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मधुबनी व दरभंगा में बाढ़ से घिरी ढाई लाख की आबादी

मधुबनी व दरभंगा में बाढ़ से घिरी ढाई लाख की आबादी

मौसम विभाग की भारी बारिश की चेतावनी का उत्तर बिहार के जिलों पर कुछ खास असर नहीं दिखा। शुक्रवार को दिनभर रूक-रूक कर बारिश होती रही। पश्चिम व पूर्व चंपारण जिलों में बाढ़ की आशंका और अधिक गहरा गयी है। हालांकि, दरभंगा व मधुबनी जिलों में कमला-बलान, कोसी व गेहुंआ नदियों के जलस्तर में बढोतरी से लगभग ढाई लाख लोग प्रभावित हुए हैं। लोगों का उंचे स्थानों की ओर पलायन जारी है। पश्चिम चंपारण में मौसम विभाग की ओर से जारी हाई अलर्ट का कुछ खास असर नहीं दिखा। हालांकि, रुक-रुक कर बूंदाबांदी होती रही। नेपाल में लगातार बारिश को देखते हुए गंडक बराज पर अलर्ट जारी कर दिया गया है। सभी कर्मियों को हमेशा तैयार रहने और बिना सूचना मुख्यालय नहीं छोड़ने का आदेश जारी किया गया है। शुक्रवार को बराज से 1 लाख 92 हजार 700 सौ क्यूसेक पानी छोड़ा गया। गंडक बराज के कार्यपालक अभियंता जमील अहमद ने बताया कि नेपाल के नारायणगढ़ से करीब 2.5 लाख क्यूसेक पानी छोड़ने की सूचना है। पूर्वी चम्पारण में नेपाली नदियों के उफनाने से बाढ़ की आशंका बढ़ गयी है। ढाका में लालबकेया नदी में पानी बढ़ने लगा है। यह कभी भी खतरे के निशान को पार कर सकता है। इसे लेकर गुआबारी तटबंध पर मुस्तैदी बढ़ा दी गयी है। रक्सौल में सिसवा गांव के पास गाद नदी रेलवे पुल के पास कटाव कर रही है। इससे बाढ़ का पानी सिसवा सरेह में फैलने लगा है। जल संसाधन विभाग के एसई सतीश कुमार ने बताया कि गंडक नदी का जलस्तर बढ़ रहा है। संभावित बाढ़ को लेकर तटबंधों की सुरक्षा के लिए अलर्ट जारी किया गया है। सीतामढ़ी में बागमती के जलस्तर में वृद्धि का सिलसिला जारी रहा। इससे बाढ़ का खतरा बरकरार है। लालबकेया नदी का गोआबारी में जलस्तर लाल निशान से ऊपर है। झीम नदी का सोनबरसा और अधवारा समूह की नदियों का जलस्तर सुन्दरपुर व पुपरी में बढ़ गया है। सभी नदियों के जलस्तर में बढोतरी की प्रवृत्ति बनी हुई है। बागमती प्रमंडल, सीतामढ़ी के कार्यपालक अभियंता राम विनय सिन्हा ने बताया कि बागमती नदी के जलस्तर में तेजी से वृद्धि हो रही है। मधुबनी शहर के सभी मोहल्लों में बारिश का पानी प्रवेश कर गया है। घरों व दुकानों में भी पानी घुस गया है। मधुबनी में कोसी, कमला व बलान सहित सभी नदियां उफान पर हैं। बासोपट्टी में बेलन्यौती नदी पर बना डायवर्सन बह गया। मधेपुर में कोसी तटबंध के बीच में रह रही 50 हजार से अधिक आबादी बाढ़़ से प्रभावित है। कई पंचायतों के गांव टापू बन चुके हैं। अन्य पंचायतों पर भी बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है। शुक्रवार सुबह कोसी बराज से पानी का डिस्चार्ज 2 लाख, 51 हजार क्यूसेक हो गया। समस्तीपुर जिले में कहीं तेज तो कहीं फुहार के रूप में बारिश हुई। दोपहर बाद तीन बजे धूप निकल आयी। मोहनपुर प्रखंड से गुजरने वाली गंगा के जलस्तर में गुरुवार शाम से वृद्धि ठहर गयी है। अभी यह 45 .05 मीटर पर है, जो खतरे के निशान से 45 सेमी नीचे है। दरभंगा में कोसी, कमला-बलान व गेहुवां नदियों के जलस्तर में भी भारी वृद्धि होने से किरतपुर और सीमावर्ती सहरसा व मधुवनी जिलों के क्षेत्रों में पचास से अधिक गांवों की ढ़ाई लाख से अधिक आबादी बाढ़ की जद में आ गई है। क्षेत्र की सभी महत्वपूर्ण सड़कों पर ढ़ाई से पांच फुट तक पानी बह रहा है। ऊंचे स्थलों की ओर लोगों का पलायन शुरू हो गया है। इधर, कोसी और कमला-बलान नदी में आई उफान ने इस साल के उच्चतम बहाव रेकार्ड को तोड़ दिया है। कमला-बलान बाढ़ नियंत्रण प्रमंडल के कार्यपालक अभियंता के अनुसार, कमला-बलान का जलस्तर खतरे के निशान से एक मीटर उपर है। कमला-बलान के दोनों तटबंघों पर होमगाड जवानों को लगया गया है। रुक-रुक कर हो रही बारिश से शहर के कई हिस्सों में जलजमाव हो गया है। फोटो : बगहा 16 : वाल्मीकिनगर बराज से निकल रहा पानी। ुं२ङ्मस्रं३३्र268 : मधुबनी के बासोपट्टी में बाढ़ से घिरे घर। मधेपुर 2 : मधुबनी के मधेपुर में शुक्रवार को बाढ़ से घिरे घर। बेलसंड 5 : सीतामढ़ी के बेलसंड इलाके में नाव से पशु चारा लाते ग्रामीण।

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  • Web Title:Population of two and a half lakh surrounded by floods in Madhubani and Darbhanga