निर्माण सामग्री की कीमतों पर पड़ेगा असर
पेट्रोल-डीजल की कीमतों में वृद्धि से किसानों की चिंता बढ़ गई है। खेती में लागत बढ़ने से मक्का उत्पादक किसानों को उचित मूल्य नहीं मिल रहा है। इसके अलावा, गृह निर्माण और सिंचाई खर्च भी बढ़ गया है। अगर युद्ध की स्थिति बनी रहती है, तो बेरोजगारी और अनाज ढुलाई में भी समस्या आएगी।

पेट्रोल-डीजल की बढ़ी हुई कीमत से किसानों की बेचैनी बढ़ गई है। खेती में लागत बढ़ने से किसानों को घाटा उठाने की चिंता अभी से सताने लगी है। किसान नंदकिशोर कुशवाहा, बृजेश कुशवाहा, सत्येंद्र महतो ने बताया कि मौसम की बेरुखी से खेती की लागत बढ़ गई है। ऐसे में डीजल के दाम बढ़ने से खरीफ फसलों के उत्पादन पर प्रतिकूल असर पड़ेगा। सिंचाई खर्च बढ़ जाएगी। गृह निर्माण में उपयोग होने वाले सामानों के दाम बढ़ने से घर बनाना भी अब महंगा पड़ेगा। बालू के साथ-साथ ईंट का दाम भी आसमान छूने लगा है। युद्ध की स्थिति में सबसे ज्यादा परेशानी किसानों के साथ-साथ मजदूरों को हो रही है।
भागेलु राम, सोहन बैठा ने कहा कि अगर युद्ध लंबा खींचा तो बेरोजगारी बढ़ेगी। मजदूर स्वदेश लौटने लगेंगे। अनाजों का ढुलाई प्रभावित होगा। सबसे ज्यादा चिंतित मक्का उत्पादक किसान हैं। मक्के का निर्यात नहीं होने से किसानों को उचित मूल्य नहीं मिलेगा। जिसके कारण भी किसानों को अपनी पूंजी भी निकालने में मुश्किल होगी।
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