
सेवा आश्रम को भवन, शुद्ध पेयजल और प्रशिक्षक की सुविधा की दरकार
बेतिया के योग्य सेवा आश्रम में गरीब बच्चों को शिक्षा और योग प्रशिक्षण दिया जा रहा है, लेकिन इसे बेहतर सुविधाओं की आवश्यकता है। यहां अलग-अलग कक्ष, प्रशिक्षित शिक्षक, शुद्ध पेयजल, और अन्य सुविधाओं की मांग की गई है। वर्तमान में, यह आश्रम चंदे से चल रहा है और सरकार से सहायता की आवश्यकता है।
पिछले 11 वर्षों से जिले के गरीब बच्चों को शिक्षित करने के साथ-साथ उन सभी को योग का प्रशिक्षण देने वाले बेतिया के योग्य सेवा आश्रम संस्थान को बेहतर पेयजल, महिला पुरुष के लिए अलग-अलग कक्ष, प्रशिक्षित योग शिक्षक-शिक्षिकाओं सहित कई अन्य प्रकार की सुविधाओं की आवश्यकता है। यह सेवा आश्रम भले ही रजिस्टर्ड है लेकिन फिलहाल बिना किसी सरकारी सहायता के चंदे से इकट्ठा की गई राशि से संचालित किया जा रहा है। गोरखपुर से योग का प्रशिक्षण लेने वाले कुमार शशि भूषण की देख-रेख में इस सेवा आश्रम का संचालन किया जा रहा है। इस सेवा आश्रम को और अधिक विकसित करने के लिए कई मूल बहुत सुविधाओं की मांग जिला प्रशासन से की गई।
यह बता दें कि इस सेवा आश्रम से जुड़े गरीब तबके के बच्चों को योग का प्रशिक्षण दिया जाता है। उनमें से इच्छुक बच्चों और यहां पर आने वाले अन्य लोगों को नेचुरोपैथी की भी प्रारंभिक शिक्षा दी जाती है। फिलहाल इस सेवा आश्रम के पास सिर्फ एक कक्ष है जिसमें प्रशिक्षण से जुड़े सभी प्रकार के कार्य संपादित किए जाते हैं। बातचीत के क्रम में प्रशिक्षक कुमार शशि भूषण, योग शिक्षक आकाश कुमार, योग शिक्षिका सीता देवी, योगाभ्यासी धर्मशीला देवी, छात्र दुर्गेश कुमार, रंजन कुमार, नागेंद्र कुमार, दीपक कुमार आदि ने बताया कि अगर किसी संगठन के द्वारा अथवा जिला प्रशासन की सहायता से दो अलग-अलग कक्ष इस परिसर में बनवा दिए जाएं तो पर आने वाले लोगों को और छात्र-छात्राओं को विशेष सुविधा के साथ प्रशिक्षण दिया जा सकता है। कई बार संख्या अधिक होने के कारण कमरे से बाहर खुले आसमान के नीचे योग का प्रशिक्षण देने में परेशानी का सामना करना पड़ता है। इस केंद्र के प्रशिक्षक कुमार शशि भूषण ने बताया कि इस सेवा आश्रम में विगत 11 वर्षों से योग के माध्यम से तरह-तरह की बीमारियों का इलाज किया जा रहा है तथा इच्छुक स्त्री पुरुष को प्रशिक्षण भी दिया जाता है। इस केंद्र को योगा मैट और योग किट की भी आवश्यकता है। इन्होंने बातचीत के क्रम में यह भी बताया कि फिलहाल जिले में योग का प्रशिक्षण देने के लिए कोई स्थाई संस्थान अथवा भवन नहीं है। इस कारण इस आश्रम में योग का प्रशिक्षण लेने, बीमारियों का इलाज कराने अथवा नेचुरोपैथी की बेसिक जानकारी लेने के लिए आने वाले स्त्री-पुरुष अथवा कम उम्र के बच्चों की संख्या में बढ़ोतरी होने के बावजूद उस अनुपात में सुविधाएं नहीं मिल पा रही है। बातचीत के दौरान इन्होंने बताया कि सबसे अधिक बीमार महिलाओं की संख्या है। शरीर और मन के तालमेल को स्वास्थ्य की दृष्टि से बनाए रखना तथा संतुलित खानपान के बारे में भी यहां पहुंचने वाले लोगों को बेहतर जानकारी दी जाती है। यह भी बताया कि तनाव मुक्ति के लिए कई बार मेडिटेशन की आवश्यकता होती है लेकिन उसके लिए विशेष कक्ष नहीं होने के कारण मेडिटेशन करने में परेशानी का सामना करना पड़ता है। इस परिसर में अभी भी चापाकल के पानी से ही काम चलाया जा रहा है। चापाकल से निकले पानी को फिल्टर करके रखा जाता है। यही पानी प्रशिक्षक, बच्चे समेत यहां आने वाले लोग पीते हैं। बोरिंग कर चापाकल लगाने पर मिल सकता है शुद्ध पेयजल: संचालक ने यह मांग किया कि अगर यहां पर बोरिंग की व्यवस्था कर दी जाए और चापाकल लगा दिया जाए तो शुद्ध पेयजल उपलब्ध हो जाएगा जिससे रोगियों और प्रशिक्षण लेने आने वाले सभी लोगों को विशेष सुविधा मिल सकेगी। फिलहाल इस आश्रम का कक्ष एजबेस्टस का है जिसके कारण अत्यधिक बारिश, धूप अथवा सर्दी के मौसम में काफी परेशानी होती है। फंडिंग के अभाव में कंक्रीट का पक्का छत अभी तक नहीं बनाया जा सका है। संचालक ने यह भी बताया कि वैसे रोगी जो बाहर से आते हैं उनको ठहरने के लिए यहां पर किसी प्रकार की सुविधा नहीं है जिससे रोगियों को काफी परेशानी होती है। शिकायतें: 1. योग का प्रशिक्षण देने अथवा उपचार करने के लिए कोई स्थाई जगह नहीं है। 2. इस योग्य सेवा आश्रम के पास अपने पक्के छतदार भवन की समस्या है। 3. बाहर से आने वाले रोगियों को ठहरने के लिए अतिरिक्त कक्ष उपलब्ध नहीं है। 4. प्रशिक्षण लेने वालों के लिए शुद्ध पेयजल की अनुपलब्धता से परेशानी होती है। 5. प्रशिक्षकों की कमी होने के कारण रोगियों को इलाज की सुविधा नहीं मिल रही है। सुझाव: 1. इस सेवा आश्रम को सभी प्रकार की सरकारी सुविधा मिलनी चाहिए। 2. जिले के अलग-अलग संगठनों के द्वारा भी सहायता प्रदान करनी चाहिए। 3. शुद्ध पेयजल के लिए परिसर में बोरिंग की सुविधा उपलब्ध होनी चाहिए। 4. महिला और पुरुष के लिए अलग-अलग कक्षा की उपलब्धता होनी चाहिए। 5. रोगियों की सेवा करने के लिए अतिरिक्त कर्मियों को बहाल करना चाहिए। बोले जिम्मेदार: योग और नेचुरोपैथी की शिक्षा देना अथवा इच्छुक नागरिकों और छात्र-छात्राओं को प्रशिक्षित करना एक अच्छी पहल है। पेयजल अथवा अतिरिक्त आवश्यक सुविधाओं के मामले में संबंधित व्यक्ति द्वारा आवेदन मिलने पर उस विभाग के अधिकारियों से सुविधाओं को उपलब्ध कराने के लिए निर्देशित किया जाएगा। प्रयास होगा कि सरकारी नियमानुसार समस्या का समाधान हो सके। -विकास कुमार,एसडीओ सदर

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