सख्ती : अधिक वसूली व किताब बेचने पर कार्रवाई
बेतिया जिले में निजी विद्यालयों की मनमानी के खिलाफ जिला प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। जिलाधिकारी तरनजोत सिंह ने कई निर्देश जारी किए हैं, जिससे 1.5 लाख से अधिक छात्र-छात्राओं और अभिभावकों को राहत मिलेगी। अब कोई भी विद्यालय अभिभावकों को निश्चित दुकानों से किताबें और यूनिफॉर्म खरीदने के लिए बाध्य नहीं कर सकता है।

श्रीकांत तिवारी बेतिया,बेतिया प्रतिनिधि। जिले में निजी विद्यालयों की कार्यप्रणाली को लेकर लगातार मिल रही शिकायतों के बाद जिला प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। जिलाधिकारी-सह-जिला दंडाधिकारी तरनजोत सिंह द्वारा जारी आदेश में निजी स्कूलों की मनमानी पर अंकुश लगाने के लिए कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए गए हैं। इस निर्णय से जिले के करीब डेढ़ लाख से अधिक छात्र-छात्राओं और उनके अभिभावकों को बड़ी राहत मिलेगी। जिले में वर्तमान में 552 प्रस्वीकृति प्राप्त निजी विद्यालय और 39 सीबीएसई से मान्यता प्राप्त स्कूल संचालित हैं। डीएम ने बताया कि इन विद्यालयों के खिलाफ लंबे समय से अभिभावकों और जनप्रतिनिधियों द्वारा अत्यधिक शुल्क वसूली, अनावश्यक फीस, तथा विशेष दुकानों से किताबें और यूनिफॉर्म खरीदने के लिए मजबूर किए जाने की शिकायतें मिल रही थीं।
प्रशासन द्वारा इन शिकायतों की गंभीरता से जांच की गई। जिसमें कई अनियमितताएं सामने आईं। जिलाधिकारी द्वारा जारी आदेश के अनुसार अब कोई भी निजी विद्यालय अभिभावकों को किसी एक निश्चित दुकान या विक्रेता से किताबें, कॉपियां, यूनिफॉर्म या अन्य शैक्षणिक सामग्री खरीदने के लिए बाध्य नहीं कर सकेगा। अभिभावकों को अपनी सुविधा और आर्थिक स्थिति के अनुसार किसी भी दुकान से सामान खरीदने की पूरी स्वतंत्रता होगी।शिक्षा का अधिकार का करना होगा पालन : डीएम ने कहा कि शिक्षा का अधिकार अधिनियम, 2009 के तहत नामांकित आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के छात्रों के साथ किसी भी प्रकार के भेदभाव को सख्ती से प्रतिबंधित किया गया है। ऐसे छात्रों को अन्य विद्यार्थियों के समान सभी सुविधाएं प्रदान करना अनिवार्य होगा। स्कूलों की परिवहन व्यवस्था को लेकर भी प्रशासन ने सख्ती दिखाई है। सभी स्कूल वाहनों में सीसीटीवी, प्राथमिक उपचार किट और अन्य आवश्यक सुरक्षा मानकों का पालन करना अनिवार्य किया गया है।
लेखक के बारे में
Hindustanलेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।


