अतिक्रमण से रुका 5.60 करोड़ का काम
नरकटियागंज के टीपी वर्मा कॉलेज की दो तिहाई जमीन पर अतिक्रमण हो गया है, जिससे कॉलेज का विकास रुक गया है। सरकार ने कॉलेज की बेहतरी के लिए 10 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं, लेकिन जमीन की कमी के कारण निर्माण कार्य ठप पड़ा है। पूर्व विधायक रश्मि वर्मा ने विधानसभा में इस मुद्दे को उठाया है।
नरकटियागंज। टीपी वर्मा काॅलेज नरकटियागंज की करीब दो तिहाई जमीन के अतिक्रमण ने काॅलेज प्रशासन की मुसीबत बढ़ा दी है। बिहार विश्वविद्यालय से संबद्ध टीपी वर्मा कालेज नरकटियागंज अनुमंडल का एकमात्र सरकारी महाविद्यालय है। खासकर फुटबाल के क्षेत्र में यहां के पुरुष व महिला खिलाड़ियों ने राष्ट्रीय स्तर पर इस कालेज का नाम रौशन किया है। अति पिछड़े क्षेत्र में स्थित इस कालेज में थारू जनजाति के साथ साथ अन्य वर्गों की छात्र छात्राओं की बहुलता है किंतु कालेज की जमीन के अधिकांश हिस्सों का अतिक्रमण इसके विकास में बाधक बना हुआ है। राशि की उपलब्धता के बावजूद निर्माण कार्य ठप पड़ा हुआ है।
कालेज के भूमि दाता की पतोहु व पूर्व विधायक रश्मि वर्मा ने बताया कि महाविद्यालय के लिए 1.20 तथा 3.36 एकड़ जमीन दी गई है। इसके अलावा 13 डिसमिल जमीन सड़क के लिए दी गई है। किंतु वर्तमान में काॅलेज प्रशासन के पास सिर्फ 1.20 एकड़ जमीन है। 3.36 एकड़ जमीन अतिक्रमण की गिरफ्त में है। विधायक ने बताया कि मामले को उन्होंने विधानसभा में भी उठाया था। इसकी जांच कराई गई किंतु अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। कालेज के विकास के लिए मिले हैं 10 करोड़ रुपए : टीपी वर्मा कालेज की बेहतरी के लिए सरकार की ओर से 10 करोड़ रुपए मिले हैं। इसमें से 5.60 करोड़ सिर्फ सिविल वर्क के लिए मिले हैं। शेष रुपए आईसीटी लैब,उपकरण की खरीदारी,आधुनिक सुविधा उपलब्ध कराने समेत सेमिनार आदि में खर्च होंगे। प्राचार्य डा सुरेन्द्र राय ने बताया कि जमीन की उपलब्धता नहीं होने से निर्माण कार्य अटका हुआ है। उन्होंने बताया कि पूर्व के कई प्राचार्यों ने जमीन के अतिक्रमण को लेकर डीएम समेत अन्य वरीय पदाधिकारी से पत्राचार किया है किंतु अब तक कार्रवाई नगण्य है। ज्यपाल भवन द्वारा मांगी गई थी रिपोर्ट : प्राचार्य डा सुरेन्द्र राय ने बताया कि कालेज की जमीन के अतिक्रमण को लेकर महामहिम राज्यपाल की ओर से रिपोर्ट मांगी गई थी। पत्र के आलोक में रिपोर्ट सौंप दी गई है। उन्होंने बताया कि इसके पूर्व उच्च शिक्षा की निदेशक द्वारा कालेज की जांच की गई थी। उन्होंने कालेज की जमीन के अतिक्रमण को गंभीरता से लेते हुए कार्रवाई का आश्वासन दिया था हालांकि अभी भी कार्रवाई का इंतजार है। अतिक्रमण हटा दिया जाएगा तो कॉलेज में निर्माण शुरू होंगे जिससे छात्रों को लाभ मिलेगा। काॅलेज की दो तिहाई जमीन का अतिक्रमण कर लिया गया है। इससे कालेज का विकास बाधित है। इसके लिए विधानसभा में उन्होंने प्रश्न भी पूछा है। अतिक्रमण हटाने में काॅलेज प्रशासन भी बहुत गंभीर नहीं है। हालांकि यह लड़ाई वे अतिक्रमण हटने तक लड़ेंगी। -रश्मि वर्मा, पूर्व विधायक व भूमि दाता के परिजन

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