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मुजफ्फरपुर शहर पर बढ़ रहा बूढ़ी गंडक का दबाव

मुजफ्फरपुर शहर पर बढ़ रहा बूढ़ी गंडक का दबाव

उत्तर बिहार के जिलों में नदियों के जलस्तर में शनिवार को उतार-चढ़ाव जारी रहा। मुजफ्फरपुर, पूर्वी चम्पारण, दरभंगा व समस्तीपुर जिलों में बाढ़ का पानी अभी भी बढ़ रहा है। मुजफ्फरपुर शहर पर बूढ़ी के उफान से पानी का दबाब लगातार बढ़ रहा है। हालांकि, पश्चिम चंपारण, सीतामढ़ी और मधुबनी में जलस्तर घटने लगा है। बूढ़ी गंडक में पानी बढ़ने से दरभंगा समस्तीपुर रेलखंड पर ट्रेनों का परिचालन भी बाधित हो गया है। मोतिहारी में सेना के दो हेलीकॉप्टरों की मदद से राहत कार्य शुरू कर दिया गया है। समस्तीपुर जिले के बाढ़ प्रभावित इलाकों का दायरा अब भी बढ़ रहा है। मुजफ्फरपुर में बूढ़ी गंडक का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। गंडक में उफान से निकटवर्ती कई प्रखंड व शहर के कुछ हिस्सों में पानी का फैलाव बढ़ा है। मुशहरी व बोचहां के अलावा शहर के उत्तरी भाग में पानी का दबाव बढ़ा है। औराई प्रखंड में बागमती बांध के बाहर नये इलाकों में पानी तेजी से फैल रहा है। सीतामढ़ी से बागमती का पानी लखनदेई व मनुषमारा नदी में मिलने से इलाके में तबाही है। पश्चिम चम्पारण के बाढ़ ग्रस्त प्रखंडों से पानी उतरने लगा है। हालांकि, राहत वितरण के लिए जिला प्रशासन के साथ जगह-जगह नोक-झोंक हुई। इस बीच डीएम ने पूरे जिले में क्षति का आकलन तेज करने के निर्देश दिए हैं। शनिवार को मझौलिया व नरकटियागंज अंचलों में बाढ़ पीड़ितों ने राहत के लिए हंगामा किया। पूर्वी चम्पारण में सेना ने राहत वितरण की कमान संभाल ली है। दो हेलीकॉप्टरों से बाढ़ प्रभावित ग्रामीण क्षेत्रों में जवानों ने सूखा राहत पैकेट गिराया। मोतिहारी शहर के वार्ड नंबर 26 व 27 में स्थिति गंभीर हो गयी है। नगर के कई नए इलाकों में पानी घुस गया है। इधर, वार्ड नंबर 27 आजाद नगर के लोगों ने नाव की मांग को लेकर सड़क जाम कर प्रदर्शन किया। मधुबन के नये इलाकों में पानी के फैलाव से करीब 250 घर घिर गये हैं। चिरैया के गोढ़िया हराज बूढ़ी गंडक बांध में रिसाव से अफरातफरी मची रही। सीतामढ़ी में बागमती समेत अन्य नदियों का कहर थम गया है। पानी धीरे-धीरे कम हो रहा है। हालांकि, प्रखंडों में सड़कें टूट जाने से भारी परेशानी है। जिला प्रशासन ने राहत वितरण तेज कर दिया है। एनडीआरएफ, सेना व एसडीआरएफ की टीमें राहत पहुंचा रही हैं। कई जगहों पर राहत को लेकर अफसरों के प्रति गुस्सा भी है। दरभंगा में बागमती के जलस्तर में कमी के बावजूद शहर के पांच वार्डों में बाढ़ का पानी घुस गया। दरभंगा-समस्तीपुर रेलखंड के हायाघाट रेल पुल पर पानी आने के बाद दोपहर से इस पर सभी ट्रेनों का परिचालन बंद कर दिया गया है। दरभंगा-नरकटियागंज रेलखंड में जनकपुर रोड तक ही ट्रेनें चल रही हैं। प्रशासन की ओर से राहत व बचाव कार्य की कोई व्यवस्था नहीं होने से बाढ़ पीड़ितों में आक्रोश है। समस्तीपुर जिले में नदियों के जलस्तर में वृद्धि के साथ बाढ़ प्रभावित इलाकों का दायरा भी बढ़ रहा है। करेह के जलस्तर में वृद्धि से सिंघिया प्रखंड कार्यालय में बाढ़ का पानी घुस गया। प्रखंड की 13 पंचायतें बाढ़ की चपेट में आ गयीं। कल्याणपुर में बाढ़ प्रभावित पंचायतों की संख्या बढ़कर 12 हो गयी। कल्याणपुर में अधिकारियों की दो टीमों ने बाढ़ग्रस्त इलाकों का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया। मधुबनी के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में घीरे-घीरे पानी कम होने लगा है। जलजमाव से कमजोर हुए कच्चे मकानों के गिरने की आशंका बढ़ गई है। एक दर्जन से अधिक पथों पर यातायात बाधित रहने से राहत कार्य में भी परेशानी हो रही है। जिला प्रशासन के अनुसार जिले में बाढ़ से करीब 470 गांव प्रभावित है। करीब सात लाख 65 हजार 168 आबादी प्रभावित है। बाढ़गस्त क्षेत्रों में सरकारी नाव 109 एवं निजी नाव 28 चलाये जा रहे हैं। फोटो : बेतिया 11 : पश्चिम चंपारण में गोपालपुर थाने के पास बाढ़ के पानी के बीच से गुजरते लोग। मधु 5 : बिस्फी प्रखंड के भैरवा गांव में सिर पर सामान रख सुरक्षित स्थान की ओर जाते बाढ़ पीड़ित। मधु 8 : मधुबनी में बाढ़ राहत व बचाव कार्य में जुटी सेना व एनडीआरएफ की टीम। विजय 6 : पानी में डूबा समस्तीपुर जिले के कल्याणपुर की हरसंड पश्चिमी पंचायत का उत्क्रमित मध्य विद्यालय गोबरसिट्ठा। बथनाहा 1 : सीतामढ़ी जिले के बथनाहा प्रखंड के नरौली गांव में घर गिरने के बाद खुले में रहने को विवश परिवार। एसके 3 : लखनदेई नदी के पानी से सीतामढ़ी शहर के वार्ड 14 का डूबा इलाका।

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  • Web Title:The pressure of old Gandak rising on the city of Muzaffarpur