The robbery conspiracy was stolen in the shop - जेल में रची गई थी जेवर दुकान में डकैती की साजिश DA Image

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जेल में रची गई थी जेवर दुकान में डकैती की साजिश

जेल में रची गई थी जेवर दुकान में डकैती की साजिश

नगर थाना क्षेत्र के न्यू काजी मुहल्ला में 19 दिसंबर 2018 को दिलीप वर्मा की जेवर दुकान में डकैती की घटना में शामिल छह अपराधियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। इनके पास से लूटा गया सोना, नगद रुपए, हथियार आदि बरामद किए गए हैं। 
डकैती की यह योजना जेल में बनी थी जिसका उद्भेदन कर लिया गया है। 

इस संबंध में गुरुवार को एसपी डा. सत्यप्रकाश ने प्रेस वार्ता में बताया कि डकैती में शामिल झारखंड के पलामू जिला के हुसैनाबाद थाना के कंचनबांध गांव निवासी अशोक यादव, बक्सर जिला के सिक्टौल थाना के टेका पांडेयपुर गांव निवासी धीरज मिश्रा, औरंगाबाद के एनटीपीसी खैरा थाना के अंकोरहा गांव निवासी राकेश गिरी, अंकोरहा गांव निवासी राहुल यादव, डाल्टेनगंज थाना के भट्टी मुहल्ला निवासी सौरभ कुमार और माली थाना क्षेत्र के खम्भ गांव निवासी इंद्रजीत गिरी शामिल है। इनके पास से तीन नाइन एमएम पिस्टल, नौ जिंदा कारतूस, एक स्कॉर्पियो गाड़ी, 6 लाख 92 हजार रुपए, 875 ग्राम सोना बरामद किया गया है। 

एसपी ने बताया कि धीरज मिश्रा, राकेश गिरी और झारखंड के गढ़वा जिला के रूपेश ने इस डकैती की घटना में मास्टरमाइंड की भूमिका निभाई। जेल में रहे धीरज मिश्रा और राकेश ने योजना बनाई और बाहर निकलने के बाद अन्य लोगों के साथ मिल कर घटना को अंजाम दिया। घटना से एक दिन पहले उक्त अपराधी नगर थाना के यमुना नगर मुहल्ला निवासी पूरन गिरी के घर पहुंचे और लूट की योजना बनाई। अगले दिन ये लोग बाइक से दुकान पर पहुंचे और घटना को अंजाम दिया। डकैती के बाद सभी लोग सनथुआ के रास्ते माली पहुंचे और वहां से अंकोरहा चले गए। इसके बाद दो अलग-अलग गाड़ियों से गिरोह के लोग रांची भाग निकले। रांची में ही कुछ सोना की बिक्री की और मिले पैसों से कुछ खरीदारी की। जिस व्यक्ति ने सोना बिकवाने में भूमिका अदा की, उससे मिले सुरागों के आधार पर पुलिस ने रांची पुलिस की मदद से छापेमारी की। रांची पुलिस ने रूपेश विश्वकर्मा को जेल भेज दिया है जिसके पास से एक कार्बाइन, दो लाख रुपए और अन्य सामान बरामद हुए थे। इस अवसर पर एसडीपीओ अनूप कुमार उपस्थित थे। 

लग्जरी लाइफ जीते हैं अपराधी
डकैती की घटना का उद्भेदन होने के साथ ही इसका भी खुलासा हुआ कि अपराधी लूट के पैसों से लग्जरी लाइफ जीते हैं। एसडीपीओ अनूप कुमार ने बताया कि गिरफ्तार अपराधियों में ज्यादातर ने ब्रांडेड जूते खरीदे थे जिनकी कीमत चार हजार रुपए तक है। इसके अलावा महंगे जैकेट और कपडे़ लूट के पैसों से ही खरीदे गए थे। बताया कि इनलोगों ने इसी पैसे से स्कार्पियो का एस-11 मॉडल खरीदा जो लगभग 18 लाख रुपए की है। इसके अलावा ब्रांडेंड बैग भी इनके द्वारा खरीदे गए। 

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