बिहार सिपाही भर्ती परीक्षा: बेतिया के 14 केंद्रों पर कड़े पहरे में परीक्षा, GS के प्रश्नों ने परीक्षार्थियों को उलझाया
CSBC Bihar Constable Exam: बेतिया में सिपाही भर्ती परीक्षा संपन्न, छात्रों ने बताया- किस सेक्शन के सवालों ने सबसे ज्यादा छकाया!

बेतिया (बिहार)। बिहार में सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए रविवार का दिन बेहद अहम रहा। केंद्रीय चयन पर्षद (CSBC) की ओर से मद्य निषेध सिपाही, कक्षपाल और चलंत दस्ता सिपाही के पदों पर भर्ती के लिए लिखित परीक्षा का आयोजन किया गया। बेतिया जिले के 14 परीक्षा केंद्रों पर यह परीक्षा पूरी तरह मुस्तैद सुरक्षा व्यवस्था के बीच संपन्न हुई। परीक्षा को लेकर अभ्यर्थियों में भारी उत्साह देखा गया, जिसके कारण सुबह से ही केंद्रों के बाहर परीक्षार्थियों और उनके अभिभावकों का तांता लगा रहा।
अगर आप भी इस परीक्षा में शामिल हुए थे या आने वाली परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं, तो आइए जानते हैं कि परीक्षा का पैटर्न कैसा था, सुरक्षा के क्या इंतजाम थे और अभ्यर्थियों के मुताबिक किस सेक्शन ने सबसे ज्यादा छकाया।
इन महत्वपूर्ण पदों के लिए हुई लिखित परीक्षा
केंद्रीय चयन पर्षद द्वारा आयोजित इस परीक्षा के जरिए कई अहम विभागों में रिक्त पदों को भरा जाना है। इसमें मुख्य रूप से शामिल हैं:
मद्य निषेध उत्पाद एवं निबंधन विभाग में 'मद्य निषेध सिपाही'
गृह विभाग (कारा) के अंतर्गत कारा एवं सुधार सेवाएं निरीक्षणालय में 'कक्षपाल' (Jail Warder)
परिवहन विभाग में 'चलंत दस्ता सिपाही' (Mobile Squad Constable)
दो पालियों में परीक्षा, एंट्री के लिए लागू थे कड़े नियम
बेतिया के सभी 14 केंद्रों पर परीक्षा को दो पालियों (Shifts) में आयोजित किया गया। पर्षद और जिला प्रशासन की ओर से परीक्षा को कदाचार मुक्त बनाने के लिए रिपोर्टिंग टाइम और एंट्री को लेकर सख्त गाइडलाइंस जारी की गई थीं।
सुबह 8:00 बजे से ही केंद्रों पर अभ्यर्थियों की सघन चेकिंग शुरू कर दी गई थी। एक-एक परीक्षार्थी की कड़ाई से जांच करने के बाद ही उन्हें परिसर के भीतर जाने की अनुमति मिली। पहली पाली की परीक्षा सुबह 10:00 बजे से दोपहर 12:00 बजे तक आयोजित हुई, जिसके लिए अंतिम प्रवेश का समय सुबह 9:00 बजे तक ही निर्धारित था। वहीं, दूसरी पाली की परीक्षा दोपहर 3:00 बजे से शाम 5:00 बजे तक चली, जिसमें अभ्यर्थियों को दोपहर 2:00 बजे के बाद एंट्री नहीं दी गई। देर से पहुंचने वाले कई अभ्यर्थियों को मायूस भी लौटना पड़ा।
कैसा रहा पेपर? 'जीएस' के सवालों ने परीक्षार्थियों को उलझाया
परीक्षा देकर केंद्र से बाहर निकले अभ्यर्थियों के चेहरों पर मिली-जुली प्रतिक्रिया देखने को मिली। पेपर के स्तर को लेकर जब परीक्षार्थियों से बात की गई, तो उन्होंने बताया कि इस बार का प्रश्नपत्र संतुलित लेकिन थोड़ा समय लेने वाला था।
परीक्षा में शामिल हुए छात्र श्याम राज ने बताया, "ओवरऑल पेपर ठीक था, लेकिन जनरल स्टडीज (GS) यानी सामान्य अध्ययन के सवाल काफी कठिन पूछे गए थे। जीएस के प्रश्नों का स्तर अच्छा होने के कारण उन्हें हल करने में काफी समय लगा, जिससे टाइम मैनेजमेंट में थोड़ी चुनौती आई।" कई अन्य छात्रों ने भी माना कि गणित और हिंदी के मुकाबले सामान्य ज्ञान और विज्ञान के प्रश्नों ने उन्हें ज्यादा छकाया।
सुरक्षा के थे कड़े बंदोबस्त, चप्पे-चप्पे पर रही नजर
जिला प्रशासन परीक्षा की पारदर्शिता, शुचिता और गोपनीयता को लेकर पूरी तरह गंभीर नजर आया। किसी भी तरह की गड़बड़ी या कदाचार को रोकने के लिए परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा के चाक-चौबंद इंतजाम थे।
सभी 14 परीक्षा केंद्रों पर स्टैटिक दंडाधिकारी-सह-प्रेक्षक (Static Magistrates-cum-Observers), महिला दंडाधिकारियों और पुलिस पदाधिकारियों की तैनाती की गई थी। इसके अलावा, केंद्रों के बाहर और भीतर पर्याप्त संख्या में पुलिस बल मुस्तैद रहा, जिससे परीक्षा शांतिपूर्ण और निष्पक्ष माहौल में संपन्न हो सकी। प्रशासन की इस मुस्तैदी के कारण कहीं से भी किसी अप्रिय घटना या नकल की शिकायत सामने नहीं आई।
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