। मो जैनुल आब्दीन अंसारी, डीसीओ, बांका।

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