5.5 वर्ष के बच्चों का कक्षा-1 में होगा नामांकन
गौरव कुमार बेतिया, बेतिया कार्यालय अब सरकारी स्कूलों में छात्र-छात्राओं का पहली कक्षा

गौरव कुमार बेतिया, बेतिया कार्यालयअब सरकारी स्कूलों में छात्र-छात्राओं का पहली कक्षा में 5.5 वर्ष पूरा होने के बाद ही नामांकन लिया जाएगा। नया शैक्षणिक सत्र शुरू होने के साथ ही शिक्षा विभाग में दिशा निर्देश जारी कर दिया है। वैसे छात्र-छात्राएं जिनका सितंबर 2026 तक 6 वर्ष पूरे हो जा रहे हैं वैसे ही छात्र-छात्राओं का नामांकन इस बार पहली कक्षा में लिया जाएगा। नए सत्र शुरू होने के साथ ही शिक्षा विभाग का नामांकन अभियान शुरू हो रहा है। इसे लेकर शिक्षा विभाग के प्रमुख सचिव डॉक्टर बी राजेंद्र ने दिशा निर्देश जारी कर दिया है जिसमें उन्होंने कहा कि सभी 6 से 14 आयु वर्ग के बच्चों को नि:शुल्क एवं अनिवार्य शिक्षा उपलब्ध कराना शिक्षा का अधिकार अधिनियम, 2009 के तहत हमारी प्राथमिक जिम्मेदारी है।
इस उद्देश्य की पूर्ति हेतु यह आवश्यक है कि प्रत्येक 6 से 14 आयु वर्ग के बच्चों का उसके पोषक क्षेत्र के निकटतम विद्यालय में अनिवार्य रूप से नामांकन सुनिश्चित किया जाए। अप्रैल महीने में 30 दिनों तक शिक्षा विभाग द्वारा नामांकन अभियान चलाया जाएगा। प्राथमिक और प्रारंभिक विद्यालय के प्रधानाध्यापक, पोषक क्षेत्र में अवस्थित महादलित टोला के बच्चों के लिए विशेष योजना तैयार करेंगे। स्थानीय निकाय के प्रतिनिधि, विकास मित्र, टोला सेवक एवं आंगनबाड़ी सेविका, सहायिका के साथ समन्वय करते हुए यह सुनिश्चित करेंगे कि सभी 6 से 14 आयु वर्ग के बच्चे विद्यालय में नामांकित रहें।नामांकन प्रक्रिया में आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध न होने की स्थिति में भी बच्चों का अस्थायी नामांकन किया जाएगा इसके साथ ही अभिभावकों को दस्तावेज बनवाने में सहयोग किया जाएगा।आंगनबाड़ी केदो पर 6 वर्ष के ज्यादा बच्चों का सीधे होगा नामांकनआंगनबाड़ी केन्द्रों परं नामांकित ऐसे बच्चे जिन्होंने 6 वर्ष पूरा कर लिया है एवं जो अगले 6 माह (30 सितम्बर 2026 तक) को 6 वर्ष पूरा कर लेंगे को विद्यालय में नामांकित कराने की जिम्मेदारी संबंधित आंगनबाड़ी सेविका, सहायिका की होगी। इसके लिए सेविका, सहायिका संबंधित प्रधानाध्यापक से नामांकन की तिथि निर्धारित कर सभी अभिभावकों को सूचित करेंगी एवं उन्हें निश्चित तिथि को विद्यालय ले जाकर बच्चों का नामांकन सुनिश्चित करेंगी।ऐसे बच्चे जो आंगनवाड़ी केन्द्रों में नामांकित नहीं हैं, उन्हें गृहवार सर्वेक्षण के माध्यम से चिन्हित कर नामांकन कन्नू हेतु विशेष प्रयास किए जाए। विद्यालय के प्रधानाध्यापक अपने विद्यालय में पदस्थापित शिक्षकों के बीच पोषक क्षेत्र का विभाजन कर प्रत्येक शिक्षक को संबंधित क्षेत्र के सभी बच्चों के नामांकन की जिम्मेदारी सौंपेंगे। शिक्षक, विद्यालय शिक्षा समिति के अध्यक्ष, आंगनबाड़ी की सेविका, सहायिका, विकास मित्र एवं टोला सेवक के सहयोग से आवंटित क्षेत्र के सभी घरों में भ्रमण कर बच्चों का शत-प्रतिशत नामांकन सुनिश्चित करेंगे। प्रधानाध्यापक, विद्यालय शिक्षा समिति के अध्यक्ष, आंगनवाड़ी सेविकाओं, सहायिकाओं के साथ समन्वय कर बाल पंजी को अद्यतन करेंगे। जिससे कि 6 से 14 आयु वर्ग के सभी बच्चों की सूची उपलब्ध हो सके एवं विद्यालय से बाहर बच्चों की पहचान किया जा सके।नामांकन के दौरान आने वाले अभिभावकों के लिए रहेगी बेहतर व्यवस्थानामांकन माह के दौरान विद्यालयों में अभिभावकों एवं बच्चों के बैठने की समुचित व्यवस्था अवश्य की जाए। इनके लिए पीने के पानी एवं परिसर में स्वच्छ शौचालय उपलब्ध रहे इसकी व्यवस्था प्रधानाध्यापक, प्रभारी शिक्षक द्वारा अवश्य सुनिश्चित किया जाए। बच्चों के नामांकन के लिए आए अभिभावकों का स्वागत एवं मान-सम्मान समुचित ढंग से हो यह प्रधानाध्यापक सुनिश्चित करेंगे। अभिभावक विद्यालय के भैतिक स्थिति से अवगत हों एवं अपने बच्चे के लिए विद्यालय में उपलब्ध संसाधनों से संतुष्ट हो इसके लिए विद्यालय को पूरी तरह साफ-सुथरा करा लिया जाए। इसमें बाल संसद, मीना मंच तथा मध्याह्न भोजन योजना के रसोईयों का सहयोग लिया जाए। रंगोली अथवा स्थानीय सामग्री का उपयोग कर बच्चों के स्वागत हेतु तोरणद्वार का निर्माण किया जा सकता है।
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