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कोरोना की दूसरी लहर में शादी की कहर से बची 13 बेटियां

आज भी सभ्य व शिक्षित समाज मे बेटियां बोझ समझी जा रही हैं। जिससे समाज मे बाल विवाह की कुप्रथा की जड़ें मजबूत है। यहां कच्ची उम्र में कंगन के बोझ से कई...

कोरोना की दूसरी लहर में शादी की कहर से बची 13  बेटियां
Newswrapहिन्दुस्तान टीम,बांकाThu, 08 Jul 2021 06:30 AM

बांका। निज प्रतिनिधि

आज भी सभ्य व शिक्षित समाज मे बेटियां बोझ समझी जा रही हैं। जिससे समाज मे बाल विवाह की कुप्रथा की जड़ें मजबूत है। यहां कच्ची उम्र में कंगन के बोझ से कई बेटियों का बचपन कुम्हला रहा है। कोरोना की दूसरी लहर में लोगों को संक्रमण से बचाने के लिर सरकार ने जहां लॉकडाउन लागू कर शादियों पर भी पाबंदी लगा दी। वहीं सभ्य व शिक्षित समाज मे बाल विवाह की कुप्रथा को कायम रखने कायम रखते हुए कई लोग अपनी नाबालिग बेटियों की शादी रचाने में लगे थे। वे कम उम्र में अपनी बेटियों के हाथ पीले कर अपनी जिम्मेदारियों से छुटकारा पाने की फिराक में थे। लेकिन चाइल्ड लाइन ने मजबूत सूचनातंत्र के दम पर आठ बाल इन नाबालिग बेटियों के पिता के मंसूबों पर पानी फेर दिया। चाइल्ड लाइन के आंकड़ों के मुताबिक कोरोना की दूसरी लहर में लगाए गए लॉकडाउन से लेकर अनलॉक 04 में अबतक 13 नाबालिग लड़कियों की शादी रुकवाई गई है। जबकि इसमे एक नाबालिग बेटी के पिता के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर उसे जेल भी भेज दिया गया है। सरकार की ओर से बाल विवाह के खिलाफ कड़े कानून लागू किये जाने के बाद भी जिले में बाल विवाह का सिलसिला जारी है।

जनप्रतिनिधियों की शह पर शादी की बेड़ियों मे बंध रही बेटियां

सरकार ने बाल विवाह पर रोक लगाने के लिए टास्क फोर्स का गठन किया है। जिसमे मुखिया और प्रमुख सदस्य हैं। लेकिन यहां वोट बैंक बनाने के लिए जनप्रतिनिधि ही बाल विवाह को शह दे रहे हैं। चाइल्ड लाइन के मुताबिक बाल विवाह को रोकने के लिए पहुंची टीम को स्थानीय जनप्रतिनिधियों के कोपभाजन बनना पड़ता है। उन पर मामले को रफादफा करने का दवाब बनाया जाता है। जिससे समाज मे बाल विवाह को बढ़ावा मिल रहा है। जबकि बाल विवाह करवाने वालों के खिलाफ सजा का प्रावधान भी लागू है। इसके आरोप में दोषी को दो वर्ष की कैद या एक लाख का जुर्माना या फिर दोनों सजा दी जा सकती है।

नाबालिग बेटी की शादी रचाने वाले एक पिता को भेजा गया जेल

कोरोना की दूसरी लहर में अबतक चाइल्डलाइन की ओर से 12 नाबालिग लड़कियों की शादी रोकी गई। इसमे टास्क फोर्स ने 15 मार्च को चांदन थाना क्षेत्र के गौर गांव में 15 वर्षीय दो नाबालिग लड़की, 17 मार्च को रजौन थाना क्षेत्र के मझगांय गांव में 17 वर्षीय लड़की, 19 मार्च को कटोरिया थाना क्षेत्र के रघुरिया गांव में 16 वर्षीय लड़की, 21 मार्च को बांका थाना क्षेत्र के बैधनपुर में 15 वर्षीय लड़की, सात मई को बांका थाना क्षेत्र के भिट्टी व चांदन थाना क्षेत्र के खगर गांव में 15 साल की नाबालिग, 21 मई को कटोरिया थाना क्षेत्र के जमदाहा गांव में 15 वर्षीय लड़की, 20 जून को बांका थाना क्षेत्र के बैरीसर गांव में 12 वर्षीय लड़की, 13 मई को चांदन थाना क्षेत्र के वभनदवा गांव में 16 वर्षीय लड़की, 24 मई को बांका थाना क्षेत्र के कझिया गांव में 17 वर्षीय लड़की एवं 5 जुलाई को फुल्लीडुमर थाना क्षेत्र के राजदह गांव में 16 वर्षीय नाबालिग लड़की की शादी रुकवाई है। जबकि चाइल्डलाइन की टास्क फोर्स की टीम ने 14 मई को जयपुर थाना क्षेत्र के जंदाहा गांव में 14 वर्षीय नाबालिग को शादी के कंगन का बोझ डालने के आरोप में हथकड़ी लगवा कर जेल भेज गया है। इससे एक दिन पूर्व ही इस नाबालिग की शादी रुकवाए जाने बावजूद उसके पिता ने उसकी शादी करवा दी थी।

कोट...

इस साल मार्च से अबतक 13 नाबालिग लड़कियों की शादी रुकवाई गई है। जबकि इसमे रोक के बाद भी बेटी की शादी करवाने वाले एक पिता को जेल भेज गया है। क्षेत्र में बाल विवाह को जनप्रतिनिधि भी बढ़ावा दे रहे हैं। वे बाल विवाह के खिलाफ की जाने वाली कारवाई को रोकने का हर संभव प्रयास करते हैं। जिससे टास्क फोर्स की टीम को परेशानियों का भी सामना करना पड़ रहा है।

- मनोज कुमार सिंह, जिला समन्वयक, चाइल्डलाइन

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