
यूजीसी के नए प्रस्ताव सवर्ण समाज के लिए काला कानून
नरकटियागंज। हिंदुस्तान संवाददाता यूजीसी के नए प्रस्ताव के विरोध में गुरुवार को नरकटियागंज के
नरकटियागंज। हिंदुस्तान संवाददाता यूजीसी के नए प्रस्ताव के विरोध में गुरुवार को नरकटियागंज के राम जानकी मंदिर में सवर्ण समाज की एक बैठक हुई। बैठक की अध्यक्षता चंदन मिश्रा ने की। संचालन अधिवक्ता दीपक मणि तिवारी ने किया। बैठक में वक्ताओं ने नए प्रस्तावों का जोरदार विरोध करते हुए कहा कि केंद्र सरकार द्वारा यह नियम भेदभाव को खत्म करने के नाम पर बनाए गए हैं। किंतु इससे भेदभाव घटने की बजाय काफी बढ़ेंगे। बैठक में अवधेश तिवारी, भोट चतुर्वेदी, प्रोफेसर भागवत उपाध्याय,सुरेन्द्र मिश्रा,विजय मणि तिवारी, सागर श्रीवास्तव,मदन मोहन मिश्रा उर्फ राजन मिश्रा मधुसूदन चतुर्वेदी,अंकित तिवारी, दिग्विजय मिश्र,सुरेन्द्र मिश्रा,चंदू तिवारी, रंजन ओझा, संतोष मिश्रा, संजय उपाध्याय, आकाश श्रीमुख,चुन्नू पाण्डेय आदि विवेक मणि तिवारी,लोकेश मिश्रा, गुड्डू पांडे, अवध किशोर पांडे,प्रवीण मिश्रा, अभिषेक दुबे आदि वक्ताओं ने नियमों को तत्काल प्रभाव से वापस लेने की मांग करते हुए कहा कि इन नियमों से विश्वविद्यालयों में असमानता और वैचारिक टकराव बढ़ सकते हैं।
उन्होंने कहा कि यह नियम सवर्ण छात्रों के खिलाफ हैं और इससे उच्च शिक्षा व्यवस्था कमजोर होगी। इसे सवर्ण समाज के लिए काला कानून बताते हुए वक्ताओं ने चरणबद्ध तरीके से आंदोलन करने की बात कही। उन्होंने कहा कि यह लड़ाई किसी पार्टी,किसी नेता या संगठन के खिलाफ नहीं बल्कि सवर्ण समाज के भविष्य के लिए है। यदि इस काले कानून का विरोध नहीं किया गया तब अगली पीढ़ी के सामने लज्जित होना पड़ेगा। चरणबद्ध आंदोलन का लिया गया निर्णय नए प्रस्तावों को समाप्त नहीं किया गया तब सड़क पर आंदोलन किया जाएगा। यह निर्णय सर्वसम्मति से बैठक में लिया गया। उन्होंने कहा कि यह लड़ाई अस्तित्व बचाने की लड़ाई है। वक्ताओं ने कहा कि इस कानून के विरोध में सवर्ण क्षेत्रीय जन प्रतिनिधियों का घेराव करते हुए आंदोलन की शीघ्र ही रूपरेखा तैयार की जाएगी।

लेखक के बारे में
Hindustanलेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।




