DA Image
5 दिसंबर, 2020|5:03|IST

अगली स्टोरी

पोखरा से चार मगरमच्छ को पकड़ा

default image

बरसात के मानसून के मौसम में जंगल क्षेत्र से पानी में बहकर वीटीआर से भटके कई वन्यजीवों को वन प्रशासन ने सुरक्षित रेस्क्यू कर जंगल व गंडक नदी में छोड़ दिया गया।

वीटीआर प्रशासन ने बाढ़ के पानी में भटके वन्यजीवों को सुरक्षित रेस्क्यू कर उनके अधिवास क्षेत्र में छोड़ने के लिए टीम का गठन किया था। यह रेस्क्यू टीम अपने अपने क्षेत्रों में गश्ती कर भटके वन्यजीवों को सुरक्षित उनके अधिवास क्षेत्र में पहुचाया।बगहा वनक्षेत्र के वनकर्मियों ने रविवार की देर शाम बिनवलीया सिकटिया गांव के निजी पोखरा से एक साथ चार मगरमच्छ को रेस्क्यू कर गंडक नदी में छोड़ दिया। बगहा वनक्षेत्र अधिकारी मनोज कुमार ने बताया कि मछली मारने गए ग्रामीणों द्वारा सूचना मिली थी कि बगहा शहर के बिनवलीया सिकटिया गांव के एक निजी पोखरा में एक साथ चार मगरमच्छ दिखाई दे रहे हैं।वह मगरमच्छ बाढ़ के पानी में बहकर कर चले गए थे तथा अपना अधिवास बना लिए थे। इस सूचना को गंभीरता से लेते हुए बगहा वनक्षेत्र के फोरेस्टर मनोज कुमार के नेतृत्व में वनकर्मियों कि टीम को भेजकर चारों मगरमच्छ को सुरक्षित रेस्क्यू कर गंडक नदी में छोड़ दिया गया।

वन्यजीवों की शिकार के लिए लगाए जा रहे जाल:बगहा। वीटीआर के जंगल में अब जाल व जहर से वन्यजीवों की शिकार करने की घटना अब तेज हो गई। वाल्मीकिनगर व मदनपुर वनक्षेत्र के जंगल में दर्जनों जाल लगाकर व नदी नालों में जहर डाल कर वन्यजीवों की शिकार की घटना कर रहे हैं। शिकारियों ने जाल व जहर के सहारे जंगली नदी, नालों में वास कर रहे कछुआ,मछली समेत वन्यजीवों का शिकार कर रहे हैं। मदनपुर वनक्षेत्र के सिरिसिया, जरलहिया, नौरंगिया,सेमरीडीह आदि जंगलों के नदी नालों में दर्जनों जाल लगाया गया है।वन प्रमंडल दो के डीएफओ-सह-उप निदेशक गौरव ओझा ने बताया कि जंगल क्षेत्र के अंदर शिकारी तस्करों पर कार्रवाई करने के लिए सभी वनक्षेत्र अधिकारी को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए हैं।

  • Hindi News से जुड़े ताजा अपडेट के लिए हमें पर लाइक और पर फॉलो करें।
  • Web Title:Four crocodiles caught from Dharan