Hindi NewsBihar NewsBagaha NewsSevere Damage to Rice Crops in Yogapatti Due to Monsoon and Cyclone
फसलों को भारी नुकसान,रबी की बुआई होगी प्रभावित

फसलों को भारी नुकसान,रबी की बुआई होगी प्रभावित

संक्षेप: योगापट्टी प्रखंड में मोंथा चक्रवाती तूफान के कारण चार दिनों से हो रही बारिश ने धान की फसलों को बड़ा नुकसान पहुँचाया है। बारिश और तेज हवा से फसलें गिर गई हैं और जलजमाव की स्थिति बनी हुई है। किसान अब सरकारी मुआवजे की मांग कर रहे हैं, ताकि अगली फसल की तैयारी कर सकें।

Mon, 3 Nov 2025 12:00 AMNewswrap हिन्दुस्तान, बगहा
share Share
Follow Us on

योगापट्टी एक संवाददाता। मोंथा चक्रवाती तूफान के असर से पिछले चार दिनों से रूक रूक कर हो रही बारिश व बूंदाबांदी से योगापट्टी प्रखंड क्षेत्र में धान के फसलों को काफी नुकसान हुआ है।बारिश व तेज हवा के कारण धान की फसलें गिर गयी है।गिरने से धान का दाना पानी में डूब गया है।वहीं जो किसान धान की कटनी कर खेतों में छोड़े है उसका भी नुकसान हुआ है।योगापट्टी में एक तो पहले से ही बारिश व बाढ़ से धान की फसलें बर्बाद हो चुकी है।पिछले चार दिनों से रूक रूक कर हो रही बारिश से किसानों की चिंता बढ़ा दी है।धान

LiveHindustan को अपना पसंदीदा Google न्यूज़ सोर्स बनाएं – यहां क्लिक करें।

के फसलों को देख किसान सिर पीट रहे हैं।अब जब धान के कटने का समय आया तो बारिश ने किसानों के मेहनत पर पानी फेर दिया है।इधर, बारिश से कई जगहों पर जलजमाव की स्थिति हो गयी है।नवलपुर बाजार में जलजमाव की स्थिति है।जलजमाव से आसपास के दुकानदारों को काफी परेशानी हो रही है।उन्हें अपने दुकान से पानी होकर निकलना पड़ रहा है।प्रखंड क्षेत्र में कुल 7,630 हेक्टेयर रकबा में एकड़ में धान की खेती की गई थी,जिसमें 75 प्रतिशत से अधिक फसल बर्बाद होने की आशंका है।किसानों का कहना है कि पहले बारिश की कमी से पैदावार प्रभावित हुई,अब तूफान और वर्षा ने पूरी मेहनत पर पानी फेर दिया।किसान अब सरकारी मुआवजे की मांग कर रहे हैं ताकि अगली फसल के लिए उन्हें आर्थिक सहायता मिल सके।बारिश के चलते तैयार धान के फसल खेतों में पानी लग जाने के कारण सड़ रहे हैं।जिस धान को काटकर खेत मे सूखने के लिये छोड़ दिया गया था,उस धान में भी अंकुरण आ गया है। किसान उसी स्थिति में धान को पानी से निकालकर सूखे स्थान पर रख रहे हैं। पिपरा कचहरी टोला गांव के किसान फिरोज अंसारी का कहना है कि उसके एक एकड़ धान काटकर सूखने के लिए छोड़ा गया था। सभी जलजमाव के शिकार हो गए और धान में अंकुरण आ गया है।