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मिट्टी पर पसीना बहा निखर रहे कबड्डी खिलाड़ी, सुविधाएं मिले तो लगेंगे पंख

मिट्टी पर पसीना बहा निखर रहे कबड्डी खिलाड़ी, सुविधाएं मिले तो लगेंगे पंख

संक्षेप:

आज प्रो-कबड्डी लीग के माध्यम से कबड्डी का खेल एक बार फिर से चर्चित हो गया है। हालांकि, पश्चिम चंपारण के खिलाड़ियों को उचित संसाधनों और खेल मैदानों की कमी का सामना करना पड़ रहा है। खिलाड़ी बेहतर प्रदर्शन के लिए सुविधाओं की मांग कर रहे हैं। 

Jan 16, 2026 10:26 pm ISTNewswrap हिन्दुस्तान, बगहा
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आज क्रिकेट की तरह ही आईपीएल के तर्ज पर प्रो-कबड्डी लीग के मार्फत कबड्डी जैसा खेल चर्चित हो गया है। पुराने खेलों में कबड्डी ही ऐसा खेल है, जिसका क्रेज आज भी बरकरार है। प्रो-कबड्डी के माध्यम से कबड्डी को एक बार फिर से चर्चित बना दिया गया है खिलाड़ियों की इसमें बोली लगाई जाती है। विभिन्न हस्तियों ने कबड्डी की टीम खरीद रखी है। अगर शहर की बात करें तो कबड्डी खिलाड़ियों को उपकरण और बेहतर संसाधन का अभाव है। कबड्डी के खिलाड़ियों का अपना मैदान नहीं होने के कारण कभी इन्हें एमजेके कॉलेज से कभी आईटीआई मैदान में जाकर प्रेक्टिस करना पड़ता है।

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इसके चलते राज्यस्तर तक तो पहुंच रहे हैं, लेकिन राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीयस्तर तक नहीं पहुंच पाते हैं। कबड्डी खिलाड़ियों को सबसे ज्यादा मैट उपलब्ध नहीं होने से परेशानी होती है। खिलाड़ी रमना मैदान में या महाराजा स्टेडियम में ही कोट बनाकर मिट्टी में खेलते हैं। इस कारण खिलाड़ियों की प्रतिभा उभर नहीं पा रही है। कबड्डी एसोसिएशन के सचिव आलोक कुमार बताते हैं कि सत्र 2024-2025 में पश्चिम चंपारण जिले के महाराजा स्टेडियम में अंडर 19 विद्यालय कबड्डी प्रतियोगिता का आयोजन किया गया था। इसमें पश्चिम चंपारण के खिलाड़ियों ने क्वार्टर फाइनल में प्रवेश किया। अगर उन्हें अच्छी सुविधा उपलब्ध कराई जाए को यहां के खिलाड़ी भी राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में शामिल हो सकते हैं। एमजेके कॉलेज के मैदान में भी कबड्डी का आयोजन कराया जाता है। जिलास्तरीय कबड्डी प्रतियोगिता के माध्यम से उत्कृष्ट खिलाड़ियों का चयन किया जाता है। चयनित खिलाड़ी राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में भाग लेते हैं। लेकिन खिलाड़ियों के पास सुविधाएं कम होने के कारण उन्हें खेलने में परेशानी होती है। कबड्डी के खिलाड़ियों के लिए कोर्ट नहीं बना हुआ है। कबड्डी के खिलाड़ी दुर्गेश कुमार, आतिश कुमार आदि ने बताया कि बिहार राज्य खेल प्राधिकरण एवं खेल विभाग द्वारा पश्चिम चंपारण में कबड्डी खिलाड़ियों के लिए खेलो इंडिया स्मॉल सेंटर भी दिया गया, जो खिलाड़ियों के लिए नाकाफी साबित हो रहा है। पश्चिम चंपारण कबड्डी संघ द्वारा भी कबड्डी खेल से संबंधित उपकरण, मैट, जूते एवं खेलने के लिए मैट लगाया गया आउटडोर स्टेडियम की मांग की गई थी। परंतु खेल विभाग की उदासीनता के कारण खिलाड़ियों को अभी तक मैट उपलब्ध नहीं हो सका है। खिलाड़ी संजीत कुमार, नंदन कुमार बताते है कि जिला प्रशासन द्वारा खिलाड़ियों के लिए फिजियोथेरेपी की व्यवस्था होनी चाहिए। खिलाड़ियों को बार-बार चोट लगते रहती है। कबड्डी ऐसा खेल है जिसमें शारीरिक फिटनेस की काफी जरूरत है। ऐसे में खिलाड़ियों को सुविधा मिलनी चाहिए। जिससे खिलाड़ी बेहतर प्रदर्शन कर सकें। इस खेल में असीम संभावनाएं हैं। खिलाड़ी कबड्डी खेल कर अपना करियर बना सकते हैं। आज क्रिकेट में जैसे आईपीएल होता है, वैसे ही कबड्डी में भी कबड्डी लीग खेला जाता है। इसमें देश के विभिन्न राज्यों की टीमें भाग लेती है। इसमें पटना की टीम भी शामिल होती है। अगर खिलाड़ी बेहतर प्रदर्शन करते हैं तो इसमें शामिल हो सकते हैं।

-बोले जिम्मेदार-

बिहार राज्य खेल प्राधिकरण एवं खेल विभाग द्वारा पश्चिम चंपारण में कबड्डी खिलाड़ियों के लिए खेलो इंडिया स्मॉल सेंटर दिया गया है। इसके अलावा खिलाड़ियों की जितनी भी मांग है, उससे संबंधित पत्राचार बिहार राज्य खेल प्राधिकरण से किया गया है। जिले के विभिन्न प्रखंडों में खेल मैदान का निर्माण जारी है। खेल मैदान का निर्माण हो जाने के बाद किसी भी खेल के लिए मैदान की कमी नहीं रहेगी।

-विजय कुमार पंडित, जिला खेल पदाधिकारी