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10 साल की तपस्या खत्म, अब दुनिया के सामने साबित करने की बारी

10 साल की तपस्या खत्म, अब दुनिया के सामने साबित करने की बारी

10वीं की परीक्षा के रिजल्ट आने के बाद छात्रों का स्पष्ट कहना था कि अभी ये 10 वषार्ें की तपस्या का फल है। परीक्षा पास करने के बाद हर छात्र और छात्राओं के माता-पिता भी हर्षित रहे। छात्रों का कहना था कि स्कूल के डेली रूटिन से निकलकर अब कॉलेज के आजादी की तरफ पहला कदम है। प्लस टू करने के बाद ही आगे की राह खुलती है। छात्रों का रूझान जहां आईएएस की परीक्षा की तरफ ज्यादा रहा। चाहे साइंस बैक ग्राउंड के छात्र हों या कला विभाग के सभी की इच्छा आईएएस बनकर देश की सेवा करने का है। टॉपरों की ही बात करें तो तीन में से दो टॉपर आईएएस बनकर कलक्टर बनना चाहते हैं। उनका कहना है कि इंजीनियरिंग की सेवा में जाने के बाद भी कलक्टर बनने के रास्ते आसान हो जाते हैं। वे यूपीएससी की परीक्षा में भी जलवा दिखाने की इच्छा रखते हैं। अधिकांश छात्रों का मानना है कि इंजीनियरिंग बेस्ट कॅरियर है। लेकिन यूपीएससी का एग्जाम जरूर आजमाएंगे। इंजीनियरिंग, यूपीएससी के बाद छात्रों का रूझान बीपीएससी, एनडीए, पीसीएस आदि में है। 15 से 20 फीसदी छात्र बॉयोलॉजी में कॅरियर बनाना चाहते हैं। वे डॉक्टर व माइक्रो बॉयोलॉजी आदि में जाना चाहते हैं। छात्रों का कहना है कि वर्तमान में रूचि वाले विषय में भी कॅरियर की संभावनाएं बढ़ी हैं। माता-पिता भी बच्चों को रूचि के अनुसार विषय व कॅरियर का चुनाव करने की आजादी दे रहे हैं। यह बड़ी क्रांति है। ऐसा होने से मर्जी के खिलाफ वाली चीजें बच्चों को नहीं करना पड़ रहा है। बल्कि के आज के मां-बाप तो बच्चों से सलाह लेकर आगे का कार्यक्रम तय कर रहे हैं। इससे छात्रों को आत्मविश्वास बढ़ा है। आत्मविश्वास बढ़ने से ही वे अच्छे नंबर लाने में सफल हो रहे हैं। सीबीएसई की 10वीं का बेहतर रिजल्ट इसकी का परिणाम है। आज के बच्चे ही कल देश संभालेंगे। उनके ऊपर सवा सौ करोड़ से भी अधिक लोगों की जिम्मेवारी होगी।

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  • Web Title:60/5000 10 saal kee tapasya khatm, ab duniya ke saamane saabit karane kee baaree 10 years of penance is over, now to prove to the world