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कालरात्रि की पूजा के लिए उमड़े भक्त

शारदीय नवरात्र के सप्तमी को कालरात्रि की पूजा को ले देवी स्थानों व पंडालों में भक्ति की लहर रही । बुधवार को अहले सुबह से मां की प्रतिमा का पट खुलते ही देवी की जयकारे व मंत्रोचारण से वातावरण गंूजने लगा। नगर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों में संध्या होते ही पूजा पंडाल व मंदिर दुधिया रौशनी से नहा उठे। पूजा समिति के सदस्यों में मंदिर पंडालों को एक दूसरे से आकर्षक बनाने की होड़ सी लगी है। नगर के बेलबाग स्थित बंंगाली कोलोनी में हो रही दुर्गा पूजा में माता की पट षष्ठी को ही खुल गया।समिति के अध्यक्ष शंभू बर्मन ने बताया कि बंगाली कल्चर के अनुसार षष्टी को ही माता वेदी पर विराजमान हो जाती है। शेष सभी पूजा पंडालों में सप्तमी के दिन बुधवार को माता का पट खुला। समिति के सदस्य प्राय: हर जगह भक्तों की भीड़ को नियंत्रित करने में लगे हुए हैं। आज मां का आंचल भरना शुभ-आचार्य राधाकांत शास्त्री:बेतिया। आज महाअष्टमी व्रत करना माता का आँचल भरना एवं कुमारी पूजन अष्टमी में करना अधिक शुभ है। यह बात आचार्य राधाकांत शास्त्री ने कही । उन्होंने कहा कि गुरुवार को ही रात्रि 7:26 से हवन करना प्रारंभ हो जाएगा, जो शुक्रवार 29 सितंबर रात्रि 9:30 तक किया जाएगा,।

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  • Web Title:Devotees for worship of kalaratri