DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

नशे से प्रदूषित हो रहा सामाजिक वातावरण

नशे से प्रदूषित हो रहा सामाजिक वातावरण

नशा एक ऐसी बुराई है,जिससे इंसान का अनमोल जीवन असमय ही समाप्त हो जाता है। इसके सेवन से मनुष्य को शारीरिक,मानसिक और आर्थिक हानि पहुंचने के साथ ही सामाजिक वातावरण भी प्रदूषित होता है। उक्त बातें जंक्शन प्रबंधक लालबाबू राउत ने कही।

श्री राउत बुधवार को अन्तर्राष्ट्रीय नशा मुक्ति दिवस के मौके पर प्रजापिता बह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय द्वारा जंक्शन परिसर में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। रेल थानाध्यक्ष सुनील कुमार द्विवेदी ने कहा कि नशा करने वाले व्यक्ति को समाज में हेय दष्टि से देखा जाता है। उसकी समाज में उपादेयता शून्य हो जाती है। वह नशे से अपराध की ओर अग्रसर हो जाता है तथा समाज के लिये अभिशाप बन जाता है। स्थानीय केन्द्र संचालिका अबिता बहन के कहा कि नशे के सेवन से इंसान का सर्वनाश होता है और वह शिक्षा,सभ्यता,संस्कार और सामाजिक मर्यादा को तोड़कर अनुचित व्यवहार करने लगता है। कार्यक्रम में नकुल भाई, रामाकंात भाई,बच्चन भाई,कामेश्वर भाई,मालतीबहन,आभाबहन, विद्यावती बहनआदि ने भूमिका निभााई।

नि:शुल्क दवाओं का किया जा रहा है वितरण: अन्तर्राष्ट्रीय नशामुक्ति दिवस पर जंक्शन परिसर में प्रजापिता बह्माकुमारी द्वारा रेल यात्रियों के बीच नि:शुल्क दवाओं का वितरण भी किया जा रहा है। केन्द्र संचालिका अबिता बहन ने बताया कि संस्था द्वारा वितरित दवाओं से अभी तक कई लोगों को निजात पा चुके हैं।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:38/5000 nashe se pradooshit ho raha saamaajik vaataavaran Social environment being polluted by intoxication