बीपीएससी से नियुक्त प्रधान शिक्षको के समक्ष रोटी के लाले
बगहा के प्रधान शिक्षकों को बीपीएससी के माध्यम से नियुक्ति के बाद भी वेतन नहीं मिल रहा है। शिक्षकों की ईएमआई लगातार मिस हो रही है और कर्ज का बोझ बढ़ता जा रहा है। महिला प्रधान शिक्षिकाओं को सबसे अधिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है, जबकि विभाग ने छठ पर्व पर वेतन जारी करने का आदेश दिया था, जो अभी तक कागजों में ही रह गया है।

बगहा, हमारे संवाददाता। नियेजित से विशिष्ट शिक्षक बने, उसके बाद बीपीएससी के माध्यम से हुयी परीक्षा को पास कर नियुक्त प्रधान शिक्षको के समक्ष रोटी के लाले पड़े हुये हैं। आलम यह है कि किसी की ईएमआई लगातार मिस हो रही है तो किसी पर महाजन का कर्ज बढ़ता ही जा रहा है। कुछ शिक्षको की माने तो बेहतर की तालाश में बीपीएससी से पास कर प्रधान शिक्षक बने, उन्हे क्या मालूम था कि वे पहले से भी बदतर हालत में पहुंचे जाएगें। कुछ शिक्षको का तो यह भी कहना है नियोजित शिक्षको का वेतन एकदम अपडेट हैं, उनके बाद बहाल हुये टीआरई 3 के शिक्षको का भी वेतन भुगतान होना शुरु हो गया है लेकिन उनलोगो के साथ शिक्षा विभाग द्वारा अनदेखी की जा रही है।
प्रधान शिक्षको ने कहा कि वे पहले से ही शिक्षक थे ऐसे में किसी ने लोन पर कार ले रखी है तो किसी का होम व पर्सनल लोन चल रहा है। ऐसे मेें उनकी ईएमआई लगतार मिस हो रही है। शुरु शुरु में तो यार-दोस्तो ने कर्ज लिया, फिर महाजनो से, अब तो पांचवां महीना शुरु हो गया है। कोई उधार देने को भी तैयार नही है। सबसे अधिक परेशानी महिला प्रधान शिक्षिकाओं को है। पिछले पांच माह से वेतन के नही आने से उनके घर वालो ने स्कूल पहुंचाने की जिम्मेवारी से भी मुंह मोडना शुरु कर दिया है। परिजनो का कहना है कि तुमको वेतन मिल नही रहा है और वे भी कमाने नहीं जाएगें तो फिर क्या भुखे मरेंगे। हालाकि विभाग की तरफ से छठ पर्व में सभी को वेतन जारी करने का आदेश जारी किया गया था लेकिन वह कागजो में ही रह गया।
लेखक के बारे में
Hindustanलेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।


