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चनपटिया में करोड़ों खर्च के बाद भी शुद्ध पेयजल मयस्सर नहीं

चनपटिया। चनपटिया नगर पंचायत में राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी नल-जल योजना चार करोड़ रुपये...

चनपटिया में करोड़ों खर्च के बाद भी शुद्ध पेयजल मयस्सर नहीं
चनपटिया में करोड़ों खर्च के बाद भी शुद्ध पेयजल मयस्सर नहीं
हिन्दुस्तान टीम,बगहाSat, 22 Jun 2024 11:00 PM
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चनपटिया। चनपटिया नगर पंचायत में राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी नल-जल योजना चार करोड़ रुपये खर्च होने के बाद भी बेकार साबित हो रही है। नगर के किसी भी वार्ड में लोगों को शुद्ध पेयजल नसीब नहीं हो पा रहा है। इस योजना के क्रियान्वयन में भारी भरकम राशि खर्च की गई। लोगों में उम्मीद जगी कि वर्षों से लंबित शुद्ध पेयजल का उनका सपना अब साकार हो जायेगा। जैसे-जैसे नल जल की योजना नगर में गति पकड़ी वैसे-वैसे उनका सपना भी टूटता गया। आज स्थिति यह है कि नगर के किसी वार्ड में नल से जल की आपूर्ति नहीं हो रही है। नगर के सुरेश जायसवाल, छठुलाल केशरी, सुदेश गुप्ता, रौशन कुमार उर्फ निक्कू, प्रमोद केशरी, करण कुमार, कुंदन शुक्ला, रवि सिंह आदि का कहना है कि नल-जल की महत्वाकांक्षी योजना अपने शैशव काल में ही दम तोड़ दिया है। उनका आरोप है कि योजना पर खर्च की गई करोड़ों की राशि भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गई। बता दें कि नगर के लोगों को शुद्ध पेयजल मुहैया करने के लिए नगर पंचायत की ओर से करीब 4 करोड रुपए खर्च किए गए। जलमीनार बनाए गए, सड़कें खोदकर पाइपलाइनें बिछाई गई, टोटियां लगाई गईं कि लोगों को शुद्ध पेयजल मिलेगा। पर, ऐसा हुआ नहीं। नगर पंचायत की इन सारी कवायद का नतीजा ढाक के तीन पात वाला ही निकला। भीषण गर्मी की तपिश झेल रही शहरी क्षेत्र की 40 हजार की आबादी पानी की अनुपलब्धता की दोहरी मार झेलने को विवश हैं। वार्डों में सुबह-शाम लोग हसरत भरी निगाहों से जल के बूंदों की प्रत्याशा में सूखी टोटियों को निहारते रहते हैं। नगर के वार्ड संख्या-सात के निवासी शिव राजा एवं आशीष कुमार गुप्ता ने कहा कि नल-जल योजना में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी बरती गई है। गड़बड़ी की बहती गंगा में जिसकी जितनी हैसियत रही उसके मुताबिक अपने हाथ धोए हैं। योजना के क्रियान्वयन में गुणवत्ता का कोई ध्यान नहीं रखा गया। जिसका परिणाम है कि चार करोड़ रुपए खर्च होने के बाद भी लाभ नहीं मिल रहा है। नल-जल योजना के क्रियान्वयन में गड़बड़ी एवं समुचित निगरानी नहीं किए जाने के कारण नगर के सभी वार्डों में पानी की आपूर्ति ठप है। अधिकतर वार्डों में जलापूर्ति के लिए बिछाए गए पाइप क्षतिग्रस्त हो गए हैं। जलापूर्ति शुरू किए जाने पर कहीं टोटी के अभाव में पानी बर्बाद होता है, तो कहीं लीकेज पाइप के कारण पानी सड़कों पर बहने लगता है। इनकी मरम्मत नहीं करके जल की आपूर्ति ही बंद कर दी गई है।

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