मायानगरी में अपने अभिनय का जादू बिखेर रहा मंदार का लाल आदित्य

Newswrap हिन्दुस्तान, बांका
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पेज का एंकर या फ्लायरपेज का एंकर या फ्लायर अपने कठिन परिश्रम के बलबूते पर एक्टिंग में अपना लोहा मनवा रहे जिले के आदित्य आनंद, बन चुके हैं कई युवाओं

मायानगरी में अपने अभिनय का जादू बिखेर रहा मंदार का लाल आदित्य

बांका, नगर प्रतिनिधि/ राजदीप सिंह “मिट्टी की खुशबू से सपनों को उड़ान मिली,

संघर्ष की राहों पर चलकर एक नई पहचान मिली।”

आदित्य आनंद की प्रेरणादायक कहानी

अपने कठिन परिश्रम और मजबूत इरादों के दम पर जिले के युवा अभिनेता आदित्य आनंद आज अभिनय की दुनिया में अपनी एक अलग पहचान बना रहे हैं। एक साधारण परिवार से निकलकर मायानगरी मुंबई तक का उनका सफर संघर्ष, जुनून और आत्मविश्वास की ऐसी मिसाल बन चुका है, जो जिले के युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत बन रही है। सीमित संसाधनों और कठिन परिस्थितियों के बावजूद आदित्य ने कभी अपने सपनों को मरने नहीं दिया और आज वह छोटे शहरों के युवाओं को यह संदेश दे रहे हैं कि मेहनत और लगन के दम पर कोई भी मंजिल हासिल की जा सकती है। 5 मई 1995 को मंदार की माटी में जन्मे आदित्य आनंद के पिता बादल तिवारी निजी ट्यूशन शिक्षक हैं, जिन्होंने कठिन परिस्थितियों में अपने परिवार का पालन-पोषण किया। उनकी माता पूनम तिवारी गृहणी हैं, जबकि बड़े भाई रजनीश आनंद एक बैंक में मैनेजर के रूप में कार्यरत हैं। बचपन से ही आदित्य अपने पिता के ननिहाल बाराहाट प्रखंड के सबलपुर गांव में रहे और वहीं रहकर अपनी प्रारंभिक शिक्षा पूरी की। पढ़ाई में अच्छे होने के कारण उन्होंने 12वीं के बाद बंगाल कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी, दुर्गापुर से 2013-17 सत्र में बीटेक की डिग्री प्राप्त की। हालांकि, इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी करने के बावजूद उनका मन हमेशा कुछ अलग और बड़ा करने का सपना देखता था। लेकिन आर्थिक तंगी और सामाजिक माहौल के कारण उन्हें अपने सपनों से तत्काल समझौता करना पड़ा। इसके बावजूद उनके भीतर अभिनय के प्रति जुनून लगातार बढ़ता गया। वर्ष 2019 में बिहार के प्रसिद्ध टीवी अभिनेता विशाल आदित्य सिंह से प्रेरित होकर उन्होंने फिल्म और टेलीविजन की दुनिया में करियर बनाने का फैसला किया। जबकि कोरोना काल के बाद मार्च 2022 में आदित्य अपने सपनों को लेकर मुंबई पहुंचे। शुरुआती दिन उनके लिए बेहद कठिन रहे। परिवार और गांव की याद उन्हें बार-बार भावुक कर देती थी। कई बार अकेलेपन में वह रो भी पड़ते थे, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। धीरे-धीरे खुद को मजबूत करते हुए उन्होंने लगातार ऑडिशन देना शुरू किया। इस संघर्षपूर्ण दौर में उनके बड़े भाई रजनीश आनंद हर कदम पर उनके साथ मजबूती से खड़े रहे और उनका हौसला बढ़ाते रहे। परिणामस्वरूप आदित्य की मेहनत रंग लाई और वर्ष 2023 में उन्हें पहली बार दंगल चैनल के धारावाहिक “बिंदिया सरकार” में अभिनय करने का अवसर मिला। यह उनके करियर का पहला बड़ा ब्रेक साबित हुआ। जबकि बेहतर अभिनय और मेहनत के दम पर अब तक वह लगभग 25 अलग-अलग धारावाहिकों में काम कर चुके हैं।उन्होंने देश के मशहूर धारावाहिक चैनल स्टार प्लस के लोकप्रिय धारावाहिक “माटी से बंधी डोर”, कलर्स चैनल के चर्चित शो “मेरा बालम थानेदार” तथा नेटफ्लिक्स के चर्चित शो “सीआईडी 2” में अलग-अलग किरदार निभाकर अपने अभिनय का लोहा मनवाया है। इस दौरान दर्शकों के बीच उनकी पहचान लगातार मजबूत होती जा रही है। फिलहाल आदित्य आनंद को कई डिजिटल प्लेटफॉर्म्स से भी लगातार काम के ऑफर मिल रहे हैं। संघर्ष से सफलता तक का उनका यह सफर जिले के युवाओं के लिए प्रेरणा बन चुका है। जबकि आदित्य ने यह साबित कर दिया कि, यदि इंसान अपने सपनों के लिए पूरी ईमानदारी और मेहनत से प्रयास करे, तो कोई भी कठिनाई उसकी राह नहीं रोक सकती।

फोटो- 2

धारवाहिक में अभिनय करते आदित्य आनंद

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

आदित्य आनंद का जन्म कब हुआ था?
आदित्य आनंद का जन्म 5 मई 1995 को मंदार की माटी में हुआ था।

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