8 माह से आवास सहायकों को वेतन नहीं, परिवार के भरण-पोषण पर आफत
पश्चिम चंपारण में आवास सहायकों को पिछले 8 महीनों से वेतन नहीं मिला है, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति खराब हो गई है। परिवार का खर्च चलाना मुश्किल हो गया है और बच्चों की फीस भी नहीं दे पा रहे हैं। सरकार से समय पर वेतन और सुविधाएं मुहैया कराने की मांग की जा रही है।

आठ माह से आवास सहायकों को वेतन नहीं मिल रहा है। इससे उनके हालात खराब हो गये हैं। वेतन नहीं मिलने से आवास सहायकों की आर्थिक स्थिति चरमरा गई है। परिवार का खर्च चलाने में भी उन्हें है। बच्चों का फीस भरना भी उनके लिए मुश्किल साबित हो रहा है। पर्व त्योहारों के अवसर पर भी उन्हें वेतन नहीं मिल रहा है। जबकि प्रतिदिन दैनिक कार्यों के लिए पंचायतों में जाना पड़ता है। स्थिति बद से बदतर हो गई है। पश्चिम चंपारण जिले में प्रधानमंत्री आवास योजना के सत्यापन की जिम्मेवारी आवास सहायक निभा रहे हैं। सबसे ज्यादा परेशानी परिवार में किसी सदस्य को बीमारी होने पर हो रही है।
पैसे के अभाव में बेहतर ढंग से इलाज नहीं हो पा रहा है। आवास सहायक अनुज श्रीमाली, कुमार सुमित, विकास चंद्र खरवार, विनय कुमार, अरुण कुमार दास ने बताया कि पैसे के अभाव में बेहतर ढंग से बच्चों को शिक्षा नहीं मिल रही है। स्कूल फीस समय से नहीं दिए जाने के कारण आवास सहायकों के बच्चों को स्कूल से निकाल दिया जा रहा है। शादी विवाह प्रभावित हो रही है। हम सभी कर्ज के बोझ तले दबे हुए हैं। समय से वेतन नहीं मिल रहा है। काम का बोझ अधिक है, जिसके कारण हम लोग मानसिक दबाव में हैं। मानसिक दबाव में रहकर विभागीय कार्यों को समय से निष्पादित कर रहे हैं। बरसों से एक ही पंचायत में रहने के कारण स्थानीय जनप्रतिनिधियों का कोपभाजन बनना पड़ रहा है। सरकार स्थानांतरण नहीं कर रही है। जिसके कारण भी आवास सहायकों को परेशानी हो रही है। सरकार तत्काल स्थानांतरित करें। आवास सहायकों को समय से वेतन दें। ताकि हम अपने परिवार का बेहतर ढंग से पालन पोषण कर सकें। पैसे के अभाव में आर्थिक स्थिति चरमरा गई है। सरकारी स्तर पर हम लोगों को कोई सुविधा नहीं मिल रही है। केवल समय से टारगेट पूरा करने का दबाव बनाया जाता है। सरकार से उनका कहना है कि समय से उन्हें वेतन मुहैया करा दें। कर्ज लेकर परिवार का खर्च चलाना पड़ रहा है। जब परिवार में किसी सदस्य की तबीयत बिगड़ती है तो परेशानी और ज्यादा बढ़ जाती है पैसा नहीं होने का कारण इलाज कराना भी मुश्किल हो जाता है। आवास सहायकों के अध्यक्ष अनुज कुमार माली, असित कुमार श्रीवास्तव, संतोष कुमार, आनंद कुमार, कृष्ण मोहन राम, अनिल कुमार, शिबू कुमार, सरोज दास ने कहा की दीपावली और छठ से पहले का वेतन आज तक नहीं मिल सका है। सरकार जल्द से जल्द हमलोगों का वेतन का भुगतान कर दें। समय से वेतन मिलने पर परेशानी नहीं होती है। वेतन मिलते ही हम सभी लोग दुकानदारों का बकाया राशि उन्हें दे देंगे। विद्यालय का फीस भर सकेंगे । आवास पर्यवेक्षक अरुण कुमार दास, सुजीत कुमार पांडे, अनिल कुमार सुमित कुमार ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना के सत्यापन में जिले में लगभग 500 आवास सहायक और आवास पर्यवेक्षक हैं। लेकिन हमारी समस्याओं को सुनने वाला कोई नहीं है। जिला प्रशासन से लेकर सरकार तक धरना प्रदर्शन के माध्यम से अपनी आवाज पहुंचा चुके हैं। सरकार हम लोगों को मोटरसाइकिल, पेट्रोल, लैपटॉप, नेट पैकेज आदि का खर्च वहन करें। जनप्रतिनिधियों के कोपभाजन बन रहे सहायक: एक ही जगह पर 8 वर्षों से पदस्थापित होने के कारण आवास सहायक और आवास पर्यवेक्षकों को स्थानीय लोगों के साथ जनप्रतिनिधियों का कोप भाजन होना पड़ रहा है। 8 वर्षों से अधिकांश आवास सहायक और आवास पर्यवेक्षक एक ही पंचायत में कार्य कर रहे हैं। ऐसे में पास के या अन्य पंचायतों में उनका तबादला होना चाहिए। उन्हें वाहन भत्ता समय से मिले तो बेहतर कार्य हो पाएगा। प्रधानमंत्री आवास योजना केंद्र सरकार की सबसे महत्वाकांक्षी योजना है। इससे आर्थिक रूप से गरीब परिवारों को लाभ मिलता है। आवास सत्यापन का कार्य आवास सहायक करते हैं। सरकार को इसके प्रति संवेदनशील होना पड़ेगा। शादी विवाह प्रभावित हो रही है। कई लोग शादी-ब्याह के मौसम आवास सहायक किसी रिश्तेदार के यहां भी नहीं जा पा रहे हैं। कारण कि वहां जाने में खर्च होगा और कोई भी उन्हें उधार तक देने के लिए तैयार नहीं है। पूर्व के बकाये को लेकर दुकानदार उन्हें परेशान कर रहे हैं। इससे वे बचते फिर रहे हैं। हम सभी कर्ज के बोझ तले दबे हुए हैं। काम का ज्यादा बोझ है। जिसके कारण हम लोग मानसिक दबाव में हैं। वेतन के हिसाब से आवास सहायकाें और पर्यवेक्षकों को काम सौंपा जाय। अन्य सरकारी कर्मियों की तरह उन्हें भी सरकारी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाय। शिकायतें: 1. 8 माह से आवास सहायकों को वेतन नहीं मिल रहा है। आवास सहायकों को परिवार चलाने में परेशानी हो रही है। 2. वेतन नहीं मिलने से आवास सहायकों की आर्थिक स्थिति चरमरा गई है। 3. बच्चों के विद्यालय में फीस देना भी मुश्किल हो गया है। समय से मानदेय नहीं मिलने के कारण आवास सहायक परेशान हैं। 4. पर्व त्योहारों के अवसर पर भी वेतन नहीं मिल रहा है। जबकि प्रतिदिन दैनिक कार्यों के लिए पंचायतों में जाना पड़ता है। 5. सरकार की ओर से सुविधाएं नहीं दी जा रही हैं। सिर्फ समय पर टारगेट पूरा करने का दबाव बनाया जा रहा है। सुझाव: 1. आवास सहायकों को समय से वेतन मिलना चाहिए। ताकि बेहतर ढंग से अपने परिवार का भरण पोषण कर सके। 2. आवास सहायकों को मोटरसाइकिल, लैपटॉप, वाहन भत्ता, नेट पैक आदि की सुविधा मिलनी चाहिए। 3. आवास सहायकों का स्थानांतरण होना चाहिए। एक ही जगह पर कई वर्षों से रहने से लोगों का कोप भाजन बन रहे हैं। 4. समय से वेतन मिलने पर बच्चों को बेहतर शिक्षा मिल सकेगी। परिवार के सदस्यों का इलाज हो पाएगा। 5. पैसे के अभाव में कर्ज लेना पड़ रहा है। समय से वेतन मिलने पर कर्ज से मुक्ति मिलेगी।
लेखक के बारे में
Hindustanलेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।


