ईस्टर: पुनर्जीवित हुए प्रभु ईसा मसीह, होली वॉटर का हुआ छिड़काव

Apr 05, 2026 09:38 pm ISTNewswrap हिन्दुस्तान, बगहा
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बेतिया में ईसाई समाज ने ईस्टर पर्व मनाया, जिसमें प्रभु यीशु के पुनर्जीवित होने का उत्सव शामिल था। महा गिरजाघर में पूजा अर्चना के बाद नई अग्नि और पवित्र जल का आयोजन किया गया। सुबह बाइबल के पाठ और प्रवचन के साथ होली वॉटर का छिड़काव किया गया। सभी ने एक-दूसरे को बधाई दी और महाप्रसाद का वितरण किया।

ईस्टर: पुनर्जीवित हुए प्रभु ईसा मसीह, होली वॉटर का हुआ छिड़काव

बेतिया, हमारे संवाददाता। गुड फ्राइडे के तीन दिन के बाद प्रभु यीशु के पुनर्जीवित होने के अवसर पर रविवार को ईसाई समाज के लोगों के द्वारा ईस्टर पर्व मनाया गया। शनिवार की देर रात नगर के महा गिरजाघर परिसर में सैकड़ो की संख्या में उपस्थित ईसाई समाज के लोगों ने पूजा अर्चना शुरू की। इस दौरान नई अग्नि को तैयार किया गया। इस अग्नि को तैयार करने के लिए माचिस की बजाय पत्थर अथवा लाइटर का इस्तेमाल किया गया। इसके बाद शुद्ध जल तैयार किया गया। मान्यता के अनुसार, तैयार की गई नई अग्नि के लौ से एक बड़े आकार के 'पास्का कैंडल' को जलाया गया।

इससे निकलने वाली रोशनी को जीसस क्राइस्ट की रोशनी के रूप में मानते हुए उसकी आराधना की गई। गिरजाघर परिसर में उपस्थित सैकड़ो की संख्या में ईसाई समाज के लोग याजक और लोक धर्मी ने इस पवित्र रोशनी की गुणगान की। परिसर में उपस्थित सभी अपने हाथ में मोमबत्ती लेकर इस पास्का कैंडल से रोशनी लिया। इसके बाद बाइबल के पांच पाठ को पढ़कर सुनाया गया। यह कार्यक्रम रात के 12:30 बजे तक चला। रविवार की सुबह होने से पहले प्रभु यीशु के पुनर्जीवित होने के समय तरह-तरह की झांकी प्रस्तुत की गई। इस बार डिजिटाइजेशन पद्धति से झांकी प्रस्तुत की गई। प्रभु के पुनर्जीवित होने के पहले तूफान आने की आवाज बिजली के चमकने की आवाज सहित अन्य गर्जनाओं को भी कंप्यूटर के माध्यम से प्रस्तुत किया गया। इसमें यह भी दिखाया गया कि जिस कब्र में प्रभु यीशु के मृत शरीर को रखा गया था उसके मुंह पर से कैसे पत्थर हटता है। प्रभु यीशु के पुनर्जीवित होने के बाद सभी लोगों ने संयुक्त रूप में महिमा गान प्रस्तुत किया। इस प्रकार प्रभु यीशु के मरने के तीसरे दिन पुन जीवित होने पर ईस्टर रविवार मनाया जाता है। --प्रवचन और बाइबल के पाठ का हुआ आयोजनइस दौरान परिसर में उपस्थित पुरोहित के द्वारा प्रवचन प्रस्तुत किया गया। प्रवचन के बाद सुबह में एक बार फिर बाइबल के कुछ अध्याय को पढ़कर सुनाया गया। कुल मिलाकर बाइबल के 7 पाठ को सुनाया गया। इसके बाद पवित्र जल तैयार करने के लिए कंटेनर में रखे गए पानी में पास्का मोमबत्ती को डालकर पुरोहित के द्वारा यह आह्वान किया गया कि इस जाल में होली स्पिरिट की आत्मा को भेजा जाए। पानी की शुद्धता के लिए उसमें नमक भी मिलाया गया। उपस्थित पुरोहित के द्वारा इस पवित्र जल का छिड़काव सभी के ऊपर किया गया। होली वॉटर अर्थात आशीष के पानी का छिड़काव होने के बाद सभी अपने साथ भी होली वॉटर ले गए। घर पर पहुंचे ईसाई समाज के लोगों ने इस होली वॉटर का छिड़काव कर अपने घर को भी शुद्ध किया। --उपहार देकर एक दूसरे को दी बधाईअपने घर वापस आने के पहले गिरजाघर परिसर में उपस्थित ईसाई समाज के लोगों ने एक दूसरे को बधाई दी उपहार और मामबत्तियां बांटे गए। अंत में महाप्रसाद का वितरण किया गया। सुबह में गिरजाघर में दो विशेष प्रार्थना का आयोजन किया गया। मुख्य याजक धर्म अध्यक्ष पीटर सेबेस्टियन गोबियस, पल्ली पुरोहित फादर हेनरी फर्नांडो, सहायक पल्ली पुरोहित फादर फ्रांसिस और फादर संदीप, फादर आनंद पास्कल और उनके सहयोगी फादर यीशु राज आदि उपस्थित थे।

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