
चुप्पी साधे मतदाताओ ने दुविधाओं व आशंकाओ को किया खारी
संक्षेप: बगहा, हमारे संवाददाता। विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण के लिए मंगलवार को हुए मतदान
बगहा, हमारे संवाददाता। विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण के लिए मंगलवार को हुए मतदान का नजारा अन्य चुनावों से इतर था। महागठबंधन व एनडीए के उम्मीदवारों की घोषणा के बाद चुप्पी साधे मतदाताओ ने बड़ी संख्या में मतदान केन्द्रों पर पहुंच कर सभी दुविधाओं व आशंकाओं को खारिज कर दिया। कयास लगाया जा रहा था कि मतदाताओं की चुप्पी व उदासीनता से मतदान का प्रतिशत काफी कम होगा। लेकिन, बड़ी संख्या में शहर के संपन्न मतदाता धूप में वोट की चोट मारने मतदान केन्द्रों तक पहुंचे। मतदाता वोट डालने के बाद राष्ट्रीयता,विकास,महिला सशक्तिकरण व तुष्टिकरण जैसे मुद्दों पर मुखर भी हो रहे थे।

खासकर युवा मतदाताओं में लोकतंत्र व देश को मजबूत करने की बेताबी- सी दिख रही थीं। शहर के पारनगर स्थित मतदान केन्द्र पर पहली बार वोट डालने के लिए पहुंची गरीमा कुमार ने बखूबी पिछले पांच-दस वर्षों में देश के हालात,मुद्दों व सियासी पार्टियों की वोट लेने की सतही चाल पर अपनी बातें रखीं। गरीमा ने बताया कि मतदाताओं को निजी फायदे को छोड़ कर विकास को तरजीह देने से ही लोगो का भला होगा। विक्रांत कुमार ने कहा कि लोकतंत्र की मजबूती के लिए सभी के लिए मतदान को अनिवार्य करने की जरूरत है। बकौल उनके अगर कोई मतदाता वोट डालने नहीं पहुंच रहे हैं तो यह ठीक नहीं है। कहीं न कहीं उनमें निराशा है। इसके लिए राजनीतिक दलों व उनके नेताओं को भी मंथन करने की जरूरत है। शहर के रतनमाला कन्या उर्दू मतदान केन्द्र पर वोट डालने पहुचे मो शाहीद ने बताया कि बेहतर व ईमानदार जनप्रतिनिधि के चुनाव में युवाओं की भूमिका अहम है। अच्छी बात यह है कि युवा मतदाता प्रबुद्ध हैं। उन्हें अपने जिले,राज्य की वास्तविक स्थिति की जानकारी है। नेताओं की कथनी व करनी को भी जानते हैं। ऐसे में प्रत्याशा है कि इस बार के चुनाव में युवा शक्ति की भूमिका सार्थक होगी।

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