सड़क सुरक्षा माह में जागरूकता की रफ्तार तेज
नुक्कड़ नाटक से समझाया गया ट्रैफिक नियमनुक्कड़ नाटक से समझाया गया ट्रैफिक नियम गुड समेरिटन अवार्ड की दी गई जानकारी बांका,निज संवाददाता। सड़क सुरक्षा म

बांका, निज संवाददाता। सड़क सुरक्षा माह के तहत बांका जिले में सुरक्षित ड्राइविंग को लेकर जागरूकता कार्यक्रम पूरे जोर-शोर से चलाया जा रहा है। इसी कड़ी में जिला परिवहन पदाधिकारी अन्नू कुमारी के निर्देश पर एडीटीओ निशा राज की अगुवाई में बांका जिले के विभिन्न स्थानों पर नुक्कड़ नाटक का आयोजन कर आमजन को ट्रैफिक नियमों के प्रति जागरूक किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाना और लोगों को जिम्मेदार वाहन चालक बनने के लिए प्रेरित करना रहा। नुक्कड़ नाटक के माध्यम से कलाकारों ने सरल भाषा और जीवंत अभिनय के जरिए यह संदेश दिया कि सड़क पर थोड़ी सी लापरवाही भी किसी की जान ले सकती है।
बाइक चालकों को अनिवार्य रूप से हेलमेट पहनने,ट्रैफिक सिग्नल का पालन करने और ओवरस्पीडिंग से बचने की अपील की गई। वहीं कार चालकों को सीट बेल्ट लगाने के साथ-साथ वाहन से जुड़े जरूरी दस्तावेज जैसे प्रदूषण प्रमाण पत्र, बीमा और फिटनेस को अद्यतन रखने के लिए प्रेरित किया गया।नुक्कड़ नाटक में प्रमुख भूमिका निभा रहे कलाकार अशोक सिंह ने अभिनय के दौरान प्रभावशाली संदेश दिया कि “दुर्घटना से देर भली।” उन्होंने कहा कि तेज गति में वाहन चलाने से गाड़ी अनियंत्रित हो सकती है, जिससे सड़क हादसे की आशंका बनी रहती है। घर पर परिवार के सदस्य सुरक्षित वापसी का इंतजार करते हैं, इसलिए वाहन चलाते समय संयम और सावधानी बेहद जरूरी है। कलाकारों ने यह भी दिखाया कि मोबाइल फोन का उपयोग करते हुए ड्राइविंग करना कितना खतरनाक हो सकता है। कार्यक्रम के दौरान गुड समेरिटन अवार्ड की भी विस्तार से जानकारी दी गई। बताया गया कि गुड समेरिटन अवार्ड केंद्र सरकार द्वारा संचालित एक महत्वपूर्ण योजना है, जिसका संचालन परिवहन विभाग के माध्यम से किया जाता है। इस योजना के तहत सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति को गोल्डन टाइम पीरियड में नजदीकी अस्पताल पहुंचाने वाले मददगार को 25 हजार रुपये का नगद पुरस्कार दिया जाता है। पहले यह राशि 5 हजार और 10 हजार रुपये थी, जिसे बढ़ाकर 25 हजार रुपये कर दिया गया है। एमवीआई जितेंद्र कुमार ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के आलोक में बिहार सरकार ने भी गुड समेरिटन से जुड़े कई दिशा-निर्देश जारी किए हैं। इसके तहत सड़क दुर्घटना में घायल की मदद करने वाले व्यक्ति को पुलिस द्वारा परेशान नहीं किया जाएगा। मददगार से व्यक्तिगत जानकारी देना अनिवार्य नहीं है, यह पूरी तरह ऐच्छिक है। साथ ही किसी भी अस्पताल में घायलों के इलाज के लिए तुरंत भुगतान की मांग नहीं की जाएगी और घायल को अस्पताल पहुंचाने वाले व्यक्ति के लिए वहां रुकना भी अनिवार्य नहीं होगा। परिवहन विभाग के अनुसार सड़क हादसों में बढ़ती मौतों के आंकड़ों को देखते हुए यह फैसला लिया गया है, क्योंकि करीब 80 प्रतिशत सड़क दुर्घटनाएं वाहन चालक की लापरवाही के कारण होती हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए वाहन चालकों को लेन में चलने, तय गति सीमा का पालन करने, अनावश्यक ओवरटेक से बचने और ड्राइविंग के दौरान मोबाइल फोन का उपयोग न करने की सख्त सलाह दी गई।अंत में परिवहन विभाग की ओर से “हर सफर का हमसफर” और “तेज रफ्तार, जीवन से हार” जैसे संदेशों वाले पंपलेट चालकों के बीच बांटे गए। बांका के समाहरणालय गेट गांधी चौक, अमरपुर बाजार,भेड़ामोड,बौसी आदि बाजार में नुक्कड़ नाटक के दरम्यान मौजूद ईएसआई और अन्य अधिकारियों ने आमजनों से अपील किया कि सड़क सुरक्षा को अभियान नहीं, बल्कि आदत बनाया जाए, ताकि हर सफर सुरक्षित और सुखद हो सके।
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