जीएमसीएच में एमआरआई मशीन नहीं लगने से परेशानी
बेतिया के गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में एमआरआई मशीन न लगने के कारण मरीजों को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। निजी डायग्नोस्टिक सेंटरों में महंगी जांच करानी पड़ रही है। बीएमएसआईसीएल ने समय सीमा पर मशीन न लगाने पर एजेंसी को ब्लैकलिस्ट किया, जिससे मरीजों को राहत नहीं मिल रही है।

बेतिया। गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (जीएमसीएच) में एमआरआई मशीन नहीं लगने के चलते जरूरतमंद मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। मशीन लगाने की योजना नवंबर 2024 में ही पूरी होनी थी। इसके लिए निर्धारित एजेंसी ने समय सीमा पर मशीन को नहीं लगाया जिसके चलते बीएमएसआईसीएल ने इस कंपनी को ब्लैक लिस्टेट कर दिया। इसका खामियाजा मरीजों को भुगतना पड़ रहा है। एमआरआई मशीन नहीं होने के कारण प्रतिदिन इलाज कराने आने वाले 15 से 20 जरूरतमंद मरीजों को जांच के लिए निजी डायग्नोस्टिक सेंटरों का सहारा लेना पड़ रहा है। जिसमें आर्थिक रूप से कमजोर मरीजों के लिए यह जांच कराना काफी महंगा साबित हो रहा है।
मरीजों को एमआरआई कराने के लिए शहर के निजी केंद्रों पर जाना पड़ता है, जहां उन्हें हजारों रुपये खर्च करने पड़ते हैं। सूत्रों के अनुसार जीएमसीएच में एमआरआई मशीन लगाने के लिए पहले एक एजेंसी को जिम्मेदारी दी गई थी। लेकिन, कुछ महीने बाद बिहार मेडिकल सर्विसेज एंड इंफ्रास्ट्रक्चर कॉरपोरेशन लिमिटेड (बीएमएसआईसीएल) द्वारा संबंधित एजेंसी के ब्लैकलिस्टेड हो जाने के बाद यह प्रक्रिया पूरी तरह ठप हो गई। इसके बाद से अब तक नई एजेंसी के चयन या वैकल्पिक व्यवस्था को लेकर कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है। अस्पताल प्रशासन ने कई बार इस संबंध में विभाग और बीएमएसआईसीएल को पत्र लिखा गया, लेकिन मामला अब भी पत्राचार तक ही सीमित है। अस्पताल में एमआरआई सुविधा शुरू होने से मरीजों को भी काफी राहत मिलेगी।मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना हमारी प्राथमिकता है। एमआरआई जैसी उन्नत जांच की सुविधा अभी अस्पताल में उपलब्ध नहीं है। अस्पताल में एमआरआई मशीन स्थापित करने के लिए उच्चाधिकारियों को प्रस्ताव भेजा गया है। डॉ. अनिल कुमार, अधीक्षक, जीएमसीएच, बेतिया।
लेखक के बारे में
Hindustanलेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।


