
रिटायर्ड ईओ के विरुद्ध होगी कार्रवाई
नरकटियागंज के कार्यपालक पदाधिकारी उपेंद्र कुमार सिन्हा के खिलाफ विभागीय दंडात्मक कार्रवाई की गई है। उन पर एक संवेदक को गलत तरीके से ब्लैकलिस्ट करने का आरोप था। पथ निर्माण विभाग ने स्पष्ट किया कि ऐसे आदेश देने का अधिकार उनके नियंत्री पदाधिकारी को है, जिससे उपेंद्र का फैसला निरस्त कर दिया गया।
नरकटियागंज, हिन्दुस्तान संवाददाता। जिला लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी अनिल कुमार सिन्हा ने नरकटियागंज नगर परिषद से नवंबर 2025 में सेवानिवृत हुए कार्यपालक पदाधिकारी उपेंद्र कुमार सिन्हा के विरुद्ध विभागीय दंडात्मक कार्यवाही ( शास्ती अधिरोपण ) की सजा सुनाई है। पीजीआरओ श्री सिन्हा ने एक संवेदक को गलत तरीके से ब्लैकलिस्टेड करने से जुड़े मामले का निष्पादन करते हुए यह आदेश निर्गत किया है। गौरतलब है कि ब्लैकलिस्टेड किए गए संवेदक रणविजय कुमार सिंह ने आर्थिक व प्रतिष्ठा हानि का दावा करते हुए शिकायत दर्ज कराई थी। आदेश में कहा गया है कि नगर परिषद के ईओ ने अपने अधिकार क्षेत्र से बाहर जाकर संवेदक को ब्लैकलिस्टेड किया।

बाद में पथ निर्माण विभाग ,पथ प्रमंडल बेतिया के कार्यपालक अभियंता ने नरकटियागंज नप के कार्यपालक अधिकारी को पत्र भेज कर बताया कि बिहार ठेकेदारी नियमावली के अंतर्गत पंजीयन को काली सूची में डालने,डिमोट करने तथा निलंबन का अधिकार निबंधन पदाधिकारी अथवा उनके नियंत्री पदाधिकारी को ही है। जबकि नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी को ऐसी किसी भी प्रकार की कार्रवाई का अधिकार ही नहीं है। कार्यपालक अभियंता के निर्देश के आलोक में तत्कालीन नप ईओ ने कार्यालय आदेश के नाम से एक पत्र निर्गत किया। इसमें कहा गया कि बिहार ठेकेदारी नियमावली के अनुसार संवेदक के विरुद्ध काली सूची में डालने समेत अन्य कार्रवाई का अधिकार उनके नियंत्री पदाधिकारी को ही है। ऐसे में उक्त संवेदक को पूर्व में काली सूची में डालने के आदेश को निरस्त किया जाता है।

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