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भलूही के कहर से परेशान लोग ढूंढ़ रहे आशियाना

भलूही नदी के कहर से परेशान गोबरहिया के मदरहवा टोला के लोग विस्थापित होने को मजबूर है। नदी में पानी बढ़ने के साथ ही पानी गांव व घरों में प्रवेश कर जाता है। पानी के साथ ही इस पहाड़ी नदी का बालू भी घरो ंमें भर जाता है। घरों में बार- बार पानी व बालू भरने से परेशान यहां के ग्रामीण धीरे धीरे गांव छोड़कर नौरंगिया दोन गांव में शरण लेने को मजबूर हो रहे है।

लगभग डेढ़ दर्जन परिवार गांव को छोड़कर पास के एक गांव नौरंगिया दोन मेंे अपना बसेरा बना चुके है। अन्य कई परिवार भी धीरे धीरे गांव छोड़ने का मन बनाने लगे है। कईं परिवार तो अपना बना बनाया आशियाना तोड़ कर अन्यत्र ले जाने को मजबूर हो रहे है। इस टोले मेंे डेढ़ सौ से अधिक परिवार निवास करते है। ग्रामीणों ने गांव को बचाने के मामले में प्रशासनिक उदासीनता बरतने का आरोप भी लगाए है। हालांकि ग्रामीणों के स्तर पर गांव को नदी के पानी से बचाने के लिए हर वर्ष कच्चा बांध बनाने का काम भी किया जाता रहा है। लेकिन यह बांध भी ग्रामीणों को नदी की तेज धारा के प्रभाव से बचाने में अक्षम साबित होता है।

थारू कल्याण महासंघ समेत स्थानीय जनप्रतिनिधियों के स्तर पर नदी से इस गांव को बचाने के लिए बार बार आवाज उठायी जाती रही है। इसके बावजूद दिशा में किसी तरह की कार्रवाई नही होने से ग्रामीणों में निराशा की स्थिति व्याप्त हो चली है। बौराई भलूही नदी बरसात के दिनों में हर वर्ष बाढ़ से श्मशानी स्वरूप गांव को दे जाती है।

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  • Web Title:44/5000 bhaloohee ke kahar se pareshaan log dhoondh rahe aashiyaana Did you mean: भलुही के कहर से परेशान लोग ढूंढ रहे आशियाना People searching for troubled people