
मतगणना: सबसे पहले पोस्टल बैलेट और फिर ईवीएम के मतों की होगी गिनती
संक्षेप: 14 नवंबर को सिन्हा कॉलेज में होगा मतगणना का कार्य, तैयारी पूरी, नगर भवन में प्रशिक्षण का हुआ आयोजन स स स स स स स स स सस स स
औरंगाबाद के कलेक्ट्रेट स्थित अनुग्रह नारायण नगर भवन में मंगलवार को मतगणना में लगने वाले कर्मियों के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कई सत्रों में प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित हुआ, जिसमें 965 कर्मियों ने हिस्सा लिया। मतगणना माइक्रो आब्जर्वर, मतगणना पर्यवेक्षक, मतगणना सहायक का प्रथम प्रशिक्षण यहां आयोजित हुआ। प्रशिक्षण में शामिल कर्मियों को बताया गया कि निर्धारित 14 नवंबर को मतगणना का कार्य सच्चिदानंद सिन्हा कॉलेज में होना है जहां छह विधानसभा के लिए अलग-अलग मतगणना कक्ष बनाए गए हैं। सुबह 8 बजे से पोस्टल बैलेट और उसके बाद ईवीएम के मतों की गिनती शुरू होगी। मतगणना के लिए प्रत्येक विधानसभा में ईवीएम की गणना के लिए 14 टेबल और एक सहायक निर्वाचित पदाधिकारी का टेबल अर्थात कुल 15 टेबल लगाए जाएंगे।

इलेक्ट्रॉनिक ट्रांसमिटेड बैलट पेपर एवं पोस्ट बैलेट की मतगणना भी विधानसभा वार इसी परिसर में होगी। इसके लिए प्रत्येक विधानसभा में अलग-अलग हॉल में टेबल लगाया जाएगा। मतगणना अभिकर्ता की नियुक्ति के बारे में भी जानकारी दी गई। पोस्टल बैलट की गिनती के लिए प्रस्तावित 10 टेबल के लिए कुल 10 तथा इलेक्ट्रॉनिक ट्रांसमिटेड बैलट पेपर की निगरानी के लिए एक गणना अभिकर्ता की नियुक्ति भी की जा सकती है। मुख्य मास्टर प्रशिक्षक राजकुमार प्रसाद गुप्ता ने कहा कि मतगणना सुपरवाइजर, सहायक माइक्रो आब्जर्वर सुबह 5 बजे से 6 बजे तक मतगणना स्थल पर निश्चित रूप से योगदान दे देंगे और उसके बाद आवंटित मतगणना पक्ष के निर्धारित टेबल पर पहुंच जाएंगे। ईवीएम से मतगणना के लिए टेबल पर तीन लोग रहेंगे जिसमें एक सुपरवाइजर, एक सहायक तथा एक माइक्रो आब्जर्वर होंगे। मतगणना की पूरी प्रक्रिया से सभी लोगों को अवगत कराया गया। प्रत्येक राउंड में किस तरीके से कंट्रोल यूनिट को बाहर निकलना है और किस तरीके से उसकी रिसीलिंग करवानी है, इसके बारे में भी बताया गया। स्पेशल टैग की सील को किसी भी परिस्थिति में नहीं खोलने के बारे में बताया गया। इसके अलावा सीयू का स्विच ऑन करने, उस पर आने वाली जानकारी को अंकित करने और उसे मतदान एजेंट को दिखाने के बारे में भी बताया गया। प्रशिक्षण देने वालों में मुख्य मास्टर प्रशिक्षक राजकुमार प्रसाद गुप्ता, प्रशिक्षण कोषांग के सहयोगी मास्टर प्रशिक्षक सैयद मोहम्मद दायम, कुंदन कुमार ठाकुर, शशिधर सिंह, अभय नारायण, पियूष आनंद, अबू आला हयात, अजीत कुमार, अमित भास्कर उपस्थित थे। इन मामलों में रद्द हो जाएगा पोस्टल बैलेट पोस्टल बैलट में गिनती के दौरान किन चीजों का ध्यान रखना है, इसके बारे में भी जानकारी दी गई। किस परिस्थिति में मत को वैध और अवैध माना जाएगा, उसके बारे में भी बताया गया। कहा गया कि यदि कोई वोट लेखन के अलावा निशान होता है जिससे मतदाता की पहचान की जा सकती है तो उस वोट को रद्द कर दिया जाएगा। किसी प्रत्याशी को वोट नहीं दिया गया हो, एक से अधिक उम्मीदवारों के पक्ष में वोट दे दिया गया हो, निशान इस तरह से लगाया गया हो कि संदेह उत्पन्न हो कि वोट किस उम्मीदवार को दिया गया है, यदि वह नकली मत पत्र हो, मत पत्र क्षतिग्रस्त या संदेह हो कि असली है या नहीं, रिटर्निंग ऑफिसर द्वारा मतदाता को भेजे गए लिफाफे में वापस नहीं किया गया हो जैसे मामलों में पोस्टल बैलेट को रद्द किया जाएगा। प्रत्येक विधानसभा में पांच मतदान केन्द्रों के वीवीपैट की पर्ची का होगा सत्यापन प्रत्येक विधानसभा के लिए पांच मतदान केन्द्रों की वीवीपैट पर्ची का सत्यापन ईवीएम में दर्ज मतों की गणना के अंतिम दौर के पूरा होने के बाद किया जाएगा। इसका चयन रिटर्निंग अधिकारी के द्वारा उम्मीदवार, उनके एजेंट तथा उस निर्वाचन क्षेत्र के लिए आयोग द्वारा नियुक्त सामान्य प्रेक्षक की उपस्थिति में लॉटरी द्वारा होगा। इस पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी भी होगी। औरंगाबाद जिले में कुल 2279 मतदान केंद्र हैं जिसके लिए मतगणना होगी। बताया गया कि यदि पोस्टल बैलेट की गिनती चल रही हो और अंतिम राउंड की गिनती होने वाली हो तो उसकी गिनती को रोक कर तब तक उसे पूर्ण नहीं किया जाएगा, जब तक कि पोस्टल बैलेट की गिनती का कार्य न हो जाए।

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