
जोड़ा शिवालय के पास जर्जर भवन से राहगीरों को खतरा, सुरक्षा जरूरी
लाल बाजार चौक के पास जोड़ा शिवालय मंदिर और राज देवड़ी परिसर को जोड़ने वाली सड़क पर जर्जर भवन राहगीरों के लिए खतरा बन गए हैं। इस सड़क से हजारों लोग गुजरते हैं, विशेषकर बच्चे और महिलाएं। प्रशासन की निष्क्रियता के कारण दुर्घटना का भय बना हुआ है। दीवारों की मरम्मत और सफाई की आवश्यकता है।
लाल बाजार चौक के पास स्थित ऐतिहासिक जोड़ा शिवालय मंदिर और राज देवड़ी परिसर को जोड़ने वाली सड़क में जर्जर भवन कभी भी राहगीरों के लिए हादसे का सबब हो सकती है। इस सड़क के दोनों और बेतिया राज की सैकड़ों वर्ष पुराने भवन है, जो कभी भी धराशायी हो सकता है। इससे दुर्घटनाग्रस्त हो सकती है। इस रास्ते से गुजरने वाले शहर के लोग दुर्घटनाग्रस्त होकर चोटिल भी हो सकते हैं। सड़क से सटे दोनों और जर्जर हो चुकी बेतिया राज की इन पौराणिक भवन वाली सड़क को पार करते हुए प्रतिदिन हजारों लोग जोड़ा शिवालय मंदिर, लाल बाजार चौक, तीन लालटेन चौक, संत तेरेसा स्कूल, कलेक्ट्रेट चौक, जनता और अजंता सिनेमा चौक की ओर आते और जाते हैं।
इस रास्ते होकर दो पहिया और चार पहिया वाहन भी गुजरते हैं। अव्वल तो यह है कि इसी सड़क को पार कर बेतिया शहर के कई मोहल्लों के नगर वासी नजरबाग पार्क में अपना कुछ बेहतर समय व्यतीत करने के लिए आते हैं। इनमें बच्चे और महिलाएं भी शामिल हैं। इस रास्ते से होकर आने जाने वाले राहगीर अक्सर इस बात की चर्चा करते हैं कि यह सड़क कभी भी दुर्घटनाग्रस्त हो सकती है। सभी को हमेशा भय बना रहता है। बेतिया राज की धराशायी हो चुकी इस सड़क से जुड़े भवन की दीवारें राहगीरों को भयभीत करती हैं, फिर भी नगर निगम प्रशासन, जिला प्रशासन अथवा बेतिया राज प्रबंधन के अधिकारियों की ओर से इस समस्या के समाधान के लिए सक्रियता नहीं दिखायी जा रही है। कई बार इस बात की घोषणा की जाती है कि राज देवड़ी परिसर को अब आकर्षक बनाया जाएगा। इससे नगरवासी यह अंदाज लगाते हैं कि इस प्रयास के दौरान संभवत: इन पुरानी दीवारों को हटाकर उससे जुड़ी सड़क का शायद चौड़ीकरण कर दिया जाए लेकिन अभी तक इस दिशा में किसी प्रकार का प्रयास नहीं किया जा रहा है। जब भी राज देवड़ी के इस ऐतिहासिक परिसर में दुर्गा पूजा के दौरान फैंसी मेले का आयोजन होता है, तब लगभग डेढ़ महीने तक इस सड़क के रास्ते से गुजरकर छोटे-छोटे बच्चे, महिलाएं, बुजुर्ग अथवा अन्य नगरवासी मेला पहुंचने के लिए आते और जाते हैं। ऐसे में अगर इस सड़क के दोनों तरफ की जर्जर हो चुकी दीवारें राहगीरों पर अथवा वाहनों पर गिर जाए तो एक बड़ी दुर्घटना हो सकती है। इसकी चिंता नगर निगम के अधिकारी अथवा जिला प्रशासन के अधिकारियों को जरुर होनी चाहिए। ऐसी मान्यता है कि बेतिया राज के महाराजा,महारानी, पुरोहित, पदाधिकारी गण अथवा सैन्य बलों की टुकड़ियों इसी रास्ते से आती और जाती थी। इसीलिए इस रास्ते के आसपास गणेश भगवान और बजरंगबली की दो विशाल प्रतिमाएं भी लगाई गई हैं। यहां पर ईश्वर से आशीर्वाद लेकर ही राजा और रानी कहीं भी आते जाते थे। ऐसा कहा जाता है कि महाराज और महारानी जब भी महल से बाहर निकलते अथवा महल में वापस आते तो इन देवताओं का दर्शन कर आशीर्वाद लेते थे। समय बीत गया और राजघराने के भवन अथवा उसकी दीवार धराशायी हो गई । पहले इसके पास खाली जमीन था जहां पर अब नजर बाग पार्क तैयार कर दिया गया है। जर्जर भवन की दीवारों को हटाया जाना बेहद जरूरी ह। शिकायतें: 1. यह सड़क बहुत ही संकरी है तथा कभी भी भवन की दीवार गिरने से दुर्घटना हो सकती है। 2. सड़क से गुजरने वाले स्कूली बच्चे और महिलाओं को सबसे अधिक परेशानी होती हैं। 3. कई वर्षों से इस सड़क से सटी जर्जर दीवारों की मरम्मत प्रशासन के द्वारा नहीं की गई है। 4. इस सड़क के आसपास गंदगी का भी अंबर बना रहता है। इसकी नियमित सफाई नहीं होती है। 5. बेतिया राज, नगर निगम अथवा जिला प्रशासन के द्वारा इस समस्या का समाधान नहीं किया जा रहा है। सुझाव: 1. सुरक्षा की दृष्टि से इस सड़क से वाहनों के गुजरने पर रोक लगा देनी चाहिए। 2. बेतिया राज्य प्रबंधन के द्वारा धराशायी इस दीवार को दुरुस्त करवानी चाहिए। 3. इस सड़क के आसपास फैल रही गंदगी की भी नियमित सफाई करवानी चाहिए। 4. राहगीरों को सावधान करने के लिए यहां पर हमेशा नगर निगम कर्मी की उपस्थिति होनी चाहिए। 5. दीवार दुरुस्त होने तक वैकल्पिक व्यवस्था के तहत आवाजाही बंद कर देनी चाहिए। बोले जिम्मेदार: नागरिकों के हित में राज देवड़ी के सौंदर्य करण और सड़क के पास की जर्जर दीवार की मजबूती कारण सहित कई अन्य कार्यों के लिए टेंडर निकाल कर कार्य शुरू करने की योजना बनाई गई थी। फिलहाल विभागीय अड़चन के कारण कार्य रुका हुआ है। निविदा की जा चुकी थी, जिसे राजस्व परिषद द्वारा रद्द किया गया। पुनः उस निविदा को चालू करने के लिए पत्र दिया गया है। रोहित सिकारिया,वार्ड पार्षद

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