शिक्षा भवन के गेट पर स्कूलों के सफाई कर्मियों और नाइट गार्ड का प्रदर्शन
बेतिया, बेतिया कार्यालय सरकारी स्कूलों में आउट सोर्सिंग एजेंसी की ओर से बहाल सफाई
बेतिया, बेतिया कार्यालय सरकारी स्कूलों में आउट सोर्सिंग एजेंसी की ओर से बहाल सफाई कर्मियों व नाइट गार्ड्स ने सोमवार को मानदेय भुगतान को लेकर जिला शक्षिा कार्यालय में जमकर प्रदर्शन किया। सैकड़ों की संख्या में पहुंचे सफाई कर्मियों व नाइट गार्ड्स ने इस दौरान जमकर नारेबाजी भी की। लगभग 2 घंटे तक इनका प्रदर्शन चला रहा इस दौरान शक्षिा विभाग के अधिकारियों के विरोध में इन्होंने नारेबाजी की। शक्षिा विभाग की कार्यशैली पर उंगली उठाते हुए आरोप लगाया कि विभाग के स्थानीय अधिकारियों की ग़लत कार्यशैली व परेशान करने की नियत की वजह से नियमित काम करने के बाद भी उनके पारश्रिमिक का भुगतान नहीं हो रहा।
सफाई कर्मियों में एजेंसी के कोऑर्डिनेटर कुंदन कुमार के अलावा रिंकी देवी मंजू धीरेंद्र पटेल आदि का कहना था कि करीब आठ से नौ महीने का पारश्रिमिक बकाया है। एक तो साफ-सफाई जैसे काम करने के बावजूद उन्हें काफी कम पारश्रिमिक दिया जाता है, लेकिन वह भी समय से नहीं मिलता। वहीं एजेंसी द्वारा बहाल नाइट गार्ड्स ने काफी लंबे समय से भुगतान नहीं होने की बात कही। विरोध प्रदर्शन के दौरान शक्षिा विभाग व अधिकारियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई। सफाई कर्मियों व नाइट गार्ड्स के इस विरोध प्रदर्शन से शक्षिा भवन में घंटों अफरातफरी मची रही। हालांकि विरोध प्रदर्शन के दौरान जिला शक्षिा पदाधिकारी कार्यालय में मौजूद नहीं थे। बाद में प्रदर्शन की सूचना के बाद डीईओ के आदेश पर शक्षिक ग्रुप में मैसेज भेज कर वद्यिालय प्रधानों को नर्दिेश दिया गया कि वे विरोध प्रदर्शन कर रहे सफाई कर्मियों व नाइट गार्ड्स को अविलंब वद्यिालय में वापस बुलाएं। आउटसोर्सिंग एजेंसी के माध्यम से कार्यरत सफाई कर्मी एवं रात्रि प्रहरी के द्वारा जिला कार्यालय में धरना प्रदर्शन से कार्यालय कार्य प्रभावित हो रहा है। उक्त कर्मियों के बकाया मानदेय की राशि का भुगतान कल तक संबंधित एजेंसियों को कर दिया जाएगा। बिना निविदा निकाले ब्लैक लस्टिेड एजेंसी को दिया गया है काम: शक्षिा भवन में सफाई कर्मियों व नाइट गार्ड्स के प्रदर्शन में पहुंचे आउटसोर्सिंग एजेंसी ईएसईपीएल के जिला समन्वयक कुंदन कुमार ने बताया कि लगातार पत्राचार के बावजूद विभाग से मार्च 2025 के बाद एजेंसी को भुगतान नहीं किया जा रहा है। अप्रैल से दिसंबर तक एजेंसी के 5 करोड़ रुपए का विपत्र भुगतान लंबित है। इसकी वजह से सफ़ाई कर्मियों व नाइट गार्ड्स के पारश्रिमिक का भुगतान नहीं हो पा रहा। हालांकि एजेंसी ने जैसे तैसे मई-जून तक भुगतान किया है। बकाया भुगतान को लेकर डीईओ, डीएम व विभागीय प्रधान सचिव तक को की पत्र भेजा जा चुका है। लेकिन अब तक भुगतान नहीं किया गया है। उल्टे डीईओ के स्तर से कथित दोषारोपण कर एजेंसी के एग्रीमेंट को निरस्त करने का पत्र वायरल किया गया है। इसके साथ ही स्थानीय अधिकारियों की मिली भगत से बीते दिनों बिना किसी निविदा के एक ऐसी एजेंसी को काम सौंपा गया है जो कि पहले से ही ब्लैक लस्टिेड है। जबकि ईएसईपीएल अगस्त 2023 में हुए एग्रीमेंट के बाद से ही काफी पारदर्शिता व जम्मिेदारी से सेवा देती आ रही है।

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