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बांका में बड़े शहरों की तर्ज पर अब आधुनिक तकनीक से होगी ट्रैफिक नियंत्रण व्यवस्था

बांका में बड़े शहरों की तर्ज पर अब आधुनिक तकनीक से होगी ट्रैफिक नियंत्रण व्यवस्था

संक्षेप:

पेज 4 की लीडपेज 4 की लीड हिन्दुस्तान विशेष आईटीएमएस प्रणाली से लैश एएनपीआर कैमरे से होगी निगरानी शुरु,कटेगा ऑनलाइन चालान।* बांका

Dec 05, 2025 01:40 am ISTNewswrap हिन्दुस्तान, बांका
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बांका। निज संवाददाता। बांका जिला मुख्यालय समेत पूरे जिलेभर में ट्रैफिक व्यवस्था को सुव्यवस्थित और आधुनिक तकनीक से लैस करने की दिशा में परिवहन प्रशासन ने एक बड़ा कदम उठाया है। परिवहन विभाग की पहल पर बांका शहर में अब आईटीएमएस (इंटीग्रेटेड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम) आईटीएमएस आधारित अत्याधुनिक एएनपीआर कैमरा (ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकॉगनीशन सिस्टम) एएनपीआर कैमरा लगाने की मंजूरी मिल गई है। शुरुआती चरण में यह कैमरा शहर के दो प्रमुख स्थानों - गांधी चौक और डीएम कोठी चौक पर ही लगाया जा रहा है। जिला प्रशासन के अनुसार यह परियोजना फिलहाल ट्रायल मोड में रहेगी और मॉनिटरिंग के बाद इसे अन्य स्थानों पर विस्तार दिया जाएगा।मिली

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जानकारी के अनुसार, मानकों के हिसाब से बांका जिले में कुल 5 स्थानों पर आईटीएमएस आधारित प्रणाली लागू करने की योजना है, जिसमें अंतरराज्यीय सीमा चेकपोस्ट भलजौर, शहर के प्रमुख प्रवेश मार्ग और संवेदनशील भीड़भाड़ वाले चौक,अत्यधिक सड़क हादसे वाले ब्लैक स्पॉट आदि शामिल हैं। इनमें से ट्रायल के लिए फिलहाल गांधी चौक और डीएम आवास चौक को चुना गया है। अधिकारियों का कहना है कि यह प्रणाली यातायात प्रबंधन को एक नए स्वरूप में ढालने का काम करेगी, जिससे नियमों का पालन और सड़क दुर्घटनाओं में कमी आने की उम्मीद है। कैसे काम करेगा एएनपीआर कैमरा ? एएनपीआर कैमरा एक ऐसी स्मार्ट प्रणाली है, जो गुजरते हुए वाहनों की नंबर प्लेट को स्वतः स्कैन और रिकॉर्ड करता है। यह कैमरा नंबर प्लेट को डिजिटल डेटा में परिवर्तित कर तुरंत वाहन के रजिस्ट्रेशन डेटाबेस से मिलान करेगा। इससे ओवरस्पीडिंग,ट्रिपल राइडिंग,बिना हेलमेट,फर्जी नंबर प्लेट का इस्तेमाल,बीमा या फिटनेस समाप्त होने जैसे मामलों में स्वचालित चालान (ई चालान) जारी हो सकेगा। आईटीएमएस इंटरकनेक्टेड सिस्टम होने के कारण इसका डेटा जिला कंट्रोल रूम और जरूरत पड़ने पर राज्य स्तरीय मॉनिटरिंग प्लेटफॉर्म से सिंक्रोनाइज़ रहेगा। इससे असामान्य वाहन गतिविधि, संदिग्ध नंबर प्लेट, चोरी की गाड़ियां या अपराध के मामलों में वाहनों की पहचान तेजी से की जा सकेगी। बांका जैसे शहर में तकनीक क्यों जरूरी? हाल के वर्षों में बांका शहर की यातायात समस्या लगातार बढ़ी है। बाजारों में बढ़ती भीड़, वाहन संख्या में वृद्धि और जगह-जगह अवैध पार्किंग से जाम लगना आम बात बन गई है। शहर में किसी चौक व सड़कों पर ट्रैफिक संकेतक व डिजिटल निगरानी की व्यवस्था अभी तक शुरू नहीं हुई है।इसलिए कई बार फर्जी नंबर प्लेट लगाकर आपराधिक गतिविधियों को अंजाम देना,दूसरे किसी का नंबर प्लेट अपनी गाड़ी पर लगाकर शराब तस्करी करना, रैश ड्राइविंग यहां आम बात हो गई है।इससे अपराधियों की जगह शरीफ लोगों को ऑनलाइन चालान से परेशान होना पड़ रहा है,जिस गंभीर मुद्दे पर हाल ही में आपके लोकप्रिय अखबार हिंदुस्तान में प्रमुखता से खबर भी प्रकाशित की गई है।जिसके बाद जिला प्रशासन हरकत में आई है और सुधार के तौर पर आधुनिक तकनीक वाला प्रणाली लागू किया जाने की दिशा में पहल शुरू हो चुकी है। लोगों को क्या फायदा होगा? नई प्रणाली पारदर्शी और स्वचालित होगी। अब मैनुअल चालान की तुलना में त्रुटिहीन,त्वरित और सबूत आधारित कार्रवाई हो सकेगी। चालान के साथ वाहन चालक को नियम उल्लंघन का फोटो और वीडियो प्रमाण भी उपलब्ध कराया जाएगा। इससे बहस,विवाद या गलत-सलत चालान की संभावना कम होगी।आधुनिक तकनीक लागू होने से युवाओं में यातायात नियमों के प्रति जागरूकता बढ़ेगी। इसके साथ ही बिना लाइसेंस, बिना रजिस्ट्रेशन या फर्जी नंबर प्लेट वाले वाहनों पर भी अंकुश लगेगा। एक स्मार्ट और अनुशासित बांका की दिशा में कदम यह परियोजना सिर्फ एक तकनीकी बदलाव नहीं बल्कि बांका को स्मार्ट, सुरक्षित और अनुशासित शहर बनाने की दिशा में अहम कदम है। प्रशासन का लक्ष्य है कि इस प्रणाली के पूरी तरह क्रियान्वित होने के बाद बांका में बड़े शहरों जैसी स्मार्ट ट्रैफ़िक मॉनिटरिंग व्यवस्था लागू हो सके।आने वाले महीनों में जब सिस्टम पूरी तरह संचालित होगा, तब शहर में न सिर्फ यातायात का दबाव कम होगा, बल्कि नियम तोड़ने वालों पर सख्ती और जिम्मेदार नागरिक व्यवहार में भी सुधार देखने की उम्मीद है। इस कदम से बांका शहर तकनीक के उस आधुनिक स्तर पर पहुंच रहा है, जहां ट्रैफिक व्यवस्था सिर्फ मैनुअल नियंत्रण तक सीमित नहीं, बल्कि ऑटोमेशन और डिजिटल निगरानी से संचालित होगी और यही तकनीक आने वाले समय में जिले की सुरक्षा और व्यवस्था को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। एएनपीआर कैमरे और आईटीएमएस लागू होने के बाद: ट्रैफिक नियमों का पालन सुनिश्चित होगा। सड़क दुर्घटनाओं में कमी आएगी आपातकालीन सेवाओं (एम्बुलेंस,फायर ब्रिगेड, पुलिस)के आवागमन में सुधार होगा। जाम और अनियंत्रित यातायात पर प्रभावी नियंत्रण संभव हो सकेगा कोट:----- राज्य मुख्यालय से विभाग द्वारा एएनपीआर कैमरा के लिए स्थल चिन्हित करने कहा गया था,जिसके बाद प्रतिवेदन में पांच जगहों को चिन्हित कर रिपोर्ट समर्पित किया गया है।फिलहाल एक जगह पर ही स्वीकृति मिल पाई है,आगे यातायात व्यवस्था और नियंत्रण की स्थिति और बेहतर होगी लोगों में भी जागरूकता बढ़ेगी।यह काफी अच्छी पहल है। अन्नू कुमारी,जिला परिवहन पदाधिकारी (बांका)