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31 मार्च, 2020|7:31|IST

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मिटी धुंध जग चानन होया...

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गुरु नानक साहब का नाम सेवा संगत है। उन्होंने कर्म करने, नाम जपने व बांट कर खाने का संदेश मानवता को दिया था। अगर श्री गुरुनानक देव जी महाराज के बताए हुए रास्तों पर मानव चले तो पृथ्वी पर कोई भी व्यक्ति भूखा नहीं रहेगा। आज की परिस्थिति में पूरे विश्व में शांति की जरूरत है।

शांति तभी आएगी जब सभी व्यक्ति कर्म करें, प्रभु का नाम जपे व एक दूसरे के बीच बांटकर खाना खाए। उक्त बातें तीनलालटेन चौक स्थित गुरुद्वारा गुरु सिंघ सभा में शुक्रवार की सुबह मौजूद धर्मावलंबियों को संबोधित करते हुए मुख्य ग्रंथी भाई करमजीत सिंह ने कही। सुबह में 550वें प्रकाशोत्सव के पूर्व अंतिम प्रभात फेरी निकाली गयी थी। जिसमें सिख श्रद्धालु शामिल हुए। प्रभात फेरी गुरुद्वारा पहुंचकर समाप्त हो गयी। इसके बाद गुरुद्वारे में आशा दीवार दा कीर्तन का आयोजन हुआ।

महिला भक्तों ने सतगुरु नानक प्रगट्या, मिट्टी धूंध जग चानन होआ, जयो कर सूरज निकलेया तारे छपे अंधेर पलोआ तथा कल तारन गुरुनानक आया, गुरुनानक जग माहे पठाया का भजन सुनाकर समां बांध दिया। लोगों ने गुरुनानक देवजी महाराज से अपनी-अपनी मन्नते मांगी। इसके बाद भक्तों के बीच प्रसाद का वितरण किया गया।